BPL Ration Card: फर्जीवाड़े से बना रहे थे BPL कार्ड, अब सरकार ने उठाया बड़ा कदम!

BPL Ration Card: हरियाणा के पानीपत जिलें में सरकार द्वारा BPL (गरीबी रेखा से नीचे) राशन कार्ड धारकों की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। कई ऐसे लोग, जिनके पास आलीशान बंगले, महंगी गाड़ियां, घरों में एसी और आधुनिक सुविधाएं हैं, फिर भी सरकारी कागजों में गरीब बने हुए थे। ऐसे लोगों को सरकार की योजनाओं का अनुचित लाभ लेते हुए पाया गया है। प्रशासन ने ऐसे फर्जी लाभार्थियों की पहचान कर उन पर कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है।
215 परिवारों के नाम सूची से हटाए गए
सरकार के आदेश पर प्रशासन ने 31 मार्च तक फिजिकल वेरिफिकेशन किया, जिसमें 215 ऐसे परिवार सामने आए, जो फर्जी तरीके से BPL सूची में शामिल थे। प्रशासन ने तुरंत इनके नाम BPL सूची से बाहर कर दिए। साथ ही ऐसे लोगों को 20 अप्रैल तक खुद ही योजना से बाहर होने के लिए आवेदन करने का निर्देश दिया गया है। यदि वे ऐसा नहीं करते हैं, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
गलत तरीके से लाभ लेने वालों पर होगी FIR
प्रशासन अब दोबारा फिजिकल वेरिफिकेशन करेगा। यदि कोई व्यक्ति गलत तरीके से BPL योजना का लाभ उठाते हुए पाया गया, तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी और उसे दो साल तक की जेल हो सकती है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में ऐसे फर्जी BPL कार्डधारकों के लिए यह मुसीबत बन सकता है। जिला प्रशासन ने यह साफ कर दिया है कि अब केवल सही पात्र लोगों को ही योजना का लाभ मिलेगा।
सस्ते राशन के लिए 2.57 लाख से ज्यादा परिवार सूची में
खाद्य आपूर्ति विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार, जिले के बाबरपुर, इसराना, मतौंदा, पानीपत और समालखा तहसीलों में एएवाई (गुलाबी कार्ड धारक) की 10,930 परिवारों के 36,441 सदस्य और SBPL (पीला कार्ड धारक) की 2,57,936 परिवारों के 10,17,361 सदस्य सरकारी डिपो से सस्ते दामों पर गेहूं, बाजरा, चीनी और सरसों का तेल ले रहे हैं। जिले में कुल 509 सरकारी डिपो हैं। जांच में 225 फर्जी BPL कार्डधारकों का पता चला, जिनके नाम सूची से हटा दिए गए हैं। प्रशासन ने सख्त हिदायत दी है कि 20 अप्रैल तक स्वेच्छा से योजना से बाहर हो जाएं, अन्यथा जांच में पकड़े जाने पर वसूली के साथ सख्त कार्रवाई होगी।