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घूमने वालों के लिए अच्छी खबर, अब घाटियों में भी फर्राटा भरेंगी फ्लाईटस हवाई मार्ग से लद्दाख पहुंचेगें

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सत्यखबर, नई दिल्ली

घूमने के शौकीन लोगों के लिए लद्दाख एक परफेक्ट डेस्टिनेशन माना जाता है। वीकेंड्स पर पहाड़ घूमने का मन हो तो दिल्ली से लोग उत्तराखंड निकल लेते हैं। लद्दाख जाना चाहें भी तो 2 दिन में घूमकर आना मुश्किल होगा। लेकिन फ्लाइट से जाएं तो बहुत समय बच सकता है। ऐसे में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी हवाई संपर्क योजना न केवल लद्दाख के लोगों के लिए बल्कि पर्यटकों के लिए भी बहुत फायदेमंद साबित होगी।

 

केंद्र सरकार ने हाल ही में इसे मंजूरी दी है। उम्मीद है कि आने वाले दिनों में लद्दाख के सभी क्षेत्र जल्द ही हवाई मार्ग से जुड़ जाएंगे। हवाई संपर्क बढ़ाने के लिए सरकार केंद्रशासित प्रदेश लद्दाख में चार नए हवाई अड्डे और 37 हेलीपैड बनाने की योजना बना रही है। लद्दाख क्षेत्र की 6 घाटियों को भी हवाई पट्टियों से जोड़ा जाएगा। इनमें से कई हवाई पट्टियों के इसी साल के अंत तक चालू होने की संभावना है। बता दें कि मौजूदा समय में लेह और कारगिल में ही एयरस्ट्रिप है।


केंद्र सरकार ने लद्दाख के डेवलपमेंट के लिए बनाई गई योजना पर काम तेजी से शुरू कर दिया है। सबसे पहले लद्दाख के सभी इलाकों को जल्द ही हवाई रूट से जोड़ा जाना है। वैसे तो लद्दाख पहले से ही हवाई मार्ग से जुड़ा है। लेकिन अब केंद्र सरकार ने जिस महत्वाकांक्षी योजना को मंजूरी दी है। उसके मुताबिक लेह और कारगिल में उन्नत तकनीक के 37 हेलीपैड बनाने का लक्ष्य है।

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इनमें से 7 हेलीपैड लेह में और 30 हेलीपैड कारगिल में होंगे। लद्दाख के डेमचोक, लिंगशेक, चुशूल इलाकों में 6 हवाई पट्टियों का निर्माण किया जाना है। कारगिल में अभी तक हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल सिर्फ भारतीय वायु सेना करती है और अब तक नागरिक संचालन शुरू करने के लिए अनुमोदन प्राप्त नहीं हुआ है।
हालांकि लद्दाख रीजन में 8 हेलीपैड हैं, जिनमें 5 लेह में और 3 कारगिल में हैं। इनका मॉडर्नाइजेशन किया जाना है। सरकार ने अब कारगिल क्षेत्र में एक वैकल्पिक नागरिक हवाई अड्डे के लिए भूमि की पहचान की है। इसके अलावा 29 नए आधुनिक हेलीपैड बनाए जाएंगे। जिसमें से 2 लेह में और 27 कारगिल में होंगे। इस तरह लद्दाख रीजन में 37 अत्याधुनिक हेलीपैड हो जाएंगे।


वहीं लेह की 3 हवाई पट्टियों पर काम शुरू कर दिया गया है, जबकि लद्दाख की तीन और घाटियों में भी जल्द ही हवाई पट्टी बनाने का काम शुरू कर दिया जाएगा। ज्यादातर बनने वाले नए हेलीपैड भारत-चीन सीमा के पास हैं। इसलिए किसी भी आपातकालीन जरूरत जैसे प्राकृतिक आपदा या स्थानीय नागरिकों की मेडिकल इमरजेंसी को पूरा करने के लिए ये हेलीपैड बेहद अहम कड़ी साबित होंगे।
दूसरी तरफ सरकार ने पहले ही चार नए हवाई अड्डों के लिए भूमि की पहचान कर ली है। जहां बड़े विमान उतारे जा सकेंगे। इसके अलावा सरकार लेह शहर के लिए एक वैकल्पिक हवाई क्षेत्र और जंस्कर घाटी से सीधे जुडऩे की योजना बना रही है। सरकार पैन्गोंग झील से जुड़े चांगटांग के पास भी एक हवाई अड्डा बनाने की योजना बना रही है। जहां पिछले साल चीन के साथ सीमा तनाव बढ़ गया था।

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