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  • रेवाड़ी – 50 फीसदी महिला जनप्रतिनिधी, लेकिन पंचायत सम्मलेन में पहुँची ना मात्र

    रेवाड़ी – 50 फीसदी महिला जनप्रतिनिधी, लेकिन पंचायत सम्मलेन में पहुँची ना मात्र

    हरियाणा के गांवों के जनप्रतिनिधियों को शपथ दिलाने के बाद विकास एवं पंचायत मंत्री देवेन्द्र सिंह बबली प्रदेश के सभी जिलों में जाकर ग्रामीण जनप्रतिनिधियों से संवाद कर रहे है. रविवार को देवेन्द्र सिंह बबली रेवाड़ी पहुँचे जहाँ उन्होंने पंचायत सदस्यों और सरपंच को संबोधित करते हुए कहा कि जो शपथ उन्होंने निष्ठा और इमानदारी से काम करने की ली है. अगर वो उसपर खरा उतरकर काम करते है तो गाँव की तस्वीर बदल सकते है. सरकार भी गांवों में शहर की तर्ज पर सुविधाएँ देना चाहती है.

    उन्होंने कहा कि कूड़ा प्रबन्धन के लिए पहली बार गांवों में भी टेंडर किये जायेंगे. शुरूआत में कुछ पंचायतों में ये पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर किया जायेगा. बबली ने कहा कि गाँव के विकास को लेकर जितनी जिम्मेदारी सरकार कि है उतनी ही  जिम्मेदारी गाँव के सरपंच और ग्रामीणों की भी है. इसलिए ग्रामीण भी अपने गाँव को स्वच्छ सुंदर बनाने के लिए सहयोग करें.

    बता दें कि पंचायतों में महिलाओं की भागेदारी 50 फीसदी करके सरकार कानून तो ले आई लेकिन असल में आज भी पंचायतों में महिलाओं की भागेदारी 50 फीसदी केवल आंकड़ो में है. जिसका बड़ा उदाहरण ये है कि पंचायत राज सम्मेलन में ना मात्र महिला जनप्रतिनिधी ही पहुँची. जिसपर देवेन्द्र सिंह बबली ने कहा कि जो सरपंच पद के लिए जीतकर आये है वहीँ उस कुर्सी को संभालकर कार्य करें.

    भ्रष्टाचार बर्दास्त नहीं

    बता दें कि रेवाड़ी जिले में 18 जिला पार्षद , 143 पंचायत समिति सदस्य और 365 सरपंच सहित अधिकारी पंचायत सम्मलेन कार्यक्रम में मौजूद रहे. देवेन्द्र सिंह बबली ने कहा कि पहली बार बड़ी संख्या में युवा पंचायत चुनकर आई है. इसलिए उतने ही जोश के साथ ईमानदारी से गाँव के विकास के लिए काम करें. उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार बर्दास्त नहीं किया जायेगा. सरकार का पूरा पैसा गाँव के विकास के लिए लगना चाहिए. सरकार पारदर्शिता बरतने के लिए पंचायत कार्यों के लिए भी ई टेंडर प्रकिया लेकर आई है.

  • आज पंचायत प्रतिनिधियों ने ली गांवों के विकास की शपथ, आने वाले समय में गाँवो में होगी इन मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति

    आज पंचायत प्रतिनिधियों ने ली गांवों के विकास की शपथ, आने वाले समय में गाँवो में होगी इन मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति

    जनप्रतिनिधि सम्मेलन में संबोधित करते हुए देवेंद्र सिंह बबली ने नवनिर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों का आह्वान किया कि गांव की मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए प्राथमिकता के आधार पर प्रस्ताव बनाकर भेजें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए की पंचायतों से मिलने वाले प्रस्तावों को बिना किसी देरी के आगे बढ़ाने का काम करें। सम्मेलन में विकास एवं पंचायत मंत्री ने पंचायत प्रतिनिधियों को जीरो टॉलरेंस नीति पर कार्य करते हुए ‘शपथ गांव के विकास की’ दिलवाई।

    सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति को ग्राम पंचायत संस्थाओं में भी करें लागू : बबली

