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हरियाणा सरकार पंजाब की तर्ज पर पूर्व विधायकों की एक ही पेंशन का प्रस्ताव पारित करें : जफरूदीन 

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सत्य खबर, कमल कांत शर्मा, मेवात

आम आदमी पार्टी हरियाणा का कहना है कि जिस तरह से पंजाब सरकार ने एक कानून बनाकर प्रस्ताव पारित किया है कि पूर्व विधायक जो 1 से अधिक पेंशन ले रहे हैं वे उसे छोड़े। किसी भी विधायक को एक से ज्यादा पेंशन नहीं मिलनी चाहिए, क्योंकि इस पर सरकार का हर माह करोड़ों रुपए खर्च होता है। पंजाब सरकार मैं विधानसभा में प्रस्ताव पारित कर सभी पूर्व विधायकों की एक से ज्यादा पेंशन बंद कर दी हैं।

यह बात नूंह मुख्यालय पर यहां पत्रकारों से बात करते हुए आम आदमी पार्टी के मेवात जिला अध्यक्ष जफरूदीन ने कही। उन्होंने बताया कि आम आदमी पार्टी हरियाणा सरकार से यह मांग करती है कि वह भी पूर्व विधायकों की एक से ज्यादा पेंशन को बंद करने का प्रस्ताव लाए और सरकार का हर माह खर्च होने वाला लाखों रुपए बचाएं।

उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी ने इसकी शुरुआत आज से कर दी है। पार्टी ने हाल ही में शामिल हुए पूर्व मंत्री निर्मल सिंह अपनी चार में से तीन पेंशन छोड़कर सिर्फ एक ही पेंशन लेंगे। उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने शुरुआत में ही ऐलान कर दिया था कि हम राजनीति करने नहीं, राजनीति बदलने आए हैं और आज उनका कथन सत्य हो रहा है और देश में राजनीति बदल रही। उन्होंने कहा कि हम आम आदमी पार्टी इस क्रांति का हिस्सा है और यह ऐलान करते हैं कि पार्टी का कोई भी नेता कभी भी एक से ज्यादा पेंशन नहीं लेगा।

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उन्होंने बताया कि कई कई पेंशन लेने वालों में कांग्रेसी नेता व पूर्व मंत्री कैप्टन अजय सिंह यादव इस समय 2, 38,050, इनेलो प्रमुख व पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला 2,22,525, पूर्व मंत्री प्रोफेसर संपत सिंह 2,14,763, पूर्व मंत्री सावित्री जिंदल 90, 563 पूर्व मंत्री अशोक अरोड़ा 1,60,425 पूर्व उपमुख्यमंत्री चंद्रमोहन बिश्नोई 1, 52, 663, अजय चौटाला 90, 543, बलबीर पाल शाह 2, 07,000, महेंद्र सिंह चट्ठा 1, 52,000, कमल सिंह हिसार 1,2, 613 पेंशन ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह साल 2020 के आंकड़े हैं।

उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार इस समय 23 करोड़ पर पूर्व विधायकों की पहचान पर खर्च रही है। उन्होंने कहा कि हरियाणा के पूर्व विधायक जमकर चांदी कूट रहे हैं। और अब यह 2022 में बढ़कर काफी हो चुकी है। उन्होंने कहा कि इस समय पूर्व विधायक को 5, 882 पेंशन और 10,000 यात्रा भत्ता दिया जाता है।

वही एक विधायक को प्रतिमाह वेतन ₹2,10000 मिलता है। आज नूंह में पत्रकारों द्वारा पूछे गए एक सवाल के जवाब में जफरूदीन ने कहा कि केंद्र व पंजाब और हरियाणा में भाजपा या भाजपा गठबंधन की सरकारे रही फिर भी उन्होंने एसवाईएल या चंडीगढ़ के मामले को हल नहीं किया। इसी प्रकार कांग्रेसी भी केंद्र व दोनों राज्यों में सरकार होने के बावजूद मसले को हल नहीं कर पाई। मगर जब आम आदमी पार्टी पंजाब में इस संबंध में कोई प्रस्ताव लाती है तो यह दोगली नीति अपनाते हैं।

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उन्होंने कहा कि एसवाईएल के मामले में उनका यह मत है कि सुप्रीम कोर्ट इस मामले में जो भी निर्णय देगा वह हमें स्वीकार होगी उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी या घोषणा करती है कि 2024 तक हरियाणा में हर खेत को पानी होगा। इस अवसर पर पूर्व मंत्री निर्मल सिंह ने घोषणा की कि वह आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के विचारों से प्रभावित होकर तथा पंजाब सरकार द्वारा दिए गए फैसले से प्रभावित होकर अपनी चार में से तीन पेशन छोड़ रहे हैं। वह सिर्फ एक ही पेंशन लेंगे। उन्होंने कहा कि वह आज ही विधानसभा अध्यक्ष एवं मुख्यमंत्री को इस बारे में सूचित कर देंगे कि वह अपनी तीन पेंशन छोड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह अन्य राजनीतिक दलों के पूर्व विधायकों से भी अनुरोध करेंगे कि वह भी सिर्फ एक ही पेंशन लें। ताकि यह जो पेंशन का पैसा बचे उससे गरीब बच्चों की पढ़ाई या अन्य विकास कार्य पर खर्च किया जा सके। इस अवसर पर मेवात जिला अध्यक्ष जफरूदीन, मीडिया प्रवक्ता मौहम्मद ईशाक खांन रिटायर्ड एसपी हरियाणा पुलिस, मौहम्मद रजिक जिला संयुक्त सचिव, समय सिंह जिला संगठन मंत्री, सराफत हुसैन नगरपालिका चैयरमेन फिरोजपुर झिरका के भावी उम्मीदवार, नूंह विधानसभा अध्यक्ष मौहम्मद उसमान, नरेश मंगला लीगल एडवाईजर उपस्थित थे।