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Panipat

समालखा नप चेयरमैन कुच्छल,डीसी व एसडीएम अदालत में किए गए तलब, जानिए क्यों

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सत्य खबर, पानीपत

सिर मुंडाते ही ओले पडऩे वाली कहावत पानीपत के समालखा में नए बने नगर पालिका के चेयरमैन अशोक कुच्छल पर फिट बैठती है। अभी उन्होंने पूरी तरह से खुशी भी नहीं मनाई की अदालत से उन्हें पेश होने का नोटिस जारी हो गया। बीजेपी नेता को यह नोटिस क्यों जारी हुआ, उनके साथ ही डीसी व एसडीएम को किसलिए अदालत बुलाया गया है।

यहां पढि़ए पूरा मामला

जिस पर आरटीआई एक्टिविस्ट पीपी कपूर ने चुनाव प्राधिकरण एवं समालखा कोर्ट में चुनाव याचिका दायर करके आरोप लगाया कि नव निर्वाचित पालिका अध्यक्ष अशोक कुच्छल जिस्मफिरोशी के केस में 20 लाख रुपए की फिरौती लेते 6 नवंबर 2017 को रंगे हाथों गिरफ्तार हुए थे। अदालत से 6 जुलाई 2018 को इस संगीन जुर्म में चार्जशीट भी हुए थे। गिरफ्तारी के बाद करीब सवा साल तक जेल मे बंद रहने के बाद कुच्छल हाईकोर्ट से जमानत पर बाहर आए थे, लेकिन समालखा नगर पालिका चुनाव में नामांकन पत्र व शपथ पत्र में कुच्छल ने इस क्रिमिनल रिकॉर्ड को छिपाया है। हरियाणा नगरपालिका रूल्ज 1973 के नियम 13 ए के उपनियम 1 (ई) के अनुसार 10 वर्ष या 10 वर्ष से ज्यादा की सजा भुगतने वाले संगीन जुर्मो में आरोपी व्यक्ति नगरपालिका के प्रधान अथवा मेंबर पद का चुनाव नहीं लड़ सकता। जिस पर समालखा कोर्ट ने चेयरमैन अशोक कुच्छल, जिला निर्वाचन अधिकारी एवं डीसी व चुनाव अधिकारी एवं एसडीएम समालखा को नोटिस जारी करके 2 जुलाई को तलब किया है।

*आप ने पेहवा नगर पालिका चेयरमैन का चुनाव रद्द करने की मांग की*

याचिका में मांग

आरटीआई एक्टिविस्ट पीपी कपूर की चुनाव याचिका में कोर्ट से मांग है कि अशोक कुच्छल को पालिका अध्यक्ष पद पर शपथ दिलवाने पर रोक लगवाई जाए। नगरपालिका चुनाव रूल्ज 1973 के नियम 13 ए के उपनियम 1( ई) के तहत चुनाव रद्द करके कुच्छल को अयोग्य घोषित किया जाए। इसको नगरपालिका अध्यक्ष का कोई चार्ज या जिम्मेदारी न दी जाए।