Connect with us

Haryana

अभिभावकों को बाल्यावस्था में बच्चों के साथ बेहतर संवाद करना चाहिए स्थापित- मलिक

सत्यखबर, नरवाना (सन्दीप श्योरान) :- कोई भी इंसान पैदायशी बुरा या अच्छा नहीं होता, बढ़ती उम्र के साथ-साथ घरेलू व सामाजिक वातावरण महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। जिस वातावरण में सकारात्मक चीजें, व्यवहार या बातें होंगी निश्चित रूप से ऐसे बच्चों का व्यक्तित्व लोगों के लिए मददगार व सामाजिक सहयोगभाव भरा होगा। इसलिए माता-पिता, अभिभावकों व […]

Published

on

सत्यखबर, नरवाना (सन्दीप श्योरान) :-
कोई भी इंसान पैदायशी बुरा या अच्छा नहीं होता, बढ़ती उम्र के साथ-साथ घरेलू व सामाजिक वातावरण महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। जिस वातावरण में सकारात्मक चीजें, व्यवहार या बातें होंगी निश्चित रूप से ऐसे बच्चों का व्यक्तित्व लोगों के लिए मददगार व सामाजिक सहयोगभाव भरा होगा। इसलिए माता-पिता, अभिभावकों व आम जनमानस विशेष तौर से शिक्षण संस्थाओं व शिक्षक वर्ग को शिक्षा के क्षेत्र में ऐसे वातावरण का निर्माण करना होगा जिससे बच्चों के बीच किसी तरह की दूरी ना रहे। यह बात जिला बाल कल्याण अधिकारी अनिल मलिक ने बड़ौदा के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में कही। उन्होंने कहा कि दो या दो से अधिक व्यक्तियों में आपसी बातचीत को संवाद कहते है और बेहतर संवाद वो होता है जब दोनों एक-दूसरे की बात अच्छे से समझें। इसलिए माता-पिता को बाल्यावस्था से ही बच्चों के साथ एक बेहतर समझ व संवाद कायम करना चाहिए। बचपन से ही बच्चों को भाषा का ज्ञान, व्यवहारिक मूल्यों की शिक्षा देते रहना चाहिए तथा प्रियवाणी व व्यवहार की सरलता भी सिखाएं। इस अवसर पर प्राचार्या सरोज श्योकन्द, अंकित देसवाल, नरेन्द्र कुमार व सोहन भी उपस्थित रहे।
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *