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Crime

सालों से जारी है सरपंच चुनावों का खूनी खेल दोनों पक्षों के 6 लोगों की हो चुकी है हत्या

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6 killed in sarpanch election rivalry

6 killed in sarpanch election rivalry

 सत्य खबर, भिवानी, दीपक मुटरेजा। भिवानी के बडेसरा गांव में सरपंच चुनाव की रंजिश को लेकर 16 नवंबर को दनादन गोलियां दागकर महेन्द्र के हत्यारे शार्प शूटर मनोज उर्फ़ गंजूं को सीआईए-टू पुलिस ने गिरफ़्तार किया है। ध्यान रहे कि इस खूनी संघर्ष में अब तक छह लोगों की हत्या हो चुकी है।

बता दें कि बडेसरा गांव में ये खूनी संघर्ष साल 2017 में शुरू हुआ था, तत्कालीन सरपंच सुदेश की 10वीं की मार्कशीट RTI के तहत फ़र्ज़ी मिली थी। जिसके बाद सरपंच सुदेश और उसके पति बबलू की जेल हो गई। इसके बाद RTI लगाने वाले बलजीत और बबलू गुट में खूनी संघर्ष शुरू हो गया। शुरूआत में बलजीत समेत उसके गुट के एक एक कर चार साल में पांच लोगों को मौत के घाट उतारा गया। 2017 में बलजीत, उसके चाचा भले और ताऊ महेन्द्र की हत्या की गई..फिर बलजीत गुट के ही पूर्व सरपंच पवन को साल 2019 में गोली मारकर मौत के घाट उतारा गया।साल 2020 में बलजीत के ताऊ की घर के बाहर गोली मार कर हत्या कर दी गई।6 killed in sarpanch election rivalry

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इसी 16 नवंबर को बजेसरा गांव में फिर से खूनी खेल हुआ। गांव बजेसरा में शाम को बलजीत गुट के बाइक सवार तीन युवकों ने महेन्द्र और अजीत पर दर्जनों गोलियां दागी। जिसमें महेन्द्र की तीन गोली लगने से मौक़े पर मौत हो गई और 8 गोलियों से छलनी अजीत का इलाज चल रहा है। भिवानी एसपी अजीत सिंह शेखावत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए ये केस सीआईए-टू पुलिस को सौंपा। जिस पर कार्रवाई करते हुए सब इंस्पेक्टर अशोक मलिक ने महेन्द्र के हत्यारे शार्प शूटर मनोज उर्फ़ गंजूं को गिरफ़्तार किया है।

सब इंस्पेक्टर सुमित ने बताया कि बडेसरा गांव में दो पक्षों में सरपंच चुनावों को लेकर रंजिश चल रही है। जिसको लेकर लगातार हत्याकांड हो रहे है। उन्होंने कहा कि आरोपी शूटर मनोज उर्फ़ गंजूं बडेसरा निवासी सिलक का साथी और तीसरे शूटर की पहचान नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि सिलक और तीसरे शूटर की तलाश जारी है।6 killed in sarpanch election rivalry

बहरहाल यूं तो सरपंच चुनाव भाईचारे और गांव के विकास के चुनाव माने जाते हैं। पर बडेसरा गांव में एक ही परिवार इन चुनावों को लेकर ऐसा दो गुटों में बंटा की पांच सालों में दोनों परिवारों के छह लोगों की निर्मम हत्या हो चुकी है। हैरानी की बात ये है कि ये खूनी संघर्ष थमने की बजाय लगातार जारी है।