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Haryana

ई-पंचायत प्रणाली को लेकर प्रदेश के सरपंच आज मुख्यमंत्री आवास पर देंगे धरना

सत्यखबर,सतनाली मंडी (मुन्ना लाम्बा) सतनाली ब्लॉक के सरपंच व ग्राम सचिवों की बैठक का आयोजन सरपंच एसोसिएशन सतनाली प्रधान सरपंच कृष्ण तंवर नांवा की अध्यक्षता में किया गया। बैठक में सभी सरपंचों व ग्राम सचिवों ने एकत्रित होकर बुधवार २८ मार्च को मुख्यमंत्री आवास पर धरना देने हेतु रणनीति तैयार की। बैठक में सरकार से […]

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सत्यखबर,सतनाली मंडी (मुन्ना लाम्बा)

सतनाली ब्लॉक के सरपंच व ग्राम सचिवों की बैठक का आयोजन सरपंच एसोसिएशन सतनाली प्रधान सरपंच कृष्ण तंवर नांवा की अध्यक्षता में किया गया। बैठक में सभी सरपंचों व ग्राम सचिवों ने एकत्रित होकर बुधवार २८ मार्च को मुख्यमंत्री आवास पर धरना देने हेतु रणनीति तैयार की। बैठक में सरकार से ई-पंचायत प्रणाली को वापस कर पंचायत एक्ट १९९४ के तहत कार्य प्रणाली को बहाल करे करने की मांग की गई। इस अवसर पर प्रधान कृष्ण तंवर ने बताया कि हम सरकार से ई-पंचायत प्रणाली ग्राम विकास में बाधक है इसलिए इसे खारिज करना, ग्राम सचिवों की शैक्षणिक योग्यता स्नात्क करना व वेतनमान पटवारी के समान ग्रेड पर निर्धारित करना, सांसदों व विधायकों की तर्ज पर पंचों व सरपंचों का मानदेय बढ़ाना, पेंशन, यात्रा व दैनिक भत्ता निर्धारित करना, वाहन भत्ता २० से बढ़ाकर ५००० रूपये करना, गांवों में सर्वे करवाकर गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों के बीपीएल कार्ड बनवाना, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत विस्तृत शहरों की तर्ज पर गांवों में जरूरतमंदों व गरीबों को पक्के मकान मुहैया करवाना, गांवों में मूलभूत सुविधाओं एवं विकास कार्यों के लिए पर्याप्त वित उपलब्ध करवाना, ग्रामीणों के लाभ हेतु ग्राम स्तर पर ग्राम सचिवालय बनवाना आदि मांगों को लेकर आज मुख्यमंत्री आवास पर संपूर्ण प्रदेश के पंच, सरपंच, ग्राम सचिवों द्वारा धरना दिया जाएगा। सरपंच एसोसिएशन उपप्रधान सरपंच राजवीर सुरेहती पिलानियां ने कहा कि ग्रामीण आंचल में ई-पंचायत प्रणाली लागू करना गलत है। ग्राम पंचायतों के पास प्रणाली के लिए कोई सुविधा नहीं है और यदि सुविधा जुटा ली जाए तो नेटवर्क की समस्या हमेशा रहती है। ग्राम सचिवों के लिए ई-पंचायत प्रणाली के तहत कार्य करना कठिन है क्योंकि उन्हें इसके बारे में कोई जानकारी ही नहीं है तथा इस प्रणाली के तहत कार्य करने के लिए ऑप्रेटर रखना ग्राम सरपंचों के लिए संभव नहीं है। इसलिए ई-पंचायत प्रणाली गांवों में विकास कार्यों के लिए बाधक है। पंरतु फिर भी सरकार द्वारा अगर इस प्रणाली को लागू किया जाता है तो यह विकास के लिए खतरा है। इस अवसर पर सरपंच बजरंग शेखावत ढाणा, महेंद्र सुरेहती मोडियाना, रवि शेखावत जड़वा, दयाचंद बारड़ा, धर्मवीर जवाहरनगर, महीपाल तंवर डिगरोता, बलबीर ढाणी कुम्हारान, सरपंच प्रतिनिधि ढिल्लु सतनाली, ग्राम सचिव अमित पुनियां, हीरालाल आदि मौजूद थे।