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केंद्र सरकार को नई पॉलिसी लाकर तीन नए अध्यादेश को तुरंत प्रभाव से वापस लेना चाहिए – बजरंग गर्ग

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सत्यखबर चण्डीगढ़

हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के प्रांतीय अध्यक्ष व अखिल भारतीय व्यापार मंडल के राष्ट्रीय महासचिव बजरंग गर्ग ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा तीन अध्यादेश के विरोध में किसान बचाओ मंडी बचाओ रैली 10 सितंबर को पीपली में होगी। व्यापार मंडल उसका खुला समर्थन करता है। प्रांतीय अध्यक्ष बजरंग गर्ग ने कहा कि केंद्र सरकार के तीनों अध्यादेश पूरी तरह से किसान, आढ़ती, मजदूर विरोधी है। जिसे सहन नहीं किया जाएगा। इन तीनों अध्यादेश से देश व प्रदेश का किसान व व्यापारी बर्बाद हो जाएगा।

सरकार को तुरंत प्रभाव से यह तीनों अध्यादेश को किसान, व्यापारी व मजदूरों के हित में वापस लेने चाहिए। गर्ग ने कहा कि हरियाणा सरकार ने मंडिया बर्बाद करने के लिए प्राइवेट कंपनियों को हरियाणा में कहीं भी मंडिया बनाने का कानून बनाना सरासर गलत है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने जो अध्यादेश जारी किए हैं, उसमें कहीं भी नहीं लिखा की प्राइवेट कंपनी किसान की फसल एमएसपी से कम दामों में नहीं खरीदेगी। इससे साफ साबित होता है कि केंद्र सरकार फसल एमएसपी पर खरीदने का कानून खत्म करना चाहती है।

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प्रांतीय अध्यक्ष बजरंग गर्ग ने कहा की केंद्र सरकार के तीन नए अध्यादेश के हिसाब से बड़ी-बड़ी कंपनियां एडवांस में ही किसान की फसल खेतों में ही खरीद करने की नियम बनाने व मंडियों में फसल बिकने पर मार्केट फीस लगाने व मंडियों के बाहर फसल बिकने पर मार्केट फीस माफ करने के कानून से तो किसान को अपनी फसल के पूरे दाम नहीं मिलेंगे और मंडियों में फसल नहीं बिकेगी तो मंडिया बंद हो जाएगी। केंद्र सरकार को इस फैसले से देश व प्रदेश के किसान व आढ़तियों को बड़ा भारी नुकसान होगा। जबकि केंद्र व प्रदेश सरकार की गलत नीतियों से किसान व व्यापारी लूट पीट रहा है और आज देश की अर्थव्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है।

जिसके कारण आज देश में लाखों लोग बेरोजगार हो गए हैं। जबकि देश का किसान अन्नदाता है और व्यापारी देश की रीड की हड्डी है। सरकार को ऐसा कोई फैसला नहीं लेना चाहिए जो देश व प्रदेश के किसान, व्यापारी व आम जनता के खिलाफ हो। जबकि केंद्र सरकार के नए तीनों अध्यादेश से देश का अन्नदाता बर्बादी की कगार पर आ जाएगा। जबकि देश का किसान आज भी भारी नुकसान के कारण जगह-जगह आत्महत्या कर रहे हैं। सरकार को देश के किसान व व्यापारियों के हित में नए पॉलिसी बनाकर तीनों अध्यादेश को तुरंत वापस लेना चाहिए।