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Panchkula

सीएम मनोहर लाल ने पंचकूला में वित्त भवन का किया शिलान्यास

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सत्य खबर, पंचकूला

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने पंचकूला के एमडीसी सेक्टर 5 में बनने वाले वित्त भवन का शिलान्यास (foundation stone of Finance Bhawan in Panchkula) किया. इस दौरान सीएम मनोहर लाल ने कहा कि वित्त विभाग सरकार का महत्वपूर्ण विभाग होता है और वित्त विभाग से बहुत तरह के आयाम इससे जुड़े हुए है. सीएम ने कहा कि इससे पहले वित्त विभाग सचिवालय में ही था, लेकिन एक स्थान पर पूरा विभाग आए इसके लिए 2 एकड़ पर 5 मंजिला वित्त भवन का निर्माण किया जाएगा.

गौरतलब है कि पंचकूला के एमडीसी सेक्टर 5 में 75 करोड़ की लागत से 2 साल में वित्त विभाग का पांच मंजिला भवन बनकर तैयार होगा. जिसका शिलान्यास बुधवार को मुख्यमंत्री ने किया है. इस दौरान सीएम मनोहर लाल खट्टर ने कांग्रेस के प्रदेश पर कर्ज के बयान पर कहा कि कांग्रेस के समय में जब बजट पेश किया गया था, तब प्रदेश पर 98 हजार करोड़ रूपये का कर्ज था. मुख्यमंत्री ने कहा उस वक्त बिजली कंपनियों का भी 28 हजार करोड़ के करीब कर्ज था, जिसको पूर्व सरकार कर्ज में नहीं काउंट नही करती थी. मनोहर लाल ने कहा कि हरियाणा के 2020-21 के बजट में कर्ज दो लाख करोड़ था और प्रदेश में आज जो कर्ज है वह एक लिमिट के अंदर है. हरियाणा वित्तीय प्रबंधन के मजबूत पैरामीटर के साथ काम कर रहा है.

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डोमोसाइल के मुद्दे पर विपक्ष के आरोप पर मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं है, इसलिए पेड़ की छाल उतार रहे हैं. इसी तरह विकास शुल्क बढ़ाने पर सीएम ने कहा कि 2018 से हमने यह फैसला किया हुआ है. कलेक्ट रेट के मुताबिक अब विकास शुल्क तय किया है. सीएम ने कहा कि यह सभी जगह एक समान तौर पर लागू किया है. प्रॉपर्टी की कीमत के हिसाब से विकास शुल्क लगाया है. सीएम ने कहा कि हरियाणा ही नहीं, कई अन्य प्रदेशों में भी डोमेसाइल के लिए नियम अपने-अपने हिसाब से बनाए हुए हैं. डोमोसाइल के पीरियड को हरियाणा में 5 साल किया है.

वहीं गुरमीत राम रहीम की जेड प्लस सुरक्षा पर सीएम मनोहर लाल ने कहा कि (Manohar lal on Ram Rahim Z Plus Security) जो सुरक्षा है उसका फरलो या जेल से कोई संबंध नहीं है. अगर किसी व्यक्ति को सिक्योरिटी थ्रेट है तो उसको सुरक्षा दी जाती है. उन्होंने कहा कि कैदी जेल के अंदर रहे या बाहर आए उसको सुरक्षा देना जिम्मेदारी है. जेल के अंदर जेल की सुरक्षा अलग तरह की है. ऐसे में अगर कैदी को उसके अधिकार के मुताबिक फरलो मिली है और उसको अगर सिक्योरिटी थ्रेट है, तो सिक्योरिटी देना हमारा फर्ज है.