    विकास एवं पंचायत मंत्री देवेंद्र सिंह बबली ने सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति को ग्राम पंचायत संस्थाओं में भी लागू करने की शपथ नवनिर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों को दिलवाते हुए बिना भेदभाव के कार्य समान विकास की विचारधारा से करवाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल व उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला की सोच है कि मूलभूत सुविधाएं घर-घर तक पहुंचे ऐसे में बतौर पंचायत प्रतिनिधियों के रूप में आप सभी को अपना दायित्व निभाते हुए आगे बढ़ना है।

    स्वच्छ भारत मिशन में पंचायतों का महत्वपूर्ण योगदान : बबली

    विकास एवं पंचायत मंत्री बबली ने पंचायत प्रतिनिधियों का आह्वान किया कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत मिशन को आगे बढ़ाने का काम करें और स्वच्छता की दिशा में सार्थक कदम बढ़ाते हुए श्रमदान अवश्य करें और गांव को स्वच्छ बनाकर सुखद वातावरण की परिकल्पना को साकार करें।

    उन्होंने कहा कि गांवों को स्वच्छ बनाने के लिए एक टीम वर्क के साथ गांवों का सर्वांगीण विकास करवाएं। इसके लिए प्रत्येक व्यक्ति सौ-सौ अन्य सदस्यों को भी अपने साथ जोड़ें। स्वच्छता अपनाते हुए स्वच्छ भारत मिशन में पंचायतों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि डोर टू डोर कूड़े को उठाने के लिए सरकार कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि गांव में भी शहरों जैसी मूलभूत सुविधाएं मिले, जनता के पैसे का सदुपयोग पूरी ईमानदारी के साथ विकास कार्यों पर खर्च किया जाए। उन्होंने कहा कि कि अब शहरों की तर्ज पर गांवों में भी क्लस्टर बनाकर कूड़ा प्रबंधन का कार्य किया जाएगा।

    उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से गांव में ज्यादा से ज्यादा पौधारोपण करने, जल संरक्षण पर ध्यान देने की अपील की। पंचायत प्रतिनिधियों के सहयोग से आने वाले समय में बहुत बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। प्रत्येक गांव में स्टेडियम, ग्राम सचिवालय में टेक्नोलॉजी की सुविधा से जोड़ेंगे जिससे सरपंच हाईटेक होंगे और गांव में बैठकर चंडीगढ़ के अधिकारियों से संपर्क कर सकेंगे।

    गांवों में होंगे ये विकास कार्य

    विकास एवं पंचायत मंत्री देवेंद्र सिंह बबली ने कहा कि आने वाले 2 साल में हमें मिलकर बहुत बड़ा बदलाव करना है। सभी गांवों में लाइब्रेरी बनाई जाएंगी। वहीं पर महिलाओं के लिए बैठने के लिए व्यवस्था होगी। ग्रामीण क्षेत्रों में अब युवा अपने गांव में ही यूपीएससी की तैयारियां कर सकेंगे वहां पर स्मार्ट बोर्ड में ई लाइब्रेरी खोली जाएंगी।

    जिन गांवों में पुराने पंचायती भवन या समाज द्वारा बनाई गई कोई इमारत है तो उसका सौंदर्यीकरण करके मैरिज पैलेस की तर्ज पर तैयार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि गांव में फिरनियों को पक्का किया जाएगा। इसके साथ सोलर लाइट लगवाने का काम भी किया जाएगा। वहीं मुख्य मार्गों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए भी ग्रामीण योजना तैयार करें। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में गुणवत्ता पर विशेष फोकस रहेगा। इसके लिए सभी गांव में एक निगरानी कमेटी बनाई जाएगी। ई टेंडरिंग के माध्यम से विकास कार्य कराए जाएंगे। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से आह्वान किया कि जनता ने जो जिम्मेदारी उन्हें सौंपी है उस पर खरा उतरे तथा संविधान के अनुसार विकास कार्य करवाएं।

    विधायक कोसली लक्ष्मण सिंह यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण तथा पिछड़ा वर्ग को 8 प्रतिशत आरक्षण देकर महिला सशक्तिकरण व पिछड़ा वर्ग के कल्याण एवं उत्थान का कार्य किया है।

