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Haryana

हरियाणा प्राइवेट स्कूल संघ ने किया रोष प्रदर्शन

हिसार में क्रांतिमान पार्क से लघुसचिवालय तक निकाला विरोध जुलूस सत्यखबर हिसार (विनोद सैनी) – क्रांतिमान पार्क में हरियाणा प्राइवेट स्कूल संघ ने रोष प्रदर्शन किया। इस सभी शिक्षक प्रदर्शन करते हुए लघुसचिवालय गए प्रदर्शन किया। संघ ने अपनी मांगों को लेकर डीसी के माध्यम से हरियाणा के मुख्य मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। इस […]

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हिसार में क्रांतिमान पार्क से लघुसचिवालय तक निकाला विरोध जुलूस

सत्यखबर हिसार (विनोद सैनी) – क्रांतिमान पार्क में हरियाणा प्राइवेट स्कूल संघ ने रोष प्रदर्शन किया। इस सभी शिक्षक प्रदर्शन करते हुए लघुसचिवालय गए प्रदर्शन किया। संघ ने अपनी मांगों को लेकर डीसी के माध्यम से हरियाणा के मुख्य मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। इस प्रदर्शन के उपरांत 23 अपै्रल को भिवानी 26 को रेवाड़ी 30 को रोहतक व दो मई को सिरसा में भी जोरदार प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद भी अगर मांगें पूरी नहीं हुई तो प्रदेश के अन्य जिलों में भी आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा।

हरियाणा प्राइवेट स्कूल संघ के प्रदेशाध्यक्ष सत्यवान कुंडू ने बताया कि अमान्यता प्राप्त स्कूलों, एग्जिस्टिंग व परमिशन प्राप्त स्कूलों तथा अस्थाई मान्यता प्राप्त स्कूलों को स्थाई मान्यता दिए जाने सहित विभिन्न मांगों को लेकर प्राइवेट स्कूल संचालक आज हिसार में सड़कों पर उतरे। जिसके तहत जिले भर के प्राइवेट स्कूल संचालक क्रांतिमान पार्क में हुए और लघु सविचवालय तक विरोध प्रदर्शन करते हुए उपायुक्त को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। उन्होंने बताया कि इस प्रदर्शन के उपरांत 23 अप्रैल को भिवानी में, 26 को रेवाड़ी में, 30 को रोहतक दो मई को सिरसा में भी जोरदार प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद भी अगर मांगें पूरी नहीं हुई तो प्रदेश के अन्य जिलों में भी आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा।

उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार की वादाखिलाफी के चलते प्रदेश भर में लगभग दस हजार स्कूल अभी तक स्थाई मान्यता से वंचित है। जिसके चलते करीब 30 लाख बच्चों व डेढ़ लाख स्टाफ सदस्यों पर हर वर्ष संकट के बादल छाए रहते हैं। वहीं नियम 134ए के मामले में भी स्कूल संचालकों को बिना वजह परेशान किया जा रहा है। जबकि वास्तव में 134 ए की बजाए आरटीई लागू होनी चाहिएए जो पूरे देश में लागू हैं। इससे दस प्रतिशत बच्चों की बजाए 25 प्रतिशत गरीब बच्चों को पढ़ाने का प्रावधान है। उन्होनें कहा कि अगर सरकार नियम 134ए लागू रखना चाहती है तो बच्चों के बैंक खाते में उसका खर्च डालेए जिससे वे प्राइवेट स्कूलों को फीस भर सकते है।

कुंडू ने कहा कि शिक्षा विभाग ने सत्र 2018.19 के दाखिले के लिए नियम 134ए के तहत ली गई परीक्षा का रिजल्ट घोषित कर दिया हैए लेकिन अभी तक प्रदेश भर के गरीब बच्चों की पिछले वर्षों की बकाया फीस स्कूलों को जारी नहीं कीए जो सरकार की वादाखिलाफी है। प्राइवेट सकूल संचालक इसको बर्दाश्त नहीं करेंगेए इसके लिए उन्हें चाहे कितना भी बड़ा आंदेालन करना पड़े। उन्होंने सरकार से मांग की कि समय रहते प्राइवेट स्कूल संचालकों की मांगों व समस्याओं पर ध्यान दें और 134ए की बकाया राशि तुरंत जारी की जाए। इसके साथ ही इस सत्र की राशि भी सीधे बच्चों के खाते में डाले ताकि बच्चा जिस स्कूल में पढऩा चाहेए उसकी फीस देकर पढ़ सके।