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एनीमिया मुक्ति के लिए लगाए जाएंगे जांच शिविर: एसडीएम डा. आनंद कुमार शर्मा

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सफीदों, महाबीर मित्तल
उपमंडल सफीदों में एनीमिया मुक्त भारत अभियान के तहत लगने वाले जांच शिविर के सुचारू रूप से प्रबंधन के लिए एक विशेष बैठक राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता एसडीएम आईएएस डा. आनंद कुमार शर्मा ने की। बैठक में मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी साकेत शुभ एवं डिप्टी सीएमओ डा. रघबीर सिंह पुनिया विशेष रूप से उपस्थित रहे। एसडीएम डा. आनंद कुमार शर्मा ने बताया कि क्षेत्र के सभी सरकारी स्कूलों में पढऩे वाले 28 हजार विद्यार्थियों के एनीमिया की जांच हेतू शिविर का आयोजन किया जाएगा। इस अभियान में स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग व जिला प्रशासन शामिल रहेगा। शिविर में एनीमिया की जांच के साथ ईलाज एवं काउंसिलिंग की जाएगी। यदि उनका हीमोग्लोबिन कम पाया जाता है तो उनको तीन श्रेणी में बांटकर दवाई दी जाएगी। हल्के व मध्यम श्रेणी के विद्यार्थियों को विद्यालय में ही दवाई दी जाएगी, जबकि गंभीर श्रेणी वाले विद्यार्थियों को अस्पताल में भेजा जाएगा। दवाई देने के 14 दिनों बाद विद्यार्थियों का दोबारा हीमोग्लोबिन चेक करवाया जायेगा और सुधार नही होने पर संबंधित टीम की जवाबदेही होगी। उन्होंने बताया कि सफीदों क्षेत्र के सरकारी स्कूलों में 28 हजार विद्यार्थी पढ़ते हैं। रोजाना एक हजार विद्यार्थियों की जांच करके एक महीने में इस अभियान को पूरा करना है। उन्होंने कहा कि अध्यापक व स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों की टीम की सबसे अधिक व महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। टीम की मेहनत व प्रयास से इस अभियान को सफल बनाया जा सकता है। एसडीएम ने कहा कि सभी कर्मचारी स्कूल के विद्यार्थियों को अपने बच्चे समझकर काम करें। एसडीएम डॉ आनंद कुमार शर्मा ने कहा कि एनीमिया बीमारी में शरीर में खून की कमी हो जाती है। यह तब होता है, जब शरीर के रक्त में लाल कणों या कोशिकाओं के नष्ट होने की दर, उनके निर्माण की दर से अधिक होती है। एनीमिया एक गंभीर बीमारी है। एनीमिया एक रक्त से संबंधित बीमारी है। इसके कारण बालिकाओं व महिलाओं को अन्य बीमारियों की संभावनाएं और बढ़ जाती हैं। इससे निपटने के लिए ज्यादा से ज्यादा जांच करने के लिए ये अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान को सफल बनाने के लिए टीमों को नियुक्त किया जाएगा। हर टीम में स्कूल से दो अध्यापक शामिल रहेंगे। सभी स्कूलों में मशीन द्वारा रक्त में हीमोग्लोबिन का लेवल जांचा जाएगा। जाँच शिविर में हीमोग्लोबिन का लेवल बढ़ाने के लिए दवाइयां एवं गुड चना वितरित किया जाएगा। बीमारी के प्रति जागरूक करने के लिए क्षेत्र में बैनर आदि लगवाए जाएंगे। इस बीमारी से खानपान की आदतों में सुधार करके बचा जा सकता है। मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी साकेत शुभ ने कहा कि सरकार द्वारा 1 मई से 7 मई तक एनीमिया मुक्त हरियाणा अभियान को चलाया जा रहा है। इस अभियान को सफल बनाने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना है। अगर किसी अध्यापक या कर्मचारी को इस अभियान से संबंधित कोई परेशानी आ रही है तो एसडीएम या उन्हें सम्पर्क करें, समस्या का समाधान अवश्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जो विद्यार्थी स्कूल में नहीं आ रहा है उसको अस्पताल या अन्य किसी माध्यम से हीमोग्लोबिन की जांच करवाकर उसको दवाई दिलवाने का प्रयास करें। बैठक में बीईओ सफीदों दलबीर मलिक, बीईओ पिल्लूखेडा राजेश, एसएमओ कालवा अरुण कुमार, महिला एवं बाल विकास विभाग से कमला, रीतू व सोनिया आदि ने भाग लिया।
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