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रूस और यूक्रेन महायुद्ध का 30वां दिन, अमेरिका की चेतावनी रूस और चीन को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे

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सत्य खबर, नई दिल्ली। रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग का आज 30वां दिन है. एक महीने पूरे होने के बाद भी इस युद्ध को रोकने के लिए कोई रास्ता नजर नहीं आ रहा है. वहीं यूक्रेन का दावा है कि रूस 9 मई तक युद्ध जारी रखेगा, उसके बाद ही इसे खत्म करेगा. इस महायुद्ध में प्रतिदिन जान-माल का काफी नुकसान हो रहा है. सैनिक मारे जा रहे हैं, आम लोग महिलाएं-बच्चे सबकी मौत हो रही है. इस विनाशकारी युद्ध का आगे क्या परिणाम होगा, कोई नहीं जानता. रूस पर लगाम लगाने के लिए नाटो देशों की बुधवार को ब्रशेल्स में बैठक हुई. इस बैठक में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने रूस को लेकर साफ कहा कि अगर रूस ने यूक्रेन पर रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल किया तो अब हम भी इसका जवाब देंगे. इसके साथ ही बाइडेन ने चीन को भी चेतावनी दी, कहा कि अगर इस युद्ध में उसने रूस की मदद करने की कोशिश की तो उसे भी गंभीर परिणाम भुगतने होंगे.

जानिए इस महायुद्ध से जुड़े अबतक के अपडेट्स….
रूस ने यूक्रेन के शहर खार्किव के पूर्व में कल रातभर गोलाबारी की. रातभर आसमान में आग के गोले दिखाई दिए.

चार रूसी एजेंटों को संयुक्त राज्य अमेरिका में एक अमेरिकी परमाणु ऊर्जा ऑपरेटर सहित दुनिया भर के ऊर्जा क्षेत्र को लक्षित हैकिंग हमलों के लिए आरोपित किया गया है, न्याय विभाग ने गुरुवार को कहा.

राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने गुरुवार को यूक्रेन में रूसी हमले के खिलाफ नाटो शिखर सम्मेलन में पश्चिमी सहयोगियों से रूस के खिलाफ नए प्रतिबंध लगाने का अनुरोध किया, जिसमें सैन्य सहायता के वादे और अंतरराष्ट्रीय जी 20 निकाय से मास्को को निकालने की भी बात कही.

ब्रसेल्स में प्रेस को एक सवाल का जवाब देते हुए बाइडेन ने कहा कि मुझे लगता है कि चीन समझता है कि उसका आर्थिक भविष्य रूस की तुलना में पश्चिम से कहीं अधिक निकटता से जुड़ा हुआ है. मुझे उम्मीद है कि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग रूस की मदद नहीं करेंगे.

बाइडेन ने G20 देशों के समूह में से रूस को हटाने के सवाल पर कहा कि इस बारे में “मेरा जवाब हाँ है, ये G20 पर निर्भर करता है,”

बाइडेन ने कहा कि अगर इंडोनेशिया और अन्य देश रूस को हटाने से सहमत नहीं हैं, तो उनके विचार में, यूक्रेन को बैठकों में भाग लेने की अनुमति दी जानी चाहिए.

ब्रसेल्स में बैठक के बाद G7 के नेताओं ने एक बयान में कहा, “हम रूस को रासायनिक, जैविक और परमाणु हथियारों या संबंधित सामग्री के किसी भी तरह के उपयोग को लेकर उत्पन्न होने के

G7 नेताओं ने अपने बयान में कहा, “तेल और गैस उत्पादक देशों से एक जिम्मेदार तरीके से कार्य करने और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में तेल की डिलीवरी बढ़ाने का आह्वान किया, यह देखते हुए कि ओपेक की इसमें महत्वपूर्ण भूमिका है.” इसके खतरे के खिलाफ हम चेतावनी देते हैं.”

इस बीच अचानक दिल्ली पहुंचे चीनी विदेश मंत्री, आज भारत के विदेश सचिव एस जयशंकर से मुलाकात करेंगे.

यूक्रेनी बैंड ‘एंटीटिला’ ने एड शीरन से पूछा कि क्या वे ‘कॉन्सर्ट फॉर यूक्रेन’ में दूर से प्रदर्शन कर सकते हैं.