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पायलट बेटे की मौत, इंडोनेशिया प्लेन क्रैश! प्लेन चला रहे थे कैप्टन भव्य सुनेजा

सत्यखबर नई दिल्ली (ब्यूरो रिपोर्ट) – हादसे के वक्त जो दो पायलट इस विमान को चला रहे थे, उनमें से एक भारतीय था । राजधानी दिल्ली के रहने वाले 31 वर्षीय कैप्टन भव्य सुनेजा हादसे के वक्त फ्लाइट उड़ा रहे थे । भव्य, पिछले 11 साल से लॉयन एयर के साथ काम कर रहे थे […]

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सत्यखबर नई दिल्ली (ब्यूरो रिपोर्ट) – हादसे के वक्त जो दो पायलट इस विमान को चला रहे थे, उनमें से एक भारतीय था । राजधानी दिल्ली के रहने वाले 31 वर्षीय कैप्टन भव्य सुनेजा हादसे के वक्त फ्लाइट उड़ा रहे थे । भव्य, पिछले 11 साल से लॉयन एयर के साथ काम कर रहे थे । वह दिल्ली के मयूर विहार के रहने वाले थे । हादसे में अभी तक कितने लोगों की जान गई है, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है। 2009 में उन्हें पायलट का लाइसेंस मिला था । उन्होंने अपने करियर की शुरुआत एमिरेट्स के साथ की थी । एक अधिकारी के मुताबिक, जुनेजा ने कुछ ही वक्त पहले कंपनी में दिल्ली पोस्टिंग करने के लिए दरख्वास्त की थी ।

गौरतलब है कि इस प्लेन में क्रू समेत कुल 189 लोग सवार थे । इन 189 लोगों में 178 लोगों के अलावा 3 बच्चे, 2 पायलट और 5 केबिन क्रू सवार थे । सोमवार सुबह जब विमान ने उड़ान भरी, तो उसके 13 मिनट बाद ही इसका संपर्क टूट गया था । जिसके बाद सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया।

क्या था पूरा मामला
करीब तीस हज़ार फीट की ऊंचाई पर एक विमान उड़ रहा होता है. सब कुछ ठीक था । पर उड़ान भरने के ठीक 13 मिनट बाद अचानक ना सिर्फ विमान का ज़मीन से संपर्क टूट जाता है बल्कि वो रडार से भी गायब हो जाता है । पर गायब होने से ऐन पहले पायलट एयर ट्रैफिक कंट्रोल को इतना जरूर बता देता है कि विमान में कुछ तकनीकी दिक्कत है इसलिए वो वापस लौट रहा है । मगर प्लेन वापस नहीं लौटता । बल्कि पायलट और क्रू मेंबर्स समेत कुल 181 मुसाफिरों के साथ वो समंदर में जा गिरता है ।

29 अक्टूबर, सुबह 6 बजकर 10 मिनट
डोनेशिया की राजधानी जकार्ता में सोई कार्नो हाटा एयरपोर्ट. इंडोनेशिया की लायन एयरलाइन्स की उड़ान संख्या जेटी-610 इंडोनेशिय़ा की जकार्ता से पंगकाल पिनांग शहर के लिए उड़ान भरने को तैय़ार थी । 6 बजकर 21 मिनट एटीसी की हरी झंडी मिलते ही अब विमान रनवे छोड़ कर हवा में था । 6 बजकर 34 मिनट टेक ऑफ के बाद अभी 13 मिनट ही बीते थे । विमान करीब 35 हजार फीट की ऊंचाई पर अब समंदर के ऊपर उड़ान भर रहा था । तभी पायलट को प्लेन में कुछ तकनीकी गड़बड़ियों का अहसास होता है । पायलट ने फौरन जकार्ता एयरपोर्ट के एयर ट्रैफिक कंट्रोल यानी एटीसी को सूचना दी कि वो विमान को वापस ला रहा है ।

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