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Haryana

विदेशी मेहमान सिखने – सिखाने पहुंचे मेवात

सत्यखबर, नूंह ( ऐ के बघेल ): इंटरनेशनल बिजनेस मशीन ( आईबीएम ) की टीम के तीन विदेशी मेहमानों ने बुधवार को नूंह जिले के आकेड़ा गांव के अलावा नूंह शहर में एसआरएफ फाउंडेशन के स्किल सेंटरों और कार्यालय का दौरा किया। मेवात का दौरा कर टीम बेहद खुश दिखाई दी। टीम ने एनसीआर के समीप बसे […]

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सत्यखबर, नूंह ( ऐ के बघेल ):
इंटरनेशनल बिजनेस मशीन ( आईबीएम ) की टीम के तीन विदेशी मेहमानों ने बुधवार को नूंह जिले के आकेड़ा गांव के अलावा नूंह शहर में एसआरएफ फाउंडेशन के स्किल सेंटरों और कार्यालय का दौरा किया। मेवात का दौरा कर टीम बेहद खुश दिखाई दी। टीम ने एनसीआर के समीप बसे नूंह मेवात जिला के पिछड़ेपन पर सवाल उठाये। विदेशी मेहमानों ने प्रशिक्षण ले रहे युवक – युवतियों के अलावा अभिभावकों के साथ अनुभव शेयर किये। टीम एक माह के लिए मेवात दौरे पर आई हुई है। इसके अलावा आईबीएम में कार्यरत अधिकारी देश के अन्य हिस्सों में एनजीओ के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। शुक्रवार को दिल्ली स्थित हयात होटल में आईबीएम के सभी प्रतिनिधि अपने अनुभव सांझा कर आगामी रणनीति तैयार की जाएगी। मेवात के बच्चों को भी विदेशी मेहमानों से कंप्यूटर , अंग्रेजी भाषा का ज्ञान , बीईटीपी के बारे में काफी कुछ सिखने का मौका मिला।   आपको बता दें कि एसआरएफ एनजीओ मेवात जिले में कई सालों से समाजसेवा के साथ – साथ स्किल डवलपमेंट सेंटर चला रही है। संस्था के कामकाज से सिखने और अपने -अपने देशों की तकनीक के बारे में मेवात के बच्चों को सिखाने के लिए आये हुए हैं। आईबीएम की टीम में जॉन आयरलैंड , इरीन कनाडा , क्लाउडिया चिली देश से एक माह के लिए नूंह आये हुए हैं। एसआरएफ फाउंडेशन के प्रोग्राम मैनेजर मुफीद अहमद ने बताया कि आईबीएम की तीन सदस्यीय टीम को मेवात आने से प्रशिक्षण ले रहे बच्चों को काफी कुछ सिखने का मौका मिला तो मेहमानों ने भी मेवात से बहुत कुछ सीखा। संस्था न केवल तीनों विषयों में प्रशिक्षण निशुल्क दे रही है बल्कि 80 फीसदी बच्चों को प्लेसमेंट भी दिला चुकी है। लक्ष्य प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके तक़रीबन सभी 400 बच्चों को रोजगार से जोड़ना है। इसके अलावा तीन – चार माह का प्रशिक्षण करीब 120 बच्चे स्किल डेवलपमेंट सेंटर से प्राप्त कर रहे हैं। कई कोर्सों में कम पढ़े – लिखे बच्चे भी प्रशिक्षण लेकर अपना भविष्य उज्जवल कर रहे हैं। विदेशी मेहमानों ने मेवात से एक माह में जो कुछ सीखा , उसे अपने देश में लागू करने से लेकर कभी नहीं भूलने वाले क्षण बता रहे हैं। ,