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Haryana

रामलीला कलाकारों ने लिया बुराइयों के खिलाफ लड़ाई लडऩे का संकल्प

सत्यखबर सफीदों (महाबीर मित्तल) – उपमंडल के गांव सिल्लाखेड़ी में पिछलें 11 दिन से चल रही रामलीला का समापन हुआ। समापन समारोह में मुख्यातिथि इनैलो जिलाध्यक्ष कृष्ण राठी व विशिष्टातिथि के रूप में सरपंच सुदेश देवी व ब्लॉक समिति सदस्य संजय कुमार ने शिरकत की। रामलीला के समापन पर प्रहलाद भगत के ड्रामे का मंचन […]

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सत्यखबर सफीदों (महाबीर मित्तल) – उपमंडल के गांव सिल्लाखेड़ी में पिछलें 11 दिन से चल रही रामलीला का समापन हुआ। समापन समारोह में मुख्यातिथि इनैलो जिलाध्यक्ष कृष्ण राठी व विशिष्टातिथि के रूप में सरपंच सुदेश देवी व ब्लॉक समिति सदस्य संजय कुमार ने शिरकत की।

रामलीला के समापन पर प्रहलाद भगत के ड्रामे का मंचन किया गया। ड्रामे में प्रह्लाद भगत की भूमिका अजय गुर्रा, महाराजा हिरण्यकश्यप की भूमिका सतीश पंडित व भगवान विष्णु की भूमिका कुलदीप गुर्रा ने निभाई। ड्रामे में हिरण्यकश्यप का लडक़ा प्रह्लाद भगत तो विष्णु भगवान की पूजा करता है लेकिन हिरण्यकश्यप अपने से बड़ा किसी को भगवान नहीं मानता है क्योंकि उसे वरदान था कि उसकी मृत्यू किसी प्रकार भी मृत्यु नहीं हो सकती।

हिरण्यकश्यप अपने इस अहंकार के कारण अपने लडक़े को विष्णु भगवान की पूजा करने से रोकता है। आखिर में हिरण्यकश्यप अपने बेटे प्रह्लाद भगत को अग्नि में भस्म करने की सोचता है लेकिन विष्णु भगवान प्रह्लाद भगत को बचाने के लिए जिस समय सूरज आधा डूबा व आधा निकला हुआ था और हिरण्यकश्यप का उसकी दहलीज पर एक पांव बाहर और एक पांव अंदर था, उस समय भगवान विष्णु ने नरसिंह का रूप धारण करके हिरण्यकश्यप को अपनी गोद में लिटाकर अपने हाथों के नाखूनों से उसका सीना फाडक़र उसका संहार किया।

नाटक मंचन के उपरांत कलाकारों ने समाज में फैली बुराईयों व कुरीतियों को खिलाफ लड़ाई लडऩे का भी संकल्प लिया। इस अवसर पर मुख्य रूप से राकेश गुर्रा, डायरेक्टर रणधीर लठवाल, अनूप वर्मा, संदीप गुर्रा, अनूप लठवाल, राजेश चोपड़ा, महेंद्र गुर्रा, निशू सहरावत, दलीप सहरावत, बलजीत लठवाल, यासीन खान व सुरेंद्र सिंगला मौजूद थे।

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