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Haryana

अवशेष जलाने से घटती भूमि की उर्वरा शक्ति: गुप्ता

निसिंग, सोहन गांव अमूपुर में उपकृषि निदेशक आदित्य डबास उपमंडलकृषि अधिकारी डा. सुनील बजाड के परामर्शानुसारआत्मा उपक्रम के तहत किसान वैज्ञानिक वार्ता शिविर का आयोजन किया गया। जिसकी अध्यक्षता बीएओ डा. महेंद्र संधू ने की। मुख्य रूप से पहुंचे कृषि विशेषज्ञ डा. विरेंद्र सिंह ने धान को नुकसान पहुंचाने वाले विभिन्न कीट पतंगों एवं उनकी रोकथाम […]

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निसिंग, सोहन
गांव अमूपुर में उपकृषि निदेशक आदित्य डबास उपमंडलकृषि अधिकारी डा. सुनील बजाड के परामर्शानुसारआत्मा उपक्रम के तहत किसान वैज्ञानिक वार्ता शिविर का आयोजन किया गया। जिसकी अध्यक्षता बीएओ डा. महेंद्र संधू ने की। मुख्य रूप से पहुंचे कृषि विशेषज्ञ डा. विरेंद्र सिंह ने धान को नुकसान पहुंचाने वाले विभिन्न कीट पतंगों एवं उनकी रोकथाम की जानकारी दी। उन्होने किसान शत्रु कीटों के नियंत्रण करने के उपाय बताए। उन्होंने कहा कि किसान फसलों में एक दूसरे की देखम देख बिना बीमारियों के फसल में छिउक़ाव न करें। इससे आर्थिक नुकसान के साथ साथ पर्यावरण भी प्रदूषित होता है। फसल में बीमारी के लक्षण दिखने पर तुंरत कृषि अधिकारियों के परामर्शानुसार छिडक़ाव करें। दुकानदार की सलाह से दवाईयों का इस्तेमाल नही करें। वह अक्सर जरूरत से अधिक दवाईयां दे सकता है। डा. राधेश्याम गुप्ता ने किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन एवं खंड निसिंग में बनाई गई सीएचसी की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि खेतों में अवशेष जलाने से न केवल भूमि की उर्वरा शक्ति कमजोर होती है, बल्कि पर्यावरण भी प्रदूषित होता है। जबकि डा. दर्शन सिंह ने विभाग द्वारा किसानहित में चलाई जा रही योजनाओंसे अवगत करवाया। एआईएम शैलेंद्र व विकास कुमार ने भी जलसंरक्षण पर अपने विचार रखे।

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