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Haryana

आंगनबाड़ी में खाना बनाने वाली मदर ग्रुपस् की महिलाओं ने उपायुक्त कार्यालय पर किया जोरदार प्रदर्शन

सत्यखबर,सोनीपत(  संजीव कौशिक  ) आंगनबाड़ी में खाना बनाने वाली मदर ग्रुपस् की महिलाओं ने उपायुक्त कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन कर एक साल से रूका हुआ मेहनताना देने व मेहनताना बढ़ाने की मांग की। तहसीलदार ने महिलाओं का ज्ञापन लिया और जल्द से जल्द मेहनताना लेने का आश्वासन दिया महिलाओं ने कहा कि अगर मांगे पूरी […]

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सत्यखबर,सोनीपत(  संजीव कौशिक  )

आंगनबाड़ी में खाना बनाने वाली मदर ग्रुपस् की महिलाओं ने उपायुक्त कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन कर एक साल से रूका हुआ मेहनताना देने व मेहनताना बढ़ाने की मांग की। तहसीलदार ने महिलाओं का ज्ञापन लिया और जल्द से जल्द मेहनताना लेने का आश्वासन दिया महिलाओं ने कहा कि अगर मांगे पूरी नहीं होती तो महिलाएं बड़ी तादाद में इकट्ठा होकर 6 मई को  करनाल में मुख्यमंत्री आवास को घेरेंगी।   उक्त फैसला मदर ग्रुप की महिलाओं ने अपने जिला सम्मेलन में लिया सम्मेलन में नीति रामपूरा को जिला सचिव, सीमा थाना खूर्द को अध्यक्ष और सरजावती को कोषाध्यक्ष चुना गया परवीन बिधलान को सह सचिव और जगमति को उप प्रधान चुना गया सम्मेलन की अध्यक्षता सीमा ने की सम्मेलन का संचालन सचिव सरजावती ने किया आज सुबह विभिन्न गांवों की आंगनबाड़ी में खाना बनाने वाली मदर ग्रुपस् की महिलाएं अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति के तत्वाधान में स्थानीय पंचायत भवन में इक्ट्ठा हुई। महिलाओं को सम्बोधित करते हुए जनवादी महिला समिति की राज्य महासचिव सविता ने कहा कि पिछले 11 सालों से आंगनबाड़ी में खाना बनाने वाली मदर ग्रुप की महिलाओं की राज्य सरकार लगातार अनदेखी कर रही है। एक तरफ नई आर्थिक नीतियों की वजह से मंहगाई लगातार बढ़ रही है वहीं दुसरी तरफ आंगनबाड़ी में खाना बनाने वाली महिलाओं की मजदूरी लगातार घट रही है। जहां एक मजदूर की एक दिन की मजदुरी 500 रू0 है वहीं, आंगनबाड़ी में खाना बनाने वाली महिलाओं को पूरा महिना काम करने के बाद भी 300 रू0 मिलते हैं वो भी पिछले एक साल से नहीं मिले हैं। एक साल से महिलाएं अपने घर से आटा पिसाई, दलिया दलाई व ईंधन पर पैसे खर्च कर रही हैं। एडवांस में पैसे खर्च करके और दिन में 6-6 घण्टें काम करके भी महिलाएं अपना मामूली मेहनताना पाने के लिए दफ्तरों के चक्कर काट रही हैं। मंहगाई, बेरोजगारी ,गरीबी की वजह से महिलाएं कम से कम पैसे में ज्यादा से ज्यादा काम करने को मजबूर हो रही हैं। आंदोलन के दबाव में कांग्रेस की सरकार ने कुछ मेहनताना बढ़ाया था परन्तु अच्छे दिन का वादा करके सता में आने वाली भाजपा सरकार ने तानाशाही रूख अपनाते हुए पिछले दिनों आदेश जारी कर मदर ग्रुप की महिलाओं के काम के दिन घटा दिए। सप्ताह में तीन दिन हैल्पर व तीन दिन मदर ग्रुप की महिलाओं से खना बनवाया जा रहा है। इससे आंगनबाड़ी में खाना बनाने वाली मदर ग्रुप की महिलाओं का मेहनताना जस का जस हो गया है और हैल्पर पर भी वर्कलोड बढ़ रहा है। मदर ग्रुप की राज्य  सहसंयोजक  संतरो अहर ने कहा कि मेहनताना कम से कम तीन रूपये प्रति बच्चा व गर्भवती महिला किया जाए व पिछले रूका हुआ मेहनताना तुंरत प्रभाव से दिया जाए और मेहनताना हर महिने पारदर्शी तरीके से दिया जाए। तीन दिन हैल्पर व तीन दिन मदर ग्रुपस द्वारा खाना बनाने के आदेश को तुरंत वापिस लिया जाए। पूरा सप्ताह मदर ग्रुप को काम दिया जाए। राशन बनाने का सारा सामान ईधंन, गैस सिलेंडर, बर्तन व कच्चा माल (दलिया दलाई,आटा पिसाई) आदि का प्रबंध अलग से किया जाए  सम्मेलन को सीटू के जिला उपप्रधान चंद्रभान ने भी संबोधित किया सम्मेलन में 15 सदस्यीय कमेटी का चुनाव किया गया जिसमें कविता, गेंदावती,सुमित्रा, सोनिया,कौशल्या,शीला मुकेश,शयामो, सुदेश, मूर्ति,सुनेश,पूनम, यशवंती राजबाला, नीतू, मीना , शीला,  मंजू, वीरमति, कमलेश, सुशीला शीला को सदस्य चुना गया
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