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Chandigarh

राजस्व विभाग से मांगी रिपोर्ट, उखेड़ा रोग व सफेद मक्खी पर

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सत्यखबर, चढ़ीगढ़

बता दे की कपास की फसल पर मंडराए संकट के बीच हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कृषि विज्ञान केंद्र की टीम ने वीरवार को पांच गांवों में पहुंचकर नरमा की फसल की जांच की।वहीं जिला प्रशासन ने राजस्व विभाग से फसलों के हुए नुकसान पर रिपोर्ट मांग ली है। तहसीलदार को एक सप्ताह में रिपोर्ट सौंपनी होगी। कृषि विभाग ने भी फील्ड स्टाफ से सफेद मक्खी व उखेड़ा रोग पर सर्वे करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। सिरसा में नरमा की फसल पर उखेड़ा रोग आ गया है। साथ ही सफेद मक्खी से भी फसल को नुकसान पहुंच रहा है। किसानों ने इसे पिछले कई वर्षों में सबसे बड़ा नुकसान माना है। कृषि विभाग की सूचना के बाद बुधवार को उपायुक्त आरसी बिढ़ान अधिकारियों की टीम के साथ खेतों में जांच के लिए पहुंचे और उन्होंने खुद उखेड़ा रोग व सफेद मक्खी के प्रकोप को देखा।

इसके बाद कृषि विश्वविद्यालय की टीम को बुलाए जाने का फैसला लिया गया ताकि उखेड़ा रोग को रोकने के लिए समाधान तलाशा जा सके। अधिकारियों का मानना है कि बदलते मौसम और बरसात न होने के कारण सफेद मक्खी और उखेड़ा रोग आया है।

कृषि उप निदेशक डा. बाबूलाल ने बताया कि कृषि विज्ञान केंद्र की टीम डा. दलीप व डा. नरेश यादव के नेतृत्व में ओढ़ां, चोरमार, गोरीवाला, रिसालियाखेड़ा तथा बिज्जूवाली गांव में पहुंची। यहां फसल प्रभावित मिली है। टीम रोकथाम के उपाय भी सुझाएगी ताकि उखेड़ा और सफेद मक्खी के प्रकोप को कम किया जा सके।

साथ ही राजस्व विभाग ने तहसीलदारों के माध्यम से पटवारियों को फील्ड में उतार दिया है। उनसे रिपोर्ट मांग ली गई है जिसमें कुल प्रभावित रकबा तथा फसल को नुकसान संबंधी आंकलन करना होगा। पटवारियों की यह रिपोर्ट सर्कल से होकर तहसीलदार के पास पहुंचेगी और तहसीलदार राजस्व अधिकारी को रिपोर्ट करेंगे और फिर उपायुक्त के माध्यम से सरकार को जाएगी। जिला राजस्व अधिकारी विजेंद्र भारद्वाज ने फील्ड से रिपोर्ट मांगें जाने की पुष्टि की है।