Rewari-Narnaul Outer Bypass: 31 मार्च से खुलेगा रेवाड़ी – नारनौल आउटर बायपास के बावल रोड़ तक का हिस्सा

bypass

Rewari-Narnaul Outer Bypass: रेवाड़ी शहरवासियों का सफर आने वाले दिनों में आसान होने जा रहा है। रेवाड़ी – नारनौल आउटर बायपास के बावल रोड तक का हिस्सा 31 मार्च के बाद जनता के लिए खोल दिया जाएगा।  ट्रायल के तौर पर इस भाग को वाहनों के लिए खोला गया है और लोड टेस्टिंग का कार्य ट्रायल के दौरान किया जा रहा है।

भारत माला प्रोजेक्ट

केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की ओर से भारत माला प्रोजेक्ट के अंतर्गत तैयार किए जा रहे रेवाड़ी-नारनौल आउटर बाईपास (Rewari-Narnaul Outer Bypass) शहर की लाइफ लाइन बनने जा रहा है। अभी इस आउटर बाईपास को बावल रोड तक खोला जा रहा है।

बावल रोड के बाद रेलवे ओवरब्रिज का कार्य पूरा ना होने के कारण अभी भाडावास रोड तक इसे खोलने में समय लगेगा। एनएचएआई (NHAI) ने भाड़ावास रोड़ तक जाने के लिए सर्विस लेन को बना दिया है वाहनों को भाड़ावास रोड तक भी बाईपास के जरिए पहुंचाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।

700 करोड़ रुपए की लागत से  किया गया तैयार

केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत ने बताया कि 700 करोड़ रुपए की लागत से राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की ओर से तैयार किया जा रहा रेवाड़ी-नारनौल आउटर बाइपास (Rewari-Narnaul Outer Bypass) शहर में भारी वाहनों के दबाव को कम करने में सहायक सिद्ध होगा।

रेलवे ओवरब्रिज बनाने का कार्य शुरू

राव ने कहा कि जुलाई 2023 तक रेवाड़ी आउटर बायपास का कार्य पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि डालियाकी गांव के पास रेल फ्रेट कॉरिडोर कि गुजर रही करीब 10 रेल लाइनों के ऊपर रेलवे ओवरब्रिज बनाने का कार्य शुरू कर दिया गया है रेलवे की तकनीकी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद यह काम तेजी से शुरू कर दिया जाएगा।  बावल रोड से आगे रिलायंस डिपो के पास भी आरओबी का काम चल रहा है जिसे जून माह तक पूरा कर लिया जाएगा।

bypass

राव ने कहा कि जनता की सुविधा के लिए एनएचएआई (NHAI) के अधिकारियों को आउटर बाईपास (Rewari-Narnaul Outer Bypass) का यह हिस्सा खोलने के  निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि भारी वाहन चालक बावल रोड व गढ़ी बोलनी रोड जाने के लिए अब एनएच 71 से रेवाड़ी नारनौल आउटर बायपास पकड़कर जा सकते हैं।

गौरतलब है कि शहर के अंदर यातायात का भारी दबाव दिन भर बना रहता है। भारी वाहनों के शहर के अंदर की सड़कों से जाने के चलते अनेकों बार यातायात जाम भी घंटों हो जाता है।

Discover more from Site Title

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading