Connect with us

NATIONAL

इमाम लड़कियों को दे रहे थे नसीहत, महिला आयोग ने थमा दिया नोटिस… पढ़िए पूरा मामला

Published

on

women commission send notice to imam

women commission send notice to imam
सत्यखबर, नई दिल्ली।
दिल्ली की मशहूर जामा मस्जिद के प्रशासन ने मुख्य द्वारों पर नोटिस लगाकर मस्जिद में लड़कियों के अकेले या समूह में प्रवेश पर रोक लगा दी है. इस फैसले पर कुछ वर्गों से आलोचनाओं के बाद शाही इमाम ने कहा कि नमाज पढ़ने आने वाली लड़कियों के लिए यह आदेश नहीं है.women commission send notice to imam

मस्जिद प्रशासन के सूत्रों ने कहा कि तीन मुख्य प्रवेश द्वारों के बाहर कुछ दिन पहले नोटिस लगाये गये जिन पर तारीख नहीं है. प्रशासन के नोटिस के अनुसार, ‘‘जामा मस्जिद में लड़की या लड़कियों का अकेले दाखिला मना है.’’ शाही इमाम सैयद अहमद बुखारी के अनुसार, मस्जिद परिसर में कुछ घटनाएं सामने आने के बाद यह फैसला लिया गया. उन्होंने मीडिया से कहा, ‘‘जामा मस्जिद इबादत की जगह है और इसके लिए लोगों का स्वागत है. लेकिन लड़कियां अकेले आ रही हैं और अपने दोस्तों का इंतजार कर रही हैं…. यह जगह इस काम के लिए नहीं है. इस पर पाबंदी है.’’

also check these news links:

मासूम पर झपटा सियार, छोटे भाई को बचाने के लिए भिड़ गया 8 साल का बच्चा

सरकार पर जमकर बरसे दीपेन्द्र हुड्डा, बोले- अंधेर नगरी चौपट राजा वाली कहावत को चरितार्थ कर रही है ये सरकार

दुष्यंत चौटाला को सीएम बनाने की चल रही तैयारी! पढ़िए पूरा मामला

चाय वाले ने बीच सड़क लताड़ा BJP के विधायक को, क्यों किया ये पढ़े ये खास रिपोर्ट

बुखारी ने कहा, ‘‘ऐसी कोई भी जगह, चाहे मस्जिद हो, मंदिर हो या गुरद्वारा हो, ये इबादत की जगह हैं. इस काम के लिए आने पर कोई पाबंदी नहीं है. आज ही 20-25 लड़कियां आईं और उन्हें दाखिले की इजाजत दी गयी.’’ दिल्ली महिला आयोग (डीसीडब्ल्यू) की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने इसे महिलाओं के अधिकारों का उल्लंघन बताते हुए कहा कि वह नोटिस जारी कर रही हैं. उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘जामा मस्जिद में महिलाओं के प्रवेश पर पाबंदी लगाना पूरी तरह गलत है. पुरुष की तरह महिलाओं को भी इबादत का हक है. मैं जामा मस्जिद के इमाम को नोटिस जारी कर रही हूं. किसी को इस तरह से महिलाओं के प्रवेश पर रोक लगाने का हक नहीं है.’’women commission send notice to imam

महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने कहा कि ये बहुत ही शर्मनाक और गैर संवैधानिक हरकत है। इन्हें क्या लगता है ये भारत नहीं ईरान है कि इनका जब मन करेगा महिलओं से ये भेदभाव करेंगे और इन्हें कोई कुछ नहीं कहेगा। जितना हक एक पुरुष का इबादत करने का है उतना ही एक महिला का भी है