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Haryana

फसल में गंदा पानी जाने से 5 सालों से नुकसान झेल रहा किसान

सत्यखबर,तरावड़ी (रोहित लामसर)  देश का अन्नदाता कहा जाने वाला किसान जन स्वास्थय विभाग की लापरवाही से पांच साल से परेशान है। विभाग की लापरवाही से किसान को प्रति वर्ष करीब 60 हजार रुपए का नुकसान हो रहा है। लेकिन विभाग के साथ-साथ प्रशासनिक अधिकारी समस्या का समाधान करने में असमर्थ है। एक बार नही, दो […]

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सत्यखबर,तरावड़ी (रोहित लामसर)

 देश का अन्नदाता कहा जाने वाला किसान जन स्वास्थय विभाग की लापरवाही से पांच साल से परेशान है। विभाग की लापरवाही से किसान को प्रति वर्ष करीब 60 हजार रुपए का नुकसान हो रहा है। लेकिन विभाग के साथ-साथ प्रशासनिक अधिकारी समस्या का समाधान करने में असमर्थ है। एक बार नही, दो बार नही, किसान ने कई बार तरावड़ी नगरपालिका, डी.सी. कार्यालय व सी.एम. विंडों पर  समस्या के समाधान को लेकर शिकायत की। लेकिन आज तक भी समस्या का समाधान नही हो पाया। पांच साल से किसान के खेत में नालियों का गंदा पानी जा रहा है। जिससे उसकी फसल खराब हो रही है। फसल खराब होने के कारण 5 साल से किसान को करीब 3 लाख रुपए का नुकसान हुआ है। तरावड़ी के वार्ड-13 राजगढ़ में रहने वाले किसान रामदास ने बताया कि दयानगर बस्ती के पास उसके खेत में दयानगर बस्ती की नालियों का पानी जाता है। जिससे उसकी आधे एकड़ की फसल खराब हो जाती है। दयानगर कालोनी का गंदा पानी उसकी जमीन में जाता है। किसान रामदास ने बताया कि बीते सितम्बर और नवम्बर माह में पानी की निकासी व्यवस्था को सही करने को लेकर एक शिकायत नगरपालिका प्रशासन व डी.सी. महोदय को की थी। इसके बाद नगरपालिका में समस्या के समाधान को लेकर एजैंडा भी पास करवाया गया था। लेकिन आज तक भी समस्या का समाधान नही हो सका। किसान ने बताया कि नगरपालिका की बैठक में उसे विश्वास दिलाया गया था कि उसकी समस्या का जल्दी समाधान होगा। लेकिन आज तक समस्या जस की तस है।
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सीवरेज की जगह खेतों में जा रहा गंदा पानी :- जानकारी देते हुए किसान रामदास ने बताया कि दयानगर बस्ती के पास मेन सडक़ पर पानी की निकासी के लिए दो सीवरेज और टयूब्वैल लगाए गए हैं। जो समय पर नही चलते। यदि उन्हें समय पर चलाया जाए तो दयानगर बस्ती की नालियों का पानी उसके खेत में नही जाऐगा। किसान रामदास ने बताया कि दयानगर बस्ती की नालियों का पानी पहले सीवरेज में जाता है। लेकिन जब टयूब्वैल नही चलाया जाता और सीवरेज ओवरफ्लो हो जाता है तो पानी सीधा उसके खेतों में जाता है और उगाई गई फसल नष्ट हो जाती है। जिससे उसे नुकसान झेलना पड़ता है। किसान ने मांग की है कि उसकी समस्या का जल्दी से जल्दी समाधान करवाया जाए।