Tag: 2024 elections

  • Haryana: रोहतक में अभय चौटाला की शक्ति परीक्षा, क्या दोबारा जगेगा देवीलाल परिवार का दबदबा?

    Haryana: रोहतक में अभय चौटाला की शक्ति परीक्षा, क्या दोबारा जगेगा देवीलाल परिवार का दबदबा?

    Haryana की राजनीति में देवीलाल परिवार का दखल अच्छा खासा रहा है यह एक अलग बात है कि पिछले दिनों परिवार के टूटने के बाद इस परिवार का दखल काम हो गया। JJP ने एक बार अपनी ताकत भी दिखाई लेकिन उसके बाद से वह लगातार सिकुड़ती नजर आ रही है।

    इस बीच INLD प्रमुख अभय चौटाला अब अपने पैर जमाने की कोशिश में जुट गए हैं। इसके लिए वह 25 सितंबर को रोहतक में एक बड़ी रैली करने जा रहे हैं। यह तारीख चौटाला परिवार के बुजुर्ग नेता और पूर्व उपप्रधानमंत्री देवी लाल की जयंती भी है। यह रैली खास इसलिए भी है क्योंकि पूर्व मुख्यमंत्री और अभय चौटाला कि पिता ओमप्रकाश चौटाला के दिसंबर 2024 में निधन के बाद यह चौटाला परिवार का पहला बड़ा आयोजन होगा।

    रैली का स्थल रोहतक चुना गया है, जो कांग्रेस के दिग्गज और जाट नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा का गढ़ माना जाता है। अभय चौटाला ने साफ शब्दों में आरोप लगाया है कि हुड्डा का यहां कोई आधार नहीं है। वह खुद भाजपा के साथ मिले हुए हैं। इसीलिए उन्होंने इस स्थान को चुना है।

    Haryana: रोहतक में अभय चौटाला की शक्ति परीक्षा, क्या दोबारा जगेगा देवीलाल परिवार का दबदबा?

    देवीलाल परिवार के पास हमेशा से जाट वोट बैंक बड़ी संख्या में रहा है और वर्तमान में भी इनेलो इस बड़े वोट बैंक को अपनी तरफ करने में लगी हुई है।

    अभय चौटाला ने इस मौके पर कई अन्य क्षेत्रीय नेताओं को भी आमंत्रित किया है। जिनमें शिरोमणि अकाली दल प्रमुख और पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल, राजस्थान से सांसद हनुमान बेनीवाल (राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी) और जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री सुरिंदर कुमार चौधरी को बुलाया है। अभय का कहना है कि यह किसी तीसरे मोर्चे का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि उन नेताओं को एक साथ लाने का प्रयास है जो भाजपा और कांग्रेस दोनों से अलग हैं।

    2018 में परिवारिक विवाद के बाद अभय के भतीजे दुष्यंत चौटाला ने JJP बनाई थी, जिसने 2019 में 10 सीटें जीतकर भाजपा सरकार में साझेदारी की। लेकिन किसानों के आंदोलन (2020) के समय भाजपा के साथ बने रहने की वजह से JJP का ग्राफ गिरा और 2024 विधानसभा चुनाव में उसका वोट शेयर 14.8% से गिरकर 0.90% तक पहुंच गया। इसके उलट INLD ने 2024 में दो सीटें (डबवाली और रानियां) जीतीं और 4.14% वोट शेयर हासिल किया। अभय का दावा है, “JJP खत्म हो चुकी है। उनके कार्यकर्ता और पदाधिकारी अब हमारे साथ हैं।”

    रोहतक पहले से ही देवीलाल आंदोलन का पारंपरिक गढ़ रहा है, लेकिन 1990 के दशक से हुड्डा परिवार ने इसे अपने नियंत्रण में लिया। अब अभय उसी जमीन पर अपनी पकड़ मजबूत करना चाहते हैं। फिलहाल, भाजपा और कांग्रेस दोनों ने अभय की रैली को महत्वहीन बताया है।

  • Rahul Gandhi का आरोप, मोदी 25 सीट की चोरी से बने प्रधानमंत्री, चुनाव आयोग पर उठाए सवाल

    Rahul Gandhi का आरोप, मोदी 25 सीट की चोरी से बने प्रधानमंत्री, चुनाव आयोग पर उठाए सवाल

    कांग्रेस नेता Rahul Gandhi ने शुक्रवार को बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में आयोजित ‘वोट अधिकार रैली’ में केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महज 25 सीटों के मार्जिन से तीसरी बार सत्ता में आए हैं। राहुल गांधी ने कहा कि भाजपा ने ऐसी 25 सीटें जीतीं हैं, जिनमें 35 हजार या उससे कम वोटों का अंतर रहा। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कांग्रेस को इन सीटों का इलेक्ट्रॉनिक डेटा मिल जाए, तो वह यह साबित कर देगी कि मोदी “चोरी करके प्रधानमंत्री बने हैं।”

