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Safidon

राजकीय प्राथमिक पाठशाला में हाजिरी व खराब राशन का मामला

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गैस्ट टीचर ने लगाए अधिकारियों द्वारा प्रताडि़त करने के आरोप
बी.ई.ओ. व प्राचार्य ने आरोपों को नकारा

सत्यखबर सफीदों

सफीदों शहर स्थित राजकीय प्राथमिक पाठशाला में गैरहाजिरी व खराब राशन का मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। इस मामले के सामने आने के बाद इस विद्यालय की गेस्ट टीचर सविता ने उसे अधिकारियों द्वारा प्रताडि़त करने के आरोप लगाए हैं। हालांकि ब्लाक शिक्षा अधिकारी डा. नरेश वर्मा व प्राचार्य डा. भारतभूषण ने अध्यापिका के आरोपों को निराधार बताया है। इस मामले में जब मीडिया के प्रतिनिधि इस विद्यालय के हेड टीचर रामप्रवेश से बात करने पहुंचे तो वो कैमरा देखकर भागते हुए दिखाई पड़े। जब मीडियाकर्मी उनके नजदीक पहुंचे तो उन्होंने कैमरा बंद करने की बात कहते हुए कैमरे पर हाथ भी मारा।

राजकीय प्राथमिक पाठशाला की गेस्ट टीचर सविता ने बताया कि मीडिया कर्मियों ने स्कूल के हालातों, खराब राशन व हाजिरी रजिस्टर में गोलमाल का मुद्दा प्रमुखता से उठाया था। जिस दिन से मीडिया ने यह मामला उठाया है उस दिन से लेकर आजतक उसे अधिकारियों द्वारा प्रताडि़़त किया जा रहा है। अधिकारियों द्वारा उसे कहा जा रहा है कि प्रैस वालों को उसने विद्यालय में कैसे घुसने दिया और इस मामले के पीछे उसकी मिलीभगत है। उसे कहीं-कहीं से उसे फंसाए जाने की बातें भी पता चल रही हैं। जबकि उसका इस मामले से कोई लेनादेना नहीं है क्योंकि ना तो वह विद्यालय और नाही मिड-डे मील की इंचार्ज है।

विद्यालय की पैदा हो रही परिस्थितियों को देखते हुए उसने 4 दिन की छुट्टी भी ले ली थी लेकिन जब वह सोमवार को स्कूल में आई तो उसे कहा गया कि वह आने व जाने के दोनों समय अपनी हाजिरी प्राथमिक स्कूल में लगाने की बजाय राजकीय सीनियर सैकेंडरी स्कूल में जाकर लगाए। अध्यापिका ने सवाल उठाया कि जिस विद्यालय में वह पढ़ा रही है वहां पर उसकी हाजिरी क्यों नहीं लगवाई जा रही है। राजकीय सीनियर सैकेंडरी स्कूल में हाजिरी लगावाना कहां का न्याय है। उसने साफ किया कि वह जिस स्कूल में पढ़ा रही है वह वहीं पर हाजिरी लगाएंगी और दूसरे स्कूल में जाकर हाजिरी नहीं लगाएंगी। उसने आरोप लगाया कि गेस्ट टीचर होने के नाते उसे लगातार टॉर्चर किया जा रहा है। मीडिया द्वारा उठाए गए मामले की आजतक कोई जांच नहीं हुई है।

क्या कहते हैं प्राचार्य भारतभूषण
राजकीय सीनियर सैकेंडरी स्कूल के प्राचार्य डा. भारतभूषण ने बताया कि राजकीय प्राथमिक पाठशाला सफीदों शहर का पुराना हाजिरी रजिस्टर सील कर दिया गया है और नया रजिस्टर लगा दिया गया है। उस स्कूल के सभी अध्यापकों को यहां आकर हाजिरी लगाने के लिए कहा गया है ताकि पारदर्शिता बनी रहे। पुराने हाजिरी रजिस्टर की जांच की जाएगी। जांच में जो दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। अन्य अध्यापकों के साथ-साथ मैडम सविता को भी यहीं पर आकर हाजिरी लगाने के लिए कहा गया है।

इस मामले में बी.ई.ओ. डा. नरेश वर्मा ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि हाजिरी लगाने का खराब राशन से कोई लेना देना नहीं है। खराब राशन को बदलवाकर बच्चों को साफ राशन वितरण करवा दिया गया था। हाजिरी का मामला सामने आने के बाद पुराने रजिस्ट्रर को बदलकर नया रजिस्टर लगाया गया है। यह रजिस्टर राजकीय सीनियर सैकेंडरी स्कूल में इसलिए रखवाया गया है कि सभी अध्यापक वहां पर आकर ही अपनी-अपनी हाजिरी लगाए।

ये आदेश केवल अध्यापिका सविता के लिए ही नहीं बल्कि उस स्कूल में पढ़ाने वाले सभी अध्यापकों के लिए है। सविता के अलावा अन्य अध्यापक यहीं पर आकर अपनी हाजिरी लगा रहे हैं। अध्यापिका सविता आदेशों को नहीं मान रही हैं और हाईकोर्ट जाने की धमकी दे रही हैं। मैडम सविता जानबूझकर यहां हाजिरी लगाने नहीं आ रही है और वे गलतफहमी का शिकार हैं। अगर वे आदेशों को नहीं मानती है तो उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

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क्या था मामला
नगर के वार्ड 7 में स्थित राजकीय राजकीय प्राथमिक पाठशाला में पिछले 2 महीने से स्कूल में पढऩे वाले बच्चों को मिड डे मील का राशन वितरण ना किए जाने की स्थिति में खराब होने व हाजिरी में गोलमाल का मामला मीडिया ने प्रमुखता से उठाया था। पिछले दो महीने पूर्व इस स्कूल में बच्चों को बांटने के लिए राशन तो आ गया लेकिन ना बांटे जाने की स्थिति में राशन पड़ा-पड़ा खराब हो गया है। अनाज में फफूंद लग गई थी तथा वह वितरण के लायक नहीं रहा था।

गौरतलब है कि सरकार द्वारा स्कूलों में बच्चों को मिड डे मील पकाकर दिया जाता है लेकिन लॉकडाउन के कारण स्कूल बंद हो गए और बच्चे स्कूल में नहीं आ पाए। ऐसे में सरकार ने बच्चों को घर पर ही सुखा भोजन व पकाने के पैसे देने की व्यवस्था की गई थी। इसी व्यवस्था के तहत इस स्कूल का राशन भी विद्यार्थियों को वितरित किया जाना था लेकिन वह नहीं हो पाया। राशन ना बंट पाने के कारण बच्चों का पेट भी नहीं भर पाया और सरकार का आर्थिक नुकसान भी पहुंचा। इस स्कूल में 69 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं तथा स्कूल में 3 अध्यापकों की तैनाती है। जिनमें से स्कूल के 2 अध्यापकों पर ड्यूटी से नदारद रहने की बात सामने आई थी।

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