Connect with us

Haryana

देवी अपराजिता की पूजा करके किया जाता है शस्त्र पूजन – विजयपाल सिंह

Published

on

सत्यखबर सफीदों (महाबीर मित्तल) – नगर के रामलीला मैदान में आयोजित दशहरा समारोह में बतौर मुख्यातिथि हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के सदस्य एडवोकेट विजयपाल सिंह, निवर्तमान विधायक जसबीर देशवाल व पालिका प्रधान सेवाराम सैनी ने शिरकत की। अपने संबोधन में अतिथियों ने कहा कि विजय दशमी के दिन सम्राट विक्रमादित्य ने देवी हरसिद्धि की आराधना की थी। इसी दिन मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम ने शक्ति की पूजा करके रावण वध करके विजय हासिल की थी।

इसी खुशी में विजयदशमी का त्यौहार पूरे भारतवर्ष में बड़ी ही धूमधाम के साथ मनाया जाता है। देवी अपराजिता की पूजा आराधना करके शस्त्र पूजन की परंपरा रामायण व महाभारत काल से ही चली आ रही है। इसी दिन क्षत्रिय अपने अपने शस्त्रों, ब्राह्मण शास्त्रों व व्यापारी अपने प्रतिष्ठानों पर भी पूजा करते हैं। उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म में दशहरा पर्व की बहुत ही महत्ता आदि काल से ही है। यह दिन बुराई पर अच्छाई की जीत के पर्व के रूप में मनाया जाता है।

इसी दिन भगवान श्रीराम ने लंकापति रावण का वध करके देवी सीता को रावण के चंगुल से आजाद करवाया था। तभी से बुराई के तीनों को प्रतीक मेघनाथ, कुंभकरण व रावण के पुतले जलाए जाने की परंपरा है। हमें भी आज सबको यहां से शिक्षा लेकर जाना चाहिए कि अपने अंदर व्याप्त बुराइयों का भी हम रावण के पुतले के साथ दहन कर दें।