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Haryana

ई याचिका डालने के लिए 15 दिन का समय:अंतर जिला तबादला मामले में हाईकोर्ट में जेबीटी का केस डिस्पाेस ऑफ

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सत्य खबर

अंबाला: जेबीटी के अंतर जिला तबादला मामले में हाईकाेर्ट ने केस काे डिस्पाेस ऑफ कर दिया। अब काेर्ट ने जेबीटी काे नई याचिका डालने के लिए 15 दिन का समय दिया है। सरकार ने नवंबर 2020 में 11 साल से तबादले के इंतजार में बैठे 2544 जेबीटी के अंतर जिला तबादला आदेश लागू किए थे। अम्बाला में 185 जेबीटी काे रिलीव किया गया था। इनमें से करीब 100 जेबीटी ने जाॅइन नहीं किया था।

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गृह जिला तबादला संघ के राज्य प्रधान अशाेक आर्य ने बताया कि इसके बाद सरकार ने 27 नवंबर काे जेबीटी काे दाेबारा पुराने स्कूलाें में जाॅइन करने के आदेश दिए थे, जिसके खिलाफ जेबीटी काेर्ट में चले गए थे। उनका कहना था कि उनकाे रिलीव हुए 15 दिन हाे गए हैं। वह बच्चाें काे नए स्कूलाें में दाखिला करवा चुके हैं।

काेराेनाकाल में अब वापस नहीं जा सकते। जेबीटी की 14-15 नवंबर काे रिलीविंग हुई थी। 27 नवंबर तक प्रदेश के 1132 जेबीटी ने जाॅइन कर लिया था, जबकि1204 काेर्ट में चले गए थे। वहीं, इस दाैरान जेबीटी रविंद्र कुमार अलग से काेर्ट में गए थे। उन्हाेंने सरकार द्वारा 15 नवंबर काे इम्प्लीमेंट की सूची काे गलत करार दिया था। इसके बाद 17 दिसंबर काे जेबीटी के मामले काे काेर्ट ने डिस्पाेस ऑफ कर दिए थे। काेर्ट ने कहा था कि जेबीटी अपने मामले काे रविंद्र के साथ अटैच करें। 18 जनवरी काे काेर्ट ने रविंद्र की अपील भी डिस्पाेस ऑफ कर दी।

जेबीटी काे नहीं मिला नवंबर-दिसंबर का वेतन

राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला प्रधान अमित छाबड़ा ने कहा कि जिन जेबीटी ने दाेबारा पुराने स्टेशन पर जाॅइन नहीं किया था, उनकाे अभी तक नवंबर, दिसंबर का वेतन नहीं मिला है। वह अधर में लटक गए हैं, जबकि कुछ ऐसे भी जेबीटी हैं, जिन्हाेंने जाॅइन कर लिया है, मगर उनकाे भी वेतन मिला। उनकी सरकार से मांग है कि विभाग द्वारा ऐसे आदेश जारी किए जाएं ताकि जेबीटी काे वेतन मिलने में राहत मिल सके।

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