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Haryana

राष्ट्रहित के लिए स्वदेशी व्रत का पालन करना प्रत्येक व्यक्ति के लिए महत्त्वपूर्ण: मुदगल

सत्यखबर, महेंद्रगढ़ (मुन्ना लाम्बा) –  आज दुनिया मुक्त अर्थव्यवस्था के दौर में है। इस व्यवस्था से विमुख होकर विश्व नेतृत्व करना किसी भी राष्ट्र के लिए असंभव है, किन्तु इस व्यवस्था में जीते हुए भी जिस देश के नागरिक अपने राष्ट्रहितों को प्रथम रखते हैं, वे राष्ट्र ही अग्रणी बनते हैं। इस व्यवस्था का अंग बनते […]

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सत्यखबर, महेंद्रगढ़ (मुन्ना लाम्बा) –  आज दुनिया मुक्त अर्थव्यवस्था के दौर में है। इस व्यवस्था से विमुख होकर विश्व नेतृत्व करना किसी भी राष्ट्र के लिए असंभव है, किन्तु इस व्यवस्था में जीते हुए भी जिस देश के नागरिक अपने राष्ट्रहितों को प्रथम रखते हैं, वे राष्ट्र ही अग्रणी बनते हैं। इस व्यवस्था का अंग बनते हुए भी भारतीयों को राष्ट्रहित सर्वोपरि मानना चाहिए। स्वदेशी व्रत का पालन राष्ट्रहितों की सूची में सर्वाधिक महत्व रखता है। उक्त विचार पतंजलि योग समिति के जिला प्रभारी निलेश मुदगल ने मंगलवार को महेन्द्रगढ़ के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान आईटीआई के विद्यार्थियों एवं अनुदेशकों के सम्मुख एक स्वदेशी व्याख्यान माला के दौरान रखें।

संगठन प्रांतीय संवाद प्रभारी पवन देवास एवं समाजसेवी संदीप भांडोर ने विद्यार्थियों के समक्ष इस दीपावली चाइनीज सामानों के बहिष्कार का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि दीपावली पर चाइनीज लडिय़ों एवं पटाखों के इस्तेमाल से देश का धन, देश का पर्यावरण सब बर्बाद हो जाता है। इसके विपरीत यदि लड़ी व पटाखों में लगने वाला धन दीपकों मे लगाया जाए तो कुम्हार समाज के लाखों-करोड़ों परिवारों का भला होगा। देश का धन देश में ही रहेगा व पर्यावरण की शुद्धि में भी हम सहायता कर पाएंगे। पटाखों के प्रयोग से जहां पर्यावरण प्रदूषित होता है वहीं पटाखों का प्रयोग बच्चों के लिए खतरनाक भी सिद्ध हो सकता है। प्रतिवर्ष सैंकड़ों-हजारों बच्चे पटाखों के इस्तेमाल के कारण अपनी आंखों की दृष्टि खो देते हैं या अपंग हो जाते हैं। वहीं दियों के प्रयोग से जहां प्रकाश व शांति फैलती है, वहीं पर्यावरण शुद्धि में भी यह लघु हवन जैसा कार्य होता है। सही मायनों में चाइनीज लडिय़ां एवं पटाखों के स्थान पर दीपकों का अधिक से अधिक प्रयोग श्री राम के चरित्र के प्रति हमारी पुष्पांजलि होगी।

संस्थान अधीक्षक कुलदीप यादव ने भारत स्वाभिमान एवं पतंजलि योग समिति द्वारा राष्ट्र व पर्यावरण हित में जारी इस पवित्र मुहिम के लिए संगठन का अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि दिवाली प्रकाश का उत्सव है। हमारा प्रयास रहना चाहिए कि हमारी दिवाली ऐसी हो जिससे देश के किसी वंचित, गरीब परिवार के घर भी प्रकाश फैले। इसलिए इस बार दीवाली केवल दीपों से मनाने का प्रयास होना चाहिए। इस अवसर पर समस्त स्टाफ एवं संस्थान विद्यार्थी उपस्थित रहे।

 

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