Connect with us

Haryana

भारत बंद में भाग लेगा सफीदों का एससी/एसटी समाज

सत्यखबर, सफीदों ( सत्यदेव शर्मा  ) नगर के रामसर पार्क में संविधान बचाओं संघर्ष समिति के बैनर तले एससी/एसटी समाज व अंबेडकरवादी संगठनों ने एक बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता समाज के वरिष्ठ नेता जगदीश भुक्कल ने की। बैठक में मौजूद मुख्य वक्ताओंं सुशील कुमार इंदौरा, रफीक मुआना, सूरज वाल्मीकि, रामबीर व सुखदेव ने अपने-अपने संबोधनों […]

Published

on

सत्यखबर, सफीदों ( सत्यदेव शर्मा  )

नगर के रामसर पार्क में संविधान बचाओं संघर्ष समिति के बैनर तले एससी/एसटी समाज व अंबेडकरवादी संगठनों ने एक बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता समाज के वरिष्ठ नेता जगदीश भुक्कल ने की। बैठक में मौजूद मुख्य वक्ताओंं सुशील कुमार इंदौरा, रफीक मुआना, सूरज वाल्मीकि, रामबीर व सुखदेव ने अपने-अपने संबोधनों में कहा कि 20 मार्च को माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा एससी/एसटी एक्ट 1989 को कमजोर करने का जो निर्णय लिया गया है, उससे समस्त एससी/एसटी बहुत दुखी है। यह निर्णय भारतीय जनता पार्टी की सरकार व आरएसएस के प्रभाव में दिया गया है। आज आजादी के 68 साल के बाद भी समाज बहुत पिछड़ा हुआ है, जिसका मुख्य कारण सरकारों की बदनियती रही है। आज तक सभी सरकारों से इस समाज को सिर्फ और सिर्फ धोखा ही मिला है। एससी/एसटी समाज संविधान की अनुपालना करने वाला रहा है, क्योंकि यह समाज बाबा साहब भीमराव अंबेडकर के पदचिन्हों पर चलने वाला है लेकिन यह फैसला समस्त एससी/एसटी समाज पर कुठाराघात है। उन्होंने कहा कि इस फैसले में मनुवादी चेहरा दिखाई पड़ता है। 20 मार्च 1927 को सत्याग्रह से बाबा साहब ने पानी पीने का अधिकार दिलवाया था और इसी दिन 20 मार्च 2018 को ही भाजपा व आरएसएस की मनुवादी मंशा से एससी/एसटी एक्ट को कमजोर करने का यह फैसला सामने आया। जो आंकडे कोर्ट में दिए गए है, वह बहुम कम है लेकिन जितने लोगों को इस कानून से न्याय मिला है, उनकी संख्या लाखों में है। सरकार ने इस एससी/एसटी कानून को निष्प्रभावी बनाने का काम किया है, उसका खामियाजा उसे आगामी लोकसभा चुनावों में देखने को मिलेगा। उन्होंने सरकार से मांग की कि इस मामले में वह पुनर्विचार याचिका दाखिल करे और एससी/एसटी समाज की इस मामले में पैरवी करे। पूरे देश में एससी/एसटी समाज 30 प्रतिशत है। अगर सरकार ने इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए तो यह समाज संघर्ष करने को मजबूर होगा। उन्होंने कहा कि आगामी 2 अपै्रल को किए जा रहे भारत बंद में बढ़-चढक़र भाग लेंगे और सरकार ने ठीक ढंग से पैरवी नहीं की तो यह आंदोलन बड़ा रूप ले सकता है। इसके अलावा एससी/एसटी समाज सरकारी और अर्धसरकारी कर्मचारी भी अवकाश पर रहेंगे। बैठक में रविदासिया समाज, डा. भीमराव अंबेडकर सामाजिक उत्थान संगठन, डा. भीमराव अंबेडकर युवा संगठन, हरियाणा अनुसूचित जाति अध्यापक संघ, वाल्मीकि समाज, अंबेडकर छात्र कल्याण संघ व कबीर समाज के लोगो ंने हिस्सा लिया।