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Haryana

पिल्लूखेड़ा के स्कूलों में धूमधाम से मनाया गया बाल दिवस

सत्यखबर पिल्लूखेड़ा (संजय जिन्दल) – पिल्लूखेड़ा के विवेकानंद वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, बाल विकास वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय धड़ौली, सरस्वती मिडल स्कूल बुढाखेड़ा, जय भारत वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय निड़ाना, चेतना वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय व नर्सिंग कालेज, विद्या भारती पब्लिक स्कूल, महर्षि दयानंद स्कूल, एन.एस. कान्वैट स्कूल ढाठरथ, पटेल वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, ऑक्सफोर्ड पब्लिक स्कूल, एफ.एस. कान्वैंट स्कूल, […]

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सत्यखबर पिल्लूखेड़ा (संजय जिन्दल) – पिल्लूखेड़ा के विवेकानंद वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, बाल विकास वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय धड़ौली, सरस्वती मिडल स्कूल बुढाखेड़ा, जय भारत वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय निड़ाना, चेतना वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय व नर्सिंग कालेज, विद्या भारती पब्लिक स्कूल, महर्षि दयानंद स्कूल, एन.एस. कान्वैट स्कूल ढाठरथ, पटेल वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, ऑक्सफोर्ड पब्लिक स्कूल, एफ.एस. कान्वैंट स्कूल, सुभाष स्कूल ढाठरथ, जी.डी.एम. पब्लिक स्कूल व सरकारी स्कूलों में बाल दिवस के कार्यक्रम आयोजित किए गए। सभी स्कूलों में देश के प्रथम प्रधानमंत्री पं. जवाहर लाल नेहरू के जीवन के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। विद्यार्थियों ने उनके जीवन पर अनेक कविताएं और गीत प्रस्तुत किए।

विक्रम कुंडू ने कहा कि चाचा नेहरु एक कुशल राजनीतिज्ञ, लेखक व अध्यात्मिक व्यक्ति थे। छात्राओं ने ज्ञान वर्धक व मनोरंजन के गीत सुनाएं। अध्यापिकाओं ने विद्यार्थियों को एहसास करवाया कि उनका और माता-पिता के जीवन में कितना महत्व है। उन्होंने बच्चों को चाचा नेहरु के जीवन से सम्बंधित घटनाओं को विस्तार पूर्वक बताया। उन्होंने देश की आजादी के लिए अपना पूरा समय लगा दिया। कहते हैं कि जवाहर लाल नेहरू का दिमाग बहुत तेज था, वह जल्दी ही देश और दुनिया के मामलों के बारे में समझने लगे थे। इसके बाद उन्होंने देश के लोगों को जो विचार दिए उससे लोग काफी प्रभावित हुए और देखते ही देखते हजारों लोग उनसे जुड़ते चले थे।

कश्मीर देशवाल व ऊषा देशवाल ने कहा कि यदि बच्चों में बचपन से ही देश के प्रति प्रेम, सद्भावना, राष्ट्रीयता व संस्कारों के प्रति लगाव डाल दिया जाए तो फिर से यह हमारा विशाल राष्ट्र विश्व गुरु कहला सकता है। बाल दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में बच्चों ने धर्म, संस्कृति व राष्ट्र रक्षा का संकल्प लिया।

विनोद मलिक, व अजीत आर्य ने कहा कि प. जवाहर लाल नेहरू के जीवन व व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला और उनके दिखाए हुए मार्ग पर चलने हेतु प्रेरित किया और उन्होंने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि प्रतियोगिताओं से बच्चों के बौद्धिक ज्ञान के साथ-साथ उनकी पढ़ाई का विकास होता है। बच्चों में ज्ञान बढ़ता है। इसलिए इस प्रकार की प्रतियोगिताएं करवाना अति अनिवार्य है। बच्चों को चाहिए कि वे पढ़ाई के साथ-साथ विभिन्न प्रकार की प्रतियोगिताओं में बढ़-चढ़कर भाग लें। इस दौरान स्कूलों में खेलकूद व प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। जिनमें बच्चों ने अपनी प्रतिभा दिखाई।

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