  • एक ब्लॉक के सरपंचों की संख्या का 8 प्रतिशत बीसीए के लिए होगा आरक्षित – सीएम

    एक ब्लॉक के सरपंचों की संख्या का 8 प्रतिशत बीसीए के लिए होगा आरक्षित – सीएम

    हरियाणा पंचायती राज चुनाव को लेकर हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक के बाद मुख्यमंत्री मनोहर लाल प्रेसवार्ता की. मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायत चुनाव को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने कुछ आबसर्वेशन दी थी,  मंत्रिमंडल की बैठक में हरियाणा पंचायती राज (संशोधन) अध्यादेश, 2022 लाकर हरियाणा पंचायती राज अधिनियम, 1994 में संशोधन किया गया. उन्होंने बैकवर्ड क्लास कमीशन का गठन किया . कमीशन ने हर इकाई की जाति के अनुसार सैंपल सर्वे कराया है ,

    उन्होंने कहा कि आरक्षण किसी भी हालत में 50 फीसदी से अधिक ना हो इसका भी ध्यान रखा गया है. मंत्रिमंडल द्वारा दी गई मंजूरी के अनुसार प्रत्येक ग्राम पंचायत में पंच के पदों को पिछड़ा वर्ग (ए) के लिए कुल सीटों के उसी अनुपात में आरक्षित किया जाएगा जो ग्राम सभा क्षेत्र की कुल आबादी में पिछड़ा वर्ग (क) की आबादी के आधे प्रतिशत के रूप में होगी .

    यदि पिछड़े वर्ग (ए) की आबादी सभा क्षेत्र की कुल आबादी का 2 प्रतिशत या अधिक है तो प्रत्येक ग्राम पंचायत में पिछड़े वर्ग (ए) से संबंधित कम से कम 1 पंच होगा, ऐसे वार्डों में अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित वार्डों को छोडक़र पिछड़ा वर्ग के लिए ड्रॉ के माध्यम से अलॉट किया जाएगा,प्रत्येक चुनाव में रोटेशन के आधार पर वार्ड आरक्षित किया जाएगा .

    इसी प्रकार, एक ब्लॉक में सरपंच के पदों की कुल संख्या का 8 प्रतिशत पिछड़ा वर्ग (ए) के लिए आरक्षित किया जाएगा. पिछड़ा वर्ग (ए) के लिए आरक्षण के लिए प्रस्तावित ग्राम पंचायतों की संख्या के उच्चतम तीन गुना में से ड्रा द्वारा आवंटित किया जाएगा. जहां पर सरपंच का पद पहले से अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है उन ग्राम पंचायतों को छोडक़र, पिछड़े वर्ग (ए) की आबादी का सबसे बड़ा प्रतिशत है, वहां बाद के चुनावों में रोटेशन द्वारा सरपंच के पद के लिए आरक्षण किया जाएगा.

    ‘‘प्रत्येक पंचायत समिति में पिछड़े वर्ग (ए) के लिए वार्ड आरक्षित होंगे और इस प्रकार आरक्षित वार्डों की संख्या, उस पंचायत में वार्डों की कुल संख्या के अनुपात में लगभग समान होगी. ब्लॉक समिति में कुल जनसंख्या की पिछड़े वर्ग (ए) की आबादी के आधे प्रतिशत के रूप में वार्डों को ड्रा द्वारा अनुसूचित जातियों के लिए आरक्षित वार्डों के अलावा आवंटित किया जाएगा और बाद के चुनावों में रोटेशन अपनाया जाएगा.

    प्रत्येक जिला परिषद में भी पिछड़े वर्ग(ए) के लिए आरक्षित होंगे। इस प्रकार आरक्षित वार्डों की संख्या उस जिला परिषद में वार्डों की कुल संख्या के अनुपात के समान होगी. यह ड्रा अनुसूचित जातियों के लिए आरक्षित वार्डों के अलावा आवंटित किया जाएगा और बाद के चुनावों में रोटेशन अपनाया जाएगा.