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Haryana

संयुक्त मोर्चे से बाहर होने पर चढ़ूनी ने कहा आंदोलन को बंटने से रोका इसी की सजा मिली, वोट लूट गिरोह से सत्ता छीननी होगी

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सत्य खबर, बहादुरगढ़। किसान आंदोलन में अह्म भूतिका निभाने वाले किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने एक बार फि र पंजाब चुनाव का राग छेड़ दिया है। चढूनी का कहना है कि वह मिशन पंजाब पर आज भी कायम हैं। रविवार को बहादुरगढ़ के नजदीक रोहद टोल बैरियर पर किसान यात्रा में शामिल होने पहुंचे चढूनी ने कहा कि जब तक किसान सत्ता में नहीं आएगा तब तक किसान का सही भला हो ही नहीं सकता है। उन्होंने कहा कि केवल भाजपा को हराने से तीनों कृषि कानून वापस होने वाले नहीं हैं।


उन्होंने कहा कि अगर कृषि कानून वापस हो भी गए तो केवल किसान का डेथ वारंट कैंसल होगा। किसान की हालत आज वेंटिलेटर पर है और किसान का संपूर्ण भला करने के लिए वोट लुटेरे गिरोह से सत्ता छीनकर किसान को अपने हाथ में लेनी होगी।

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उन्होंने कहा कि संयुक्त मोर्चे की दी हुई सजा उन्होंने भुगत ली है वह फिर से इसलिए आएं हैं क्योंकि वह नहीं चाहते कि किसान आंदोलन दो फाड़ हो। चढूनी ने कहा कि पंजाब में 80 से 90 लाख वोट किसानों की है और 69 लाख वोटों से सरकार बनी हुई है। चढूनी से जब पूछा गया कि वो संयुक्त मोर्चा के साथियों को ये बात क्यों नही समझा रहे तो उन्होंने कहा कि सब थोड़े ही समझ पाते हैं। गुरनाम चढूनी के नेतृत्व में आज किसानों की एक यात्रा रोहद टोल से शुरू होकर सिंधु बॉर्डर पहुंची है। गुरनाम चढूनी ने कहा कि किसान यात्रा का संदेश सरकार और किसान दोनों के लिए है। सरकार के लिए ये कि किसान सोया हुआ नही है और किसानों के लिए ये कि आन्दोलन अभी बाकी है। वहीं बीजेपी द्वारा भी रविवार को तिरंगा यात्रा निकाली गई। जिसके जवाब में किसानों ने किसान यात्रा निकाली थी।

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