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Haryana

ई पँचायत के विरोध में ब्लॉक समिति सदस्यों ने सरपंच के धरने को दिया समर्थन

सत्यखबर,उकलाना (अमित वर्मा)  ई-पंचायत के विरोध में प्रदेश भर में ग्राम पंचायतों में ग्राम सचिवों द्वारा धरने दिए जा रहे हैं और बीडीपीओ कार्यालय को ताले जड़े जा रहे हैं। इसी क्रम में उकलाना बीडीपीओ कार्यालय के सामने आज लगातार दूसरे दिन भी सरपंच व ग्राम सचिवों द्वारा अनिश्चितकालीन धरना जारी रखा गया।  धरने को समर्थन देने […]

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सत्यखबर,उकलाना (अमित वर्मा) 

ई-पंचायत के विरोध में प्रदेश भर में ग्राम पंचायतों में ग्राम सचिवों द्वारा धरने दिए जा रहे हैं और बीडीपीओ कार्यालय को ताले जड़े जा रहे हैं। इसी क्रम में उकलाना बीडीपीओ कार्यालय के सामने आज लगातार दूसरे दिन भी सरपंच व ग्राम सचिवों द्वारा अनिश्चितकालीन धरना जारी रखा गया।  धरने को समर्थन देने के लिए आज ब्लॉक समिति के सदस्य भी समर्थन देने पहुंचे।   सरपंच रमेश गोदारा ने कहा कि सरकार आधी अधूरी तैयारी के साथ ई-पंचायत लागू करने जा रही है। जिसे लेकर प्रदेश भर की पंचायतें विरोध कर रही हैं और जब तक सभी खामियों को दूर नहीं किया जाता तब तक ई-पंचायत लागू नहीं करने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि वे लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात को लेकर धरने पर बैठे हैं। लेकिन मुख्यमंत्री ने तानाशाही दिखाते हुए 9 ग्राम सचिवों को सस्पेंड कर दिया और ग्राम पंचायतों की आवाज को दबाने का कार्य किया है। जब तक सरकार उनकी मांगों को नहीं मानेगी तब तक धरना प्रदर्शन जारी रहेंगे और सोमवार से भूख हड़ताल शुरू की जाएगी।  ब्लॉक समिति सदस्य सुरेंद्र लितानी ने कहा कि ग्राम पंचायत ग्राम सचिवों के समर्थन में ब्लॉक समिति और सोमवार से ब्लॉक समिति सदस्य भी ग्राम सचिव व पंचायतों के साथ अनिश्चितकालीन धरने पर के साथ ही भूख हड़ताल पर बैठेंगे और सरकार को ग्राम पंचायत में ग्राम सचिवों की मांगें मानने के लिए मजबूर किया जाएगा। अगर फिर भी मुख्यमंत्री ने तानाशाही रवैया अपनाए रखा तो रोड जाम करने से भी पीछे नहीं हटेंगे। मुख्यमंत्री ने लोकतांत्रिक तरीके प्रदर्शन कर रही पंचायतों को अपमानित करने का कार्य किया है। जिसे किसी भी स्तर पर सहन नहीं किया जाएगा । ग्राम सचिव शमशेर सिंह ने कहा कि ग्राम सरपंच व ग्राम सचिवों का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से ई पंचायत को लेकर बातचीत करने के लिए गया था। लेकिन मुख्यमंत्री ने तानाशाही रवैया अपनाते हुए 9 ग्राम सचिवों को सस्पेंड कर दिया। जिससे सभी ग्राम पंचायतों में भारी रोष है। उनकी मांग है कि सस्पेंड किए गए सभी सचिवों को बहाल किया जाए और जब तक पूरी तैयारी नहीं की जाती तब तक ही ई पंचायत पर रोक लगाई जाए। अगर सरकार ने उनकी मांगों को नहीं माना तो सोमवार से सभी ग्राम सचिव भूख हड़ताल पर बैठेंगे और अपना अनिश्चितकालीन धरना जारी रखेंगे।