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ग्रामीण आँचल में स्थापित की जाएं छोटी-छोटी गौशालाएं – श्रवण गर्ग

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सत्यखबर सफीदों

वर्तमान दौर में ग्रामीण आँचल के अंदर छोटी-छोटी गौशालाएं स्थापित किए जाने की आवश्यकता है ताकि बेसहारा गौवंश को गांव स्तर पर सहारा दिया जा सके। यह बात हरियाणा गौसेवा आयोग के चेयरमैन श्रवण गर्ग ने कही। वे रविवार को उपमंडल के गांव खेड़ा खेमावती में ग्रामीणों को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर ग्राम सरपंच सुशील कुमार, नंबरदार राम सिंह, समाजसेवी महेंद्र सिंह, गौशाला एसोसिएशन सफीदों प्रधान शिवचरण कंसल, नरेश कुमार, जोगेंद्र बीरवाल, डा. राजेंद्रपाल, लख्मीचन्द बीरवाल, सतीश मंगला, लिछमन, यशपाल कंचन व धर्मबीर समेत अनेक गण्यमान्य लोगों ने चेयरमैन श्रवण गर्ग का जोरदार अभिनंदन किया।

अपने संबोधन में श्रवण गर्ग ने कहा कि गौवंश के संवर्धन एवं विकास में हरियाणा सरकार व गौसेवा आयोग निरंतर कार्य कर रहा है लेकिन इस पुनित कार्य में संपूर्ण समाज के सहयोग की भी आवश्यकता है। आज सबसे बड़ी समस्या सडक़ों पर फिर रहे बेसहारा गौवंश की है। नि:संदेह इस बेसहारा गौवंश के कारण लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। इस गौवंश को सहारा देने के लिए सरकार के सहयोग से गौसेवा सेवा आयोग, गौशालाएं व नंदीशालाए कार्य कर रही है।

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आज सबसे बड़ी आवश्यकता यह है कि हर गांव में छोटी-छोटी गौशालाएं खोली जाए और इन गौशालाओं में केवल उस गांव का ही बेसहारा गौवंश रखा जाए। इससे सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि गौवंश सडक़ों पर नहीं रहेगा। अगर यह गौवंश सडक़ों पर नहीं होगा तो दुर्घटनाएं भी कम होंगी तथा किसानों के खेतों में भी ये पशु नुकसान नहीं पहुंचा पाएंगे।

ग्रामीण स्तर पर स्थापित की जाने वाली गौशालाओं में गौवंश के रखरखाव व अन्य कार्यों के लिए गौसेवा आयोग की तरफ से अनुदान भी प्रदान किया जाएगा। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे हर रोज अपने घर से खाने का सामान व कुछ ना कुछ धनराशी गौवंश के लिए निकालना सुनिश्चित करें, निश्चित तौर पर उन्हे गौमाता का आशीर्वाद प्राप्त होगा क्योंकि गाय में 33 करोड़ देवी-देवता निवास करते हैं।