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Haryana

चोर दरवाजे से कृषि कानूनों को लागू करने का प्रयास कर रही सरकार – दीपेन्द्र हुड्डा

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सत्य खबर, पंचकुला । सांसद दीपेन्द्र हुड्डा ने कहा कि सरकार चोर दरवाजे से 3 कृषि कानूनों को लागू करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि मंडी की बजाय अनाज सीधा अडानी के गोदाम में भेजने वाला सरकारी फैसला किसान विरोधी है। मंडी सिस्टम ख़त्म हुआ तो किसान का भविष्य बर्बाद हो जायेगा सरकार गहरी साजिश के मंडी सिस्टम पर चोट मार रही है। FCI के पत्र से स्पष्ट हो गया है कि मंडी सिस्टम ख़त्म होने की किसान की बात सही थी देश के जिन राज्यों में मंडी सिस्टम नहीं वहां का किसान भयंकर गरीबी के दौर से गुजर रहा है। दीपेन्द्र हुड्डा ने कहा कि किसान आंदोलन के दौरान सरकार लगातार झूठ बोलती रही कि मंडियां बंद नही होगी। लेकिन 15 मार्च को जारी FCI का लेटर सरकार की मंडी विरोधी मानसिकता को उजागर करता है। सरकार ने हरियाणा की आधा दर्जन मंडियो के दरवाजे बंद करके इस बार गेंहू सीधे अडानी गोदाम ले जाने के आदेश दिए हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या यह मंडियों को खत्म करने की शुरुआत है? उन्होंने 15 मार्च को भारतीय खाद्य निगम कैथल/कुरुक्षेत्र की तरफ से जारी पत्र का हवाला देते हुए कहा कि सरकार बिना कानून बनाए ही अपनी मंडी विरोधी नीति आगे बढ़ा रही है। उन्होंने बताया कि एफसीआई की तरफ से जारी पत्र में निर्देश दिए गए हैं कि इस बार किसान अपना गेहूं ढांड, कौल, पिहोवा, पूंडरी, सोलुमाजरा और गुमथला की मंडियों में लाने की बजाए सीधा अडानी के गोदाम में पहुंचाएं। लेटर में साफ कहा गया है कि इन मंडियों में किसानों को बारदाना भी उपलब्ध नहीं करवाया जाए। भारतीय खाद्य निगम के आदेश में यह भी कहा गया है कि FCI बारदानों का भुगतान नहीं करेगा।

दीपेन्द्र हुड्डा आज पंचकुला में नवदीप शर्मा नब्बी द्वारा आयोजित ‘संकल्प समारोह महायज्ञ’ और युवा कांग्रेस द्वारा प्रदेश भर के जिला अध्यक्षों, हलका अध्यक्षों समेत पार्टी पदाधिकारियों के लिए तीन दिवसीय “बुनियादी-प्रशिक्षण शिविर” के आयोजन में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने कहा कि हरियाणा की भाजपा-जजपा सरकार हर मोर्चे पर फेल है। इसने घोटाले करने के सिवा कोई काम नहीं किया। महंगाई और बेरोज़गारी ने विकराल रूप धारण कर लिया है। आज प्रदेश में देश की सबसे ज्यादा बेरोज़गारी दर है। हरियाणा का युवा देश भर में नंबर 1 बेरोजगारी से त्रस्त्र है और पिंजौर, कालका में नये उद्योग लाने की बजाय एचएमटी और एसीसी सीमेंट जैसे बड़े उद्योगों को भी बंद किया जा रहा है। हम हरियाणा को दोबारा औद्योगिक राजधानी बनाने के लिये संघर्ष करेंगे। इस सरकार ने हरियाणा को बेरोजगारी, महंगाई, किसान के अपमान, किसान के तिरस्कार, गरीब के शोषण में, भ्रष्टाचार में नंबर 1 पर पहुंचा दिया। गरीबों के हित की सारी योजनाएं बंद कर दी। आज हरियाणा बेरोजगारी, महंगाई, अपराध में देश में नंबर 1 पर पहुंच गया है। दीपेन्द्र हुड्डा ने बदलाव का संकल्प लेते हुए कहा कि अब बदलाव का समय आ गया है हम सभी को मिलकर इस लड़ाई को लड़ना होगा। इसपर वहां मौजूद लोगों ने दोनों हाथ उठाकर उनके संकल्प में साथ देने का भरोसा दिया।

उन्होंने कहा कि आज कर्मचारी और व्यापारी समेत सभी वर्ग इस सरकार से निराश और नाउम्मीद हो गए हैं। इस सरकार ने हुड्डा सरकार के दौरान गरीब वर्ग के हित में चलाई गई सारी योजनाओं को बंद कर दिया है। सबसे ज्यादा किसान इस सरकार के निशाने पर है। आलम यह है कि फसल बेचने जाए तो उसे एमएसपी नहीं मिलती, फसल बोना चाहे तो किसान को खाद नहीं मिलती, जलभराव से खड़ी फसल बर्बाद हो जाती है, लेकिन सरकार में कोई सुनवाई नहीं होती। सांसद दीपेन्द्र ने कहा कि हुड्डा सरकार के 10 साल के कार्यकाल में प्रदेश में विकास का पहिया दौड़ा। प्रति व्यक्ति आय, प्रति व्यक्ति निवेश, खेल खिलाड़ी के मान-सम्मान में, किसानों को मिलने वाले फसलों के भाव में, गरीबों के हित की योजनाओं समेत विकास के हर पैमाने पर हरियाणा नंबर 1 पर था। उनकी सरकार के समय प्रदेश में 12 सरकारी यूनिवर्सिटी, 14 प्राईवेट यूनिवर्सिटी, स्कूल-कॉलेज, अस्पताल, IMT, IIM, IIT, IIIT, राष्ट्रीय महत्व के कई संस्थान, नयी रेल लाइन, सड़कें, मेट्रो, पॉवर प्लांट बने। उनकी सरकार में 3 लाख 82 हजार गरीब परिवारों को 100-100 गज के मुफ्त प्लाट दिये। पूरे हिंदुस्तान में सबसे सस्ता डीजल किसान को मिलता था। खाद पर कोई टैक्स नहीं था। लेकिन आज खाद, पोटाश ब्लैक में बिक रही है। बीजेपी-जेजेपी सरकार ने गरीबों की दाल-रोटी योजना बंद कर दी, 100-100 गज प्लाट योजना बंद कर दी। इतना ही नहीं, गरीब वर्ग समेत खेल और खिलाड़ियों के हित में बनाई गई योजनाओं को भी ख़त्म कर दिया। उन्होंने आगे कहा कि 2014 तक प्रदेश पर जो कर्ज 70 हजार करोड़ था वो अब करीब सात साल में बढ़कर ढाई लाख करोड़ हो गया। दीपेन्द्र हुड्डा ने प्रदेश सरकार को खुली चुनौती दी कि उसने विकास का कोई एक काम किया हो तो बता दे।