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कुमारी सैलजा : अभय चौटाला इस्तीफा देने की बजाय सदन में लोगों की आवाज को उठाना चाहिए था

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सत्यखबर

कु. सैलजा ने कहा कि राहुल गांधी ने सबसे पहले इन तीनों कृषि कानूनों के बारे में कहा था। सबसे पहले आवाज राहुल गांधी ने उठाई थी और कहा था कि ये कानून देश हित में नहीं है, अन्नदाता के हित में नहीं है। वे लगातार पंजाब, हरियाणा, राजस्थान में किसानों के बीच रहे हैं, ट्रैक्टर यात्रा की है। हमारा फर्ज है किसानों की आवाज उठाना।

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किसान कल्पना नहीं कर सकते थे कि उन पर ऐसे कानून थोप दिये जाएंगे। कौन सी ऐसी इमरजेंसी थी, बिना किसी संगठन से बात किए ऐसे कानून बना दिये। आज जो गतिरोध बना है ये सरकार के कारण बना है। यह बात कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष कु. सैलजा ने रविवार को सिरसा की कालांवाली मंडी में आयोजित किसान पंचायत के दौरान मीडिया कर्मियों को संबोधित करते हुए कही।

उन्होंने कहा कि पिछले दिनों भी 26 जनवरी या उसके बाद की परिस्थित‍ि को संवेदनहीनता से हैंडल किया गया, इसके लिए सरकार कटघरे में खड़ी है। सरकार आगे बढ़ना नहीं चाहती है। उन्हाेंने कहा कि जब आप कह सकते हो कि इतने दिनों के लिए कानून स्थगित किए जा रहे हैं। तो सरकार को बड़ा दिल दिखाना चाहिए और इन कानूनों को खत्म कर देना चाहिए।

अजय सिंह के दुष्यंत चौटाला के इस्तीफे के संबंध में बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि कानून रद तो ये पहले ही करवा सकते थे। बात इस्तीफे की नहीं है। जब ये कानून बना या अध्यादेश आए तब आप कहां खड़े थे। असली बात तो ये है कि आप किसनों के साथ है अथवा सरकार या अध्यादेश के साथ हैं। बता दें कि इस दिन पहले ही अजय चौटाला ने कहा था कि अगर दुष्‍यंत चौटाला के इस्‍तीफा देने से कृषि कानूनों का समाधान होता हो तो मैं अभी इस्‍तीफा दिलवा देता हूं। दुष्‍यंत का इस्‍तीफा मेरी जेब में है।

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