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Yamuna Nagar

हरियाणा : कांग्रेस नेता के बेटे जानू के हत्यारोपी को विदेश से डिर्पोट कराया पुलिस ने

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सत्य खबर, यमुनानगर

हरियाणा में चर्चित यमुनानगर का जानू हत्याकाण्ड के मुख्य आरोपी को पुलिस ने विदेश से डिर्पोट कराने के बाद गिरफ्तार कर लिया है। वहीं पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के बाद राहत की सांस ली है। बता दें कि दलित कांग्रेस नेता राजेंद्र वाल्मीकि के बेटे जानू की हत्या के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी और शातिर अपराधी मनोज उर्फ शंटी को उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी मनोज उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के जबरान गांव का रहने वाला है. इस पर पहले से भी कई गंभीर धाराओं में मामले दर्ज हैं और पुलिस की वांटेड लिस्ट में है. कांग्रेस नेता के बेटे की हत्या के बाद पुलिस ने इस पर 25 हजार का इनाम भी घोषित किया था.

उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार बदमाश मनोज उर्फ शंटी कांग्रेस नेता के बेटे जानू की हत्या के बाद विदेश भाग गया था. 15 अप्रैल को हुई इस हत्या की वारदात के बाद वो 18 अप्रैल को अजरबैजान के लिए फ्लाइट लेकर फरार हो गया. यमुनानगर उप पुलिस अधीक्षक अशीष चौधरी के मुताबिक उसके विदेश भागने के बाद यमुनानगर पुलिस ने इस संबंध में अजरबैजान के प्रशासन से भी संपर्क किया. जिसके बाद अजरबैजान से मनोज को डिपोर्ट करवाया गया. डिपोर्ट होने के बाद वो वापस भारत पहुंचा जिसे तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया. डीएसपी यमुनानगर आशीष चौधरी ने कहा कि ये यमुनानगर पुलिस की बड़ी सफलता है.

कांग्रसे नेता राजेंद्र वाल्मीकि के बेटे जानू की हत्या 15 अप्रैल की रात कर दी गई थी. इस मामलें 9 लोग नामजद आरोपी बनाये गये हैं जबकि 20 से ज्यादा अज्ञात हैं. पुलिस ने मामले में मुख्य आरोपी सचिन पंडित, सुमित राणा और मनोज उर्फ शंटी को नामजद करते हुए 22 युवकों पर हत्या समेत कई धाराओं में केस दर्ज किया था. मामले में पुलिस ने 17 अप्रैल को कुरुक्षेत्र निवासी हरपाल व मितेश को गिरफ्तार किया गया था. 29 अप्रैल को पुलिस ने कुरुक्षेत्र के गांव मथाना निवासी अजय पांचाल व अग्रसेन कॉलोनी निवासी दमन अरोड़ा को भी गिरफ्तार कर लिया.अभी तक 2 मुख्य आरोपी व अन्य आरोपी पुलिस गिरफ्त से बाहर हैं. इस हत्याकांड में अब तक कुल पांच लोग गिरफ्तार कर लिये गये हैं. पुलिस के मुताबिक बाकी आरोपियों को भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जायेगा. उप पुलिस अधीक्षक यमुनानगर आशीष चौधरी ने बताया कि आरोपी मनोज को हिरासत में लेते हुए कोर्ट से 3 दिन की रिमांड पर लिया गया है. हिरासत में पूछताछ करके जल्द ही इस पूरे मामले का खुलासा कर दिया जायेगा. यमुनानगर का जानू हत्याकांड बेहद चर्चित मामला हो गया है. जिस तरीके से अपराधियों ने जानू को मौत के घाट उतारा उससे प्रदेश में कानून व्यवस्था पर सवाल उठने लगे थे. हत्या के बाद परिजन, रिश्तेदार और दलित समाज के लोगों ने धरना प्रदर्शन भी किया. दलित समुदाय ने 15 मई को यमुनानगर आ रहे मुख्यमंत्री मनोहर लाल का विरोध करने का भी फैसला किया है.यमुनानगर का जानू हत्याकांड क्या है- कहा जाता है

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कि इस मामले में मुख्य आरोपी हरपाल अवैध शराब का धंधा करता है. उसका दोस्त सचिन पंडित है. सचिन पंडित की जानू से पुरानी रंजिश है. इस हत्या का पूरा प्लान सचिन पंडित ने ही बनाया. सचिन पंडित जानू पर पहले भी फायरिंग कर चुका है. सचिन ने 14 अप्रैल को एक बार फिर हरपाल को फोन किया और बोला कि अपने आदमियों को लेकर आ जाये जानू को मारना है.सभी आरोपी 14 अप्रैल को पूरे दिन जानू की रेकी करते रहे. इस दौरान उन्हें पता चला कि 15 अप्रैल को जानू एक शादी समारोह में शामिल होने जगाधरी विंटेज पैलेस जायेगा. वहीं पर उसकी हत्या का प्लान बनाया गया. इस दौरान सचिन पंडित ने कई और लोगों को बुला लिया.

जैसे ही रात को जानू अपने साथियों के साथ शादी समारोह से बाहर आया तो आरोपी मनोज उर्फ शंटी, सचिन पंडित, सुमित राणा ने उस पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी.जानू गोलीबारी में बुरी तरह घायल हो गया. उसके बाद आरोपी हरपाल और बाकी लोगों ने लोहे की रॉड और डंडों से घायल जानू और उसके साथियों को बुरी तरह पीटा. जानू के सिर में गोलियां लगीं और उसकी मौके पर ही मौत हो गई. जबकि जानू के तीन अन्य दोस्त रजत, अनमोल और एक अन्य भी गोलीबारी में घायल हो गये. हत्या करने के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गये.