Connect with us

NATIONAL

चीन में पार्टी के अधिवेशन से जबरदस्ती बाहर निकाले गए पूर्व राष्ट्रपति, जानिए क्यों

Published

on

Former president forced out of party convention in China

Former president forced out of party convention in China

सत्य खबर, नई दिल्ली । चीन में 16 से 22 अक्टूबर तक चलने वाले कम्युनिस्ट पार्टी कांग्रेस का अधिवेशन आज खत्म हो रहा है, जिसमें चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के देश भर में फैले करीब 2300 प्रतिनिधि, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चायना के शीर्ष नेतृत्व को नियुक्त करने, इसके संविधान में संशोधन करने और अगले पांच सालों के लिए देश के नीति निर्देशों को मंजूरी देने के लिए बीजिंग के ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल में एक सप्ताह तक चलने वाले कांग्रेस की बैठक में शामिल हैं। आज शी जिनपिंग के लगातार तीसरी बार राष्ट्रपति बनने का ऐलान किया जाएगा, वहीं शी जिनपिंग कम्युनिस्ट पार्टी के पोलित ब्यूरो के नये सदस्यों के नाम का ऐलान करेंगे। Former president forced out of party convention in China

चीन में चल रहे कम्युनिस्ट पार्टी की बैठक से पूर्व राष्ट्रपति हू जिंताओ को बैठक से बाहर निकाल दिया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, पूर्व राष्ट्रपति को बैठक से जबरदस्ती बाहर निकाला गया है, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री ली केकियांग की सेन्ट्रल कमेटी की सदस्यता खत्म कर दी गई है।

Also check these links:

हेट स्पीच पर सुप्रीम कोर्ट का कड़ा रुख, जानिए क्या कहा

हिमाचल में बीजेपी नेता बने बीजेपी के लिए मुसीबत, जानिए कैसे

सड़क हादसे में 15 लोगों की गई जान, जानिए कहां और कैसे

राम रहीम सत्संग में ऐसे कर रहे हैं हनीप्रीत का जिक्र

69 साल के शी जिनपिंग कम्युनिस्ट पार्टी के संस्थापक माओत्से तुंग के बाद से चीन के सबसे शक्तिशाली नेता के तौर पर उभरे हैं और उनकी पकड़, चीन की धीमी अर्थव्यवस्था, प्रतिबंधात्मक महामारी उपायों पर जनता का गुस्सा, पश्चिमी देशों के साथ कथित मानवाधिकारों के हनन जैसे मुद्दों पर विवाद और यूक्रेन युद्ध पर रूस की निंदा नहीं करने के बावजूद, सत्ता पर उनकी पकड़ और मजबूत हुई है। आज बैठक खत्म होने के बाद घोषणा की जाएगा, कि कम्युनिस्ट पार्टी की सर्वोच्च कार्यकारिणी में किसकी एंट्री होती है, किसे बाहर किया जाता है और प्रधानमंत्री ली केकियांग की जगह कौन लेता है, जिनका कार्यकाल अगले साल मार्च महीने में खत्म हो रहा है। अगर ली केकियांग की जगह किसी नये चेहरे के नाम का ऐलान होगा, तो वो शी जिनपिंग की कम्युनिस्ट पार्टी पर पूरी तरह से पकड़ का प्रतिनिधित्व करेगा और पूरी तरह से साफ हो जाएगा, कि माओ के बाद शी जिनपिंग से बड़ी ताकत फिलहाल चीन में कोई और नहीं है।

चीन के साथ साथ आज दुनिया को भी पता चल जाएगा, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ मिलकर कौन देश चलाएगा, जब चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (CPC) एक दशक में दो बार चलने वाले कांग्रेस की बैठक के खत्म होने का ऐलान करेगी। आज चीन के वरिष्ठ राजनीतिक नेतृत्व का खुलासा किया जाएगा और राष्ट्रपति शी जिनपिंग (Xi Jinping) के लगातार तीसरी बार राष्ट्रपति बनने का ऐलान किया जाएगा। चीन की राजधानी बीजिंग में स्थिति ‘द ग्रेट हॉल’ में इस वक्त कम्युनिस्ट पार्टी कांग्रेस की बैठक चल रही है, जिसमें कम्युनिस्ट पार्टी के करीब 2300 कार्यकर्ता हिस्सा ले रहे हैं। बैठक के खत्म होने के बाद कम्युनिस्ट पार्टी की आखिरी निर्णय लेने वाली सर्वोच्च कमेटी पोलित ब्यूरो के सदस्यों के नाम की घोषणा की जाएगी।Former president forced out of party convention in China

चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की एक परिभाषित विशेषता है विशालता। इस पार्टी के 9 करोड़ 60 लाख सदस्य हैं और पार्टी के नायकों और शहीदों की आधिकारिक लिस्ट में उन 20 लाख लोगों के नाम शामिल हैं, जिन्हें उनके जीवन और वीरतापूर्ण मौतों के लिए याद किया जाता है। चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के राजनीतिक ढांचे के विस्तार में केवल कुछ ही लोगों ने पार्टी के उच्च पदों तक लंबी यात्रा पूरी की है। और जो लोग पार्टी के पदानुक्रम के शिखर पर पहुंच गए हैं, उनमें से केवल चार नामों को पार्टी के “मूल” नेताओं के रूप में लिया गया है। वो नाम हैं, माओत्से तुंग, देंग शियाओपिंग, जियांग जेमिन और सबसे हाल ही में शामिल हुआ नाम, शी जिनपिंग…

चीन में चल रही कम्युनिस्ट पार्टी कांग्रेस में कहा गया है, कि बैठक में निरंतरता का फैसला लिया गया है, किसी परिवर्तन का नहीं। रविवार को शुरू हुई सप्ताह भर की बैठक में शी जिनपिंग को नेता के रूप में फिर से नियुक्त करने, अगले पांच वर्षों के लिए उनकी नीतियों के प्रति प्रतिबद्धता की पुष्टि करने और संभवतः चीन के आधुनिक इतिहास में सबसे शक्तिशाली नेताओं में से एक के रूप में उनकी स्थिति को और भी ऊंचा करने की उम्मीद है।