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  • Haryana News: कृष्ण लाल पंवार ने अपने बयान पर सफाई के लिए की अनिल विज से मुलाकात! माहौल में नजर आई नरमी

    Haryana News: कृष्ण लाल पंवार ने अपने बयान पर सफाई के लिए की अनिल विज से मुलाकात! माहौल में नजर आई नरमी

    Haryana News: हरियाणा के ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार के बयान ने राजनीतिक बंदरबांट को जन्म दे दिया था। रोहतक में उन्होंने कहा था कि अनिल विज को किसी विधानसभा क्षेत्र की जिम्मेदारी नहीं दिए जाने का कारण उनका स्वास्थ्य ठीक न होना था। यह बात आते ही सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बन गई। भाजपा ने हाल ही में प्रदेश में हारी चालीस दो सीटों पर कारणों को समझने के लिए विधायकों को जिम्मेदारी दी थी। विज का नाम उन में नहीं था और पंवार के बयान ने इस बात को और तूल दे दिया।

    बयान को गलत ढंग से पेश करने का आरोप

    बयान के वायरल होने के बाद पंवार ने इसका बचाव किया। उन्होंने कहा कि उनका बयान गलत तरीके से पेश किया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका मकसद किसी को चोट पहुंचाना नहीं था। सियासी माहौल गरम था और विपक्ष ने भी इसका फायदा उठाने की कोशिश की। इस बीच अनिल विज की प्रतिक्रिया का इंतजार था। स्थिति को देखते हुए पंवार ने कोई समय बर्बाद न करते हुए सीधे विज के पास खुद जाकर मामला सुलझाने का निर्णय लिया।

    Haryana News: कृष्ण लाल पंवार ने अपने बयान पर सफाई के लिए की अनिल विज से मुलाकात! माहौल में नजर आई नरमी

    अंबाला में मुलाकात और सांकेतिक मेल-मिलाप

    रविवार की सुबह करीब ग्यारह बजे पंवार अंबाला पहुंचे और वहां सीधे परिवहन एवं बिजली मंत्री अनिल विज से मिले। यह मुलाकात उस समय हुई जब दोनों नेता एक साथ नजर आए। इस दौरान विज को गाना गाते भी देखा गया। इस मुलाकात से यह संदेश मिल रहा है कि किसी तरह का मनमुटाव यदि था तो उसे ठंडे दिमाग से सुलझाने की कोशिश की जा रही है। दोनों नेताओं की एक साथ मौजूदगी से प्रदेश की राजनीति में शांति को लेकर उम्मीद जग गई है।

    संगठन में अनुशासन और स्थिति को सामान्य बनाने की कोशिश

    भाजपा के अंदर हारी हुई सीटों के कारण नई जिम्मेदारियां दी जा रही थीं। ऐसे समय में एक बयान से संगठन में दरार की चर्चाएं होने लगी थीं। अब पंवार की विज से मुलाकात को एक कदम माना जा रहा है जो स्थिति को सामान्य कर सकता है। पार्टी नेतृत्व को भी यह सूचित होना चाहिए कि भीतर के मतभेद को सार्वजनिक रूप से न बढ़ाया जाए। मौजूदा समय में शांति बनाए रखना और विकास के मुद्दों पर ध्यान देना जरूरी हो गया है।

     आगे की राह और सियासी संकेत

    यह मुलाकात इस बात का संकेत भी है कि दोनों नेता आगे मिलकर काम करेंगे और बयान के कारण जो असमंजस बन गया था उसे पीछे छोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश की जाएगी। प्रदेश की जनता भी इस बात को देख रही है कि नेता आपसी मतभेद को कैसे सुलझाते हैं। अब सवाल यह है कि यह मुलाकात सिर्फ सांकेतिक रही या इसके बाद मिलकर कोई ठोस कार्य योजना बनेगी। आने वाले दिनों में इससे जुड़े और संकेत सामने आएंगे।