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Haryana

प्राथमिक उपचार किसी की भी बचा सकता है जान : डा. भोला

सत्यखबर,जींद(इंदरजीत शर्मा ) जिला रेडक्रास सोसाइटी जींद के तत्वावधान में वीरवार को एक दिवसीय एम्बुलेंस बिग्रेड प्रतियोगिता शिविर का आयोजन किया गया। जिसकी अध्यक्षता रेडक्रास सोसायटी सचिव राजकपूर सूरा ने की। मुख्य अतिथि के तौर पर खंड शिक्षा अधिकारी राजबीर श्योराण और विशिष्ट अतिथि डिप्टी सिविल सर्जन डा. राजेश भोला  रहे। खंड शिक्षा अधिकारी राजबीर […]

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सत्यखबर,जींद(इंदरजीत शर्मा )

जिला रेडक्रास सोसाइटी जींद के तत्वावधान में वीरवार को एक दिवसीय एम्बुलेंस बिग्रेड प्रतियोगिता शिविर का आयोजन किया गया। जिसकी अध्यक्षता रेडक्रास सोसायटी सचिव राजकपूर सूरा ने की। मुख्य अतिथि के तौर पर खंड शिक्षा अधिकारी राजबीर श्योराण और विशिष्ट अतिथि डिप्टी सिविल सर्जन डा. राजेश भोला  रहे। खंड शिक्षा अधिकारी राजबीर श्योराण ने कहा कि बच्चों के चहुमुखी विकास के लिए इस तरह के कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है, ताकि अपने साथ-साथ समाज व देश की सेवा में भी योगदान दे सके। डिप्टी सिविल सर्जन डा. राजेश भोला ने कहा कि किसी रोग के होने या चोट लगने पर किसी अप्रशिक्षित व्यक्ति द्वारा जो सीमित उपचार किया जाता है उसे प्राथमिक चिकित्सा कहते हैं। इसका उद्देश्य कम से कम साधनों में इतनी व्यवस्था करना होता है कि चोटग्रस्त व्यक्ति को सम्यक इलाज कराने की स्थिति में लाने में लगने वाले समय में कम से कम नुकसान हो। यह कभी-कभी जीवन रक्षक भी सिद्ध होता है। डा. भोला ने बताया कि प्राथमिक उपचार के तीन उद्देश्य होते हैं, पहला जीवन सरक्षंण दूसरा स्थिति को ज्यादा खराब होने से बचाना व तीसरा रोग मुक्त होने में सहायता करना। यदि रक्तस्त्राव होता हो तो बंद करने का उपाय करें, गर्दन, छाती और कमर के कपड़े ढीले करके खूब हवा दें। बिजली लगने पर तुरंत बिजली का संंबंध तोड़ दें, डूबे हुए व्यक्ति को कृत्रिम विधि से श्वास प्रदान कराएं तथा उसके गिले वस्त्र उतारकर उसका शरीर सूखे वस्त्रों में लपेटें। फांसी लगाए हुए व्यक्ति के नीचे के अंगों को पकड़ कर तुरंत शरीर उठा दें ताकि रस्सी का कसाव कम हो जाए। इसी प्रकार विषैली गैसों से दम घुटने पर दरवाजे, खिड़कियां, रोशनदान आदि खोलकर गैस बाहर निकाल दें और रोगी को श्वास द्वारा ऑक्सीजन देने का प्रयास करें। मानव जीवन के लिए वातावरण में ऑक्सीजन का उचित मात्रा में होना बहुत जरुरी है। ऑक्सीजन हमें पेड़-पौधों से प्राप्त होती है जो कि कार्बन डाइऑक्सइड को ऑक्सीजन में परिवर्तित करने का कार्य करती है और हमें स्वच्छ वायु प्रदान करती करती है। यदि वातावरण के प्रदूषण व धुवां अधिक होगा जोकि आजकल छोटी-बड़ी फैक्ट्रियों से, सड़क पर दौड़ रहे अत्याधिक वाहनों से, पराली जलाने से वातावरण के अंदर घुल जाता है और वातावरण को प्रदूषित करता है। हमें इस प्रकार के कार्यों को करने से बचना चाहिए व अधिक से अधिक पेड़ लगाने चाहिए। योगाचार्य सूयदेव आर्य ने बताया कि रेडक्रॉस की तरफ से चलाए एक दिवसीय एम्बुलेंस बिग्रेड प्रतियोगिता में एक तरफ जहां बच्चों व अध्यापकों को प्राथमिक उपचार की जानकारी दी। वही उन्होंने बच्चों को जंक फूड से बच्च कर देशी खाने की तरफ बढ़ावा देने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने युवाओं को किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहने का आह्वान किया और बीड़ी, सिगरेट व तम्बाकू का सेवन न करने की सलाह दी। रेडक्रास के प्रशिक्षण अधिकारी ईश्वर सांगवान ने बताया कि एक दिवसीय एम्बुलेंस बिग्रेड शिविर में विभिन्न स्कूलों के बच्चों ने भागेदारी की ओर अलग-अलग स्कूलों की टीमों ने शिविर में अपना योगदान दिया। राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल, सफीदों से छह टीमें, गांव मल्लार से दो टीम, गांव करसिंधू से चार टीमें, बुढ़ाखेड़ा से दो टीमों, डिफेंस कालोनी स्थित राजकीय स्कूल की दो टीम तथा सफीदों के गुरु गोबिंद सिंह सीनियर सेकेंडरी स्कूल की टीमों ने भाग लिया। इस अवसर पर ब्रिगेड आफिसर रणधीर सिंह, नीरज, कप्तान सिंह मौजूद रहे और उनके साथ डीईओ आफिस से राजेश कुमार, रेडक्रास से बबीता, विरेंद्र बिरौली मौजूद रहे।