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NEW DELHI

पानी पर घर का सपना अब होगा साकार , जानिए कहां और कैसे

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The dream of a house on water will now come true

सत्य खबर , नई दिल्ली 

अभी तक हम सभी ने जमीन पर शहर और नई-नई कालोंनियों को बसते हुए देखा है। लेकिन अब आने वाले समय में आपको पानी पर तैरते हुए शहर भी दिखाई देंगे। साइंस और टेक्नोलॉजी इतनी विकसित हो गई है कि शायद कुछ भी नामुमकिन नहीं है। पानी पर तैरते हुए शहर में भी सभी सुविधाएं होंगी जो जमीन पर बसने वाले शहरों में होती हैं। आइए हम आपको दुनिया की पहली फ्लोटिंग सिटी (तैरते हुए शहर) के बारे में बताते हैं।

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जानिए कहां बनेगी फ्लोटिंग सिटी?

 

दुनिया की पहली फ्लोटिंग सिटी बनाने की तैयारी पूरी हो चुकी है। इस तैरते हुए शहर को पर्यटकों की सबसे पसंदीदा जगह मालदीव में बनाया जाएगा। कुछ दिनों पहले ही फ्लोटिंग सिटी बनाने के लिए मालदीव सरकार और Dutch Docklands में डील पक्की हुई है। इस तैरते शहर के लिए फ्लोटिंग सिटी के पहले ब्लॉक को अगस्त महीने में तैयार कर दिया जाएगा जिसको लेकर काम किया जा रहा है। इसी महीने समुद्री क्षेत्र में कंस्ट्रक्शन को बने लैगून में स्थापित करने की योजना है।

 

 

कैसी मिलेंगी सुविधाएं

 

दुनिया की पहली फ्लोटिंग सिटी जिस इलाके में बनाया जाएगी वह समुद्री झील का इलाक करीब 500 एकड़ में फैला है। इस तैरते शहर में मॉर्डनिटी की सभी सुविधाओं के साथ ही प्राकृतिक जीवनशैली का भी लोग आनंद ले सकेंगे। इस शहर को नीदरलैंड में बने फ्लोटिंग मकानों की तकनीक से प्रभावित होकर बनाया जा रहा है। मालदीव में बनने वाली फ्लोटिंग सिटी में पांच हजार मकान बनाए जाएंगे। इसके साथ ही तैरते शहर में होटल, शॉप्स, रेस्टोरेंट का भी निर्माण किया जाएगा। मकानों को लो राइज और सी फेसिंग बनाया जाएगा।

 

शहर तक जाने के लिए होगी खास सुविधा

 

पर्यटकों के प्रसिद्ध स्थल मालदीव की राजधानी माले से इस फ्लोटिंग सिटी तक जा सकते हैं। यहां तक पहुंचने के लिए आपको नाव की यात्रा करने होगी जो 15 मिनट की होगी। यह तैरता शहर राजधानी माले के एयरपोर्ट से भी नजदीक है। जनवरी 2023 में इस फ्लोटिंग सिटी को बनाने का काम शुरू कर दिया जाएगा जिसके निर्माण में चार से पांच साल लगेंगे।

 

प्लानर की ये है तैयारी

 

प्लानर मानते हैं कि इस तैरते हुए शहर को साल 2027 में पूरी तरह तैयार कर लिया जाएगा। मालदीव सरकार इस फ्लोटिंग सिटी परियोजना को मदद और मान्यता दी है। इस शहर में दूसरे देश के लोग भी घर खरीद सकेंगे और रेसिडेंट परमिट ले सकते हैं। इस फ्लोटिंग सिटी के पास इंसानी कालोनियां नहीं होने की वजह से यहां प्रदूषण भी नहीं रहेगा।

 

ऐसा होगा ट्रांसपोर्ट

 

इस फ्लोटिंग सिटी में ट्रांसपोर्ट सिस्टम लोकल समुद्री व्यवस्था के आधार पर होगा। यातायात का सबसे प्रमुख साधन यहां पर बनी नहरों के माध्यम से बोटिंग होगी। इस सिटी में रहने वाले लोग नावों से यात्रा कर सकेंगे। यहां सफेद बालू से बनाए जानी वाली सड़क पर पैदल यात्रा भी कर सकेंगे। साइकिल, इलेक्ट्रिक बग्घी या स्कूटर्स चलाने की इजाजत होगी।