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Haryana

गांव सच्चाखेड़ा के सरकारी स्कूल में अध्यापिकाओं की आपसी लड़ाई में बच्चों की पढ़ाई हो रही है प्र्रभावित

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सत्यसखबर, नरवाना (सन्दीप श्योरान) :-

गांव सच्चाखेड़ा के राजकीय कन्या उच्च विद्यालय में अध्यापिकाओं की आपसी लड़ाई पिछले काफी समय से चलती आ रही है, जिससे छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और उनका भविष्य दांव पर लगता नजर आ रहा है। अध्यापिकाओं की आपसी लड़ाई से तंग आकर छात्राओं में स्कूल स्टाफ के प्रति काफी रोष है और उन्होंने प्रशासन से तबादला करवाने की मांग की है। छात्राओं नैंसी, प्रिया, प्रीति, ईशु, अंजली, पायल, मनीषा, संजना, नेहा, कोमल, मीनाक्षी आदि छात्राओं का कहना है कि स्कूल की 4 अध्यापिकाएं माहौल खराब कर रही हैं, क्योंकि स्कूल मेें वैसे ही स्टाफ की कमी हैं, लेकिन जो अध्यापक उनको पढ़ाना चाहता है, उनको पढ़ाने नहीं देती। उन्होंने बताया कि उनके पास कम्प्यूटर का विषय है, लेकिन उनको कभी भी कम्प्यूटर सिखाया नहीं जाता, बल्कि कह दिया जाता है कि कम्प्यूटर खराब हैं। उन्होंने कहा कि अध्यापिकाएं छात्राओं की पढ़ाने की बजाय कपड़े सीलती रहती हैं, जिससे उनका विषय कमजोर रह जाता है। इससे उनके नंबर कम आते हैं। उन्होंने बताया कि स्कूल में माली होते हुए भी उनसे पेड़ पर चढ़कर कटाई-छंटाई करवाई जाती है। यही नहीं उनसे झूठे बर्तनों व कमरों की सफाई करवाई जाती हैं। उन्होंने कहा कि जब कभी भी वे पढ़ाई से संबंधित शिकायत करती हैं, तो उनको मारा-पीटा जाता है। उन्होंने कहा कि स्कूल में अध्यापकों के 2 गुट बने हुए हैं, जो आए दिन किसी न किसी बात पर लड़ते रहते हैं। इससे वे कक्षा भी नहीं लेते और उनकी पढ़ाई पर असर पढ़ता है। उन्होंने कहा कि स्कूल में गरीब परिवारों की लड़कियां आती हैं, लेकिन उनको ठीक ढंग से नहीं पढ़ाया जाता। उन्होंने कहा कि अगर स्कूल स्टाफ का तबादला नहीं किया गया, तो वे उच्च अधिकारियों को शिकायत करेंगी और सीएम विंडो में भी शिकायत भेजेंगी।

अभिभावकों ने लगाया पढ़ाई न करवाने का आरोप
अभिभावकों पाला, रणधीर, पवन, राजेश, दलबीर, राजेश, सुशील आदि का कहना है कि छात्राओं से पढ़ाई करवाने की बजाय स्कूल के अन्य कार्य करवाये जाते हैं। जिससे उनके विषय में कम अंक आते हैं। जब छात्राएं शिकायत करने की बात कह देती हैं, तो उनको धूप में खड़ा करके डंडो से पीटने से डराया जाता है। यही कारण छात्राएं अध्यापिकाओं से डरकर खुलकर बात नहीं कह पाती और वे पढ़ाई में पिछड़ जाती हैं। उन्होंने कहा कि स्कूल स्टाफ को तुरंत बदला जाये, ताकि बच्चों की पढ़ाई आगे प्रभावित न हो।

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