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करनाल के लाल ने किया कमाल, अंडर 18 वॉलीबॉल में भारत ने ईरान में जीता ब्रॉन्ज

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Bronze in Under-18 Volleyball Championship..

सत्य खबर, करनाल: ईरान के तेहरान में चल रही अंडर-18 जूनियर एशियन कप वॉलीबॉल प्रतियोगिता में असंध के पंच गांव पोपड़ा निवासी शेखर टूरन की उप कप्तानी में टीम ने सोमवार को कांस्य पदक जीत लिया। कोरिया के साथ हुए इस मुकाबले में 03:02 के अंतर से हराकर भारतीय टीम ने चैंपियनशिप में तीसरा स्थान प्राप्त किया। शेखर की इस उपलब्धि से असंध के पंच गांव पोपड़ा में जश्न का माहौल है..Bronze in Under-18 Volleyball Championship..

ईरान में चल रही प्रतियोगिता में भारतीय जूनियर वॉलीबॉल टीम ने शुरूआत से ही अपने शानदार प्रदर्शन की बदौलत थाईलैंड से पहला मुकाबला, दूसरा मुकाबला कोरिया से, तीसरा मुकाबला चाइनीज ताइपे से जीत कर 2010 के बाद पहली बार प्रतियोगिता के सेमीफाइनल में प्रवेश किया| अंडर-18 वॉलीबॉल की भारतीय टीम में कुछ दिन पहले उसका चयन हुआ था और अब भारत की टीम ईरान (तेहरान) में आयोजित एशियन वॉलीबॉल चैम्पियनशिप में कांस्य पदक जीती है। 28-29 अगस्त को भारतीय टीम भारत वापसी करेगी और करनाल पहुंचने पर शेखर का शानदार स्वागत किया जाएगा।

बता दें कि 16 अगस्त को भारतीय टीम ने रोचक मुकाबले में थाईलैंड को मात दी थी। उसके बाद 18 अगस्त को कोरिया के साथ मुकाबले में भी एकतरफा जीत भारत की टीम ने हासिल की। वहीं 20 अगस्त की शाम को हुए चीनी ताइपे की टीम को कांटे की टक्कर दी और चीनी ताइपे टीम को हराकर सेमीफाइनल क्वालीफाई किया था।

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सोमवार को सेमीफाइनल मुकाबला ईरान की टीम के साथ हुआ, जिसमें ईरान की टीम ने भारतीय टीम को हरा दिया। वहीं सोमवार शाम को चैम्पियनशिप में कांस्य पदक के लिए कोरिया की टीम के साथ भारत की टीम का मुकाबला हुआ, जिसमें भारत की टीम ने कोरिया को हराकर कांस्य पदक पर अपना कब्जा किया।

भारत ने 2003 में जीता था अंडर-18 खिताब

भारत ने 2003 में एशियाई अंडर-18 लड़कों की वॉलीबॉल चैम्पियनशिप का खिताब जीता था। उसके बाद भारतीय टीम 2005, 2008 में कांस्य पदक जीतने के अलावा 2007 में उपविजेता रही थी। अब 2010 के बाद पहली बार भारत की टीम ने चीनी ताइपे को हराकर सेमीफाइनल में क्वालीफाई किया। भारतीय टीम की इस जीत से 2023 में अंडर-19 वॉलीबॉल विश्व चैम्पियनशिप के लिए क्वालीफाई करने में मदद मिलेगी।

किसान परिवार से है शेखर

बता दें कि करनाल के गांव पोपड़ा के रहने वाला शेखर एक साधारण किसान के परिवार से है। उससे पहले परिवार के किसी भी सदस्य का खेलों से कोई नाता नहीं रहा है। अपनी मेहनत और काबिलियत के बलबूते शेखर का चयन भारत की वॉलीबॉल अंडर-18 टीम में हुआ और आज ईरान में भारत की टीम को कांस्य पदक दिलाया है। कांस्य पदक आने पर गांव में खुशी का माहौल है।

12वीं कक्षा का विद्यार्थी 

शेखर जब चोरकारसा के स्कूल में प्राथमिक शिक्षा ग्रहण कर रहा था, तो प्रशिक्षक प्रवीण के नेतृत्व में चांद कौर अकादमी में वॉलीबॉल खेलना शुरू किया था। 17 वर्षीय शेखर की फुर्ती और ऊंचे कद के कारण उसकी वॉलीबॉल में पहचान बनी और बेहतरीन प्रदर्शन के चलते भारतीय खेल प्राधिकरण कुरूक्षेत्र में शेखर का चयन हो गया। फिलहाल शेखर 12वीं का विद्यार्थी है और कुरूक्षेत्र में ही पढ़ाई के साथ-साथ वॉलीबॉल का अभ्यास करता है..Bronze in Under-18 Volleyball Championship..

सीनियर वॉलीबॉल टीम में खेलने का लक्ष्य

शेखर के मामा अरविंदर मेहला ने बताया कि शेखर का लक्ष्य देश की सीनियर वॉलीबॉल टीम में खेलकर मेडल जीतने का है। वॉलीबॉल में बेहतरीन प्रदर्शन करने के कारण ही उसे भारत की अंडर-18 टीम में शामिल किया गया है।