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Haryana

स्कूल है या डरावनी हवेली, खतरे में है नौनिहाल

भयंकर गर्मी में दूषित व गर्म पानी, शौचालय तक की व्यवस्था नहीं सत्यखबर, रेवाड़ी (संजय कौशिक) – सत्ता संभालते ही सालों से कुर्सी के इंतजार में बैठे शिक्षा मंत्री प्रो. रामबिलास ने शिक्षा में सुधार और बेहतर शिक्षा के लंबे-चौड़े वादे किए। अब सरकार को बने चार साल बीतने को हैं, लेकिन स्थिति वही ढाक […]

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भयंकर गर्मी में दूषित व गर्म पानी, शौचालय तक की व्यवस्था नहीं

सत्यखबर, रेवाड़ी (संजय कौशिक) – सत्ता संभालते ही सालों से कुर्सी के इंतजार में बैठे शिक्षा मंत्री प्रो. रामबिलास ने शिक्षा में सुधार और बेहतर शिक्षा के लंबे-चौड़े वादे किए। अब सरकार को बने चार साल बीतने को हैं, लेकिन स्थिति वही ढाक के तीन पात वाली दिखाई पड़ती है। बीजेपी सरकार के राज में स्कूली शिक्षा का कितना बुरा हाल है। इसकी बानगी दिखाती ये तस्वीरें यह बताने के लिए काफी हैं कि धरातल पर सालों बाद आज भी कुछ नहीं हुआ।

तस्वीरों में दिखाई दे रही यह कोई भूतों वाली डरावनी हवेली नहीं, बल्कि नौनिहालों को शिक्षा देने वाला वह सरकारी स्कूल है, जहां खंडहर बिल्डिंग, टूटी और खस्ताहाल छतें, चूल्हे पर पकता खाना और धुआं के बीच पढऩे को विवश नौनिहालों के सिवा और कुछ नहीं है। जी हां, ये तस्वीरें रेवाड़ी के स्कूल नंबर 4 की हैं, जहां नन्हें-मुन्नों के लिए सुविधाओं के लिए कुछ नहीं है और यह सरकारी स्कूल सरकार के तमाम दावों की पोल खोल रहा है।

तस्वीरों में आप साफ देख सकते हैं कि इस स्कूल की छतें किस कदर खस्ताहाल हो चली हैं, जोकि बारिश के दिनों में न सिर्फ टपकती हैं, पूरा स्कूल पानी-पानी हो जाता है। वहीं बच्चों व शिक्षकों के लिए शौचालय तक की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में बच्चों को खुले में टायलेट के लिए जाना पड़ता है। वहीं गर्मी के मौसम में तो यहां हाल और भी खराब हैं। तस्वीरों में दिखाई दे रही यह वही काली टंकी है, जिससे बच्चे भयंकर गर्मी के मौसम में गर्म व दूषित पानी पीने को विवश हैं।

इतना ही नहीं, किचन के अभाव में यहां खुलेआम प्रवेशद्वार के साथ ही चूल्हे पर खाना पकाया जाता है। चूल्हे से उठती धुआं के कारण न केवल कुक की आंखें खराब हो चली हैं, बल्कि इससे बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित होती है और वे गहरे धुएं के बीच पढऩे को मजबूर हैं, लेकिन साहब जाएं तो कहां जाएं।​ ​हालांकि टूटे भवन में यहां पहले भी कई हादसे हो चुके हैं, लेकिन हर बार स्कूल सिफ्ट करने की बात कहकर विभाग चुप होकर बैठ जाता है।

लोगों की मानें तो इसे लेकर अभिभावकों और शिक्षकों ने विभाग के अधिकारियों को अनेक बार शिकायतें भी की, लेकिन सालों बीतने के बावजूद आज तक स्कूल रामभरोसे ही चल रहा है। अब देखना यह होगा कि बेहतर शिक्षा देने का दम भरने वाली खट्टर सरकार इस मामले में क्या कदम उठाती है। क्या स्कूल को सिफ्ट किया जाएगा या फिर विभाग किसी बड़े हादसे का इंतजार करेगा।

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