    चुनाव आयोग पर गंभीर सवाल, डेटा देने की मांग

    Rahul Gandhi ने चुनाव आयोग को चुनौती दी कि वह पिछले 10 वर्षों की सभी इलेक्ट्रॉनिक वोटर लिस्ट और चुनाव की वीडियोग्राफी सार्वजनिक करे। उन्होंने कहा कि अगर आयोग यह डेटा नहीं देता तो यह एक अपराध की श्रेणी में आता है। राहुल ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग भाजपा को चुनाव चोरी करने दे रहा है। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि पूरे देश के लोगों को चुनाव आयोग से डेटा मांगना चाहिए, क्योंकि यह जनता का अधिकार है कि वह जान सके कि उसके वोट का सही इस्तेमाल हुआ या नहीं।

    Rahul Gandhi का आरोप, मोदी 25 सीट की चोरी से बने प्रधानमंत्री, चुनाव आयोग पर उठाए सवाल

    महादेवपुरा सीट पर 1 लाख से ज्यादा फर्जी वोटर

    Rahul Gandhi ने एक दिन पहले गुरुवार को भी इसी मुद्दे पर भाजपा और चुनाव आयोग पर निशाना साधा था। उन्होंने आरोप लगाया कि कर्नाटक के महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र में 1,00,250 फर्जी वोट बनाए गए, जिससे भाजपा को चुनाव में अवैध लाभ मिला। राहुल ने कहा कि यह भाजपा और चुनाव आयोग की मिलीभगत से हुआ, जिसने मोदी को तीसरी बार सत्ता में पहुंचाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इन अनियमितताओं के खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से लड़ाई लड़ती रहेगी।

    ‘वोट अधिकार रैली’ से कांग्रेस का नया आंदोलन शुरू

    बेंगलुरु में आयोजित ‘वोट अधिकार रैली’ में कांग्रेस ने साफ कर दिया कि वह आगामी समय में चुनाव प्रणाली की पारदर्शिता को बड़ा मुद्दा बनाएगी। राहुल गांधी के साथ कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे भी मंच पर मौजूद रहे और उन्होंने भी चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल खड़े किए। कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा ईवीएम और वोटर डेटा में छेड़छाड़ करके सत्ता में बनी हुई है। अब कांग्रेस पूरे देश में जन आंदोलन चलाकर लोगों को जागरूक करने की योजना बना रही है, जिससे लोकतंत्र की बुनियाद को मजबूत और पारदर्शी बनाया जा सके।

  • केंद्रीय मंत्री Manohar Lal Khattar ने Rahul Gandhi पर किया पलटवार, संसद और वोटिंग पर दिए तीखे बयान

    केंद्रीय मंत्री Manohar Lal Khattar ने Rahul Gandhi पर किया पलटवार, संसद और वोटिंग पर दिए तीखे बयान

    केंद्रीय मंत्री Manohar Lal Khattar ने Rahul Gandhi के चुनाव में धांधली के आरोपों को बेबुनियाद बताया है। उन्होंने कहा कि अगर राहुल गांधी के पास सच में कोई प्रमाण है तो उन्हें सीधे चुनाव आयोग को सौंपना चाहिए। खट्टर ने तंज कसते हुए कहा कि राहुल 2024 ही नहीं 2019 और शायद 2029 में भी ऐसे ही आरोप लगाते रहेंगे।

    जंगल सफारी को लेकर पहुंचे गुरुग्राम

    खट्टर गुरुग्राम और नूंह जिलों में प्रस्तावित जंगल सफारी की तैयारियों का जायजा लेने आए थे। यह प्रोजेक्ट राज्य सरकार और केंद्र सरकार का एक संयुक्त प्रयास है जिससे पर्यावरण पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। इस सफारी से हजारों लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है और साथ ही यह हरियाणा को अंतरराष्ट्रीय पहचान भी दिला सकता है।

    केंद्रीय मंत्री Manohar Lal Khattar ने Rahul Gandhi पर किया पलटवार, संसद और वोटिंग पर दिए तीखे बयान

     संसद में हंगामे पर विपक्ष को घेरा

    लोकसभा और राज्यसभा में लगातार हो रहे विपक्षी हंगामे पर भी खट्टर ने कड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि विपक्ष का असली उद्देश्य संसद को बाधित करना है। खट्टर ने कहा कि जनता सब देख और समझ रही है कि संसद की कार्रवाई रोककर विपक्ष खुद को ही नुकसान पहुंचा रहा है क्योंकि इससे विकास कार्यों में अड़चन आती है।

    अवैध वोटरों पर भी बोले खट्टर

    खट्टर ने बिहार की नई वोटर लिस्ट का जिक्र करते हुए कहा कि इसमें बाहरी और अवैध वोटरों को हटाया गया है। इससे विपक्ष परेशान है क्योंकि उनके अनुसार विपक्ष इन्हीं फर्जी वोटरों के सहारे राजनीति कर रहा था। उन्होंने यह भी कहा कि निष्पक्ष चुनाव के लिए यह कदम जरूरी था और आगे भी ऐसे कदम उठाए जाएंगे।

    गुरुग्राम के जलभराव पर जताई चिंता

    गुरुग्राम की जलभराव की समस्या पर बोलते हुए खट्टर ने कहा कि वह 1992 से यही स्थिति देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि बिना किसी ठोस योजना के गुरुग्राम का विकास किया गया है जिस वजह से बारिश के समय जलभराव की समस्या विकराल रूप ले लेती है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार अब इसे लेकर गंभीर है और समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।

  • Haryana Assembly Elections: भाजपा ने 2029 के चुनाव की तैयारी की शुरू! हारी हुई 42 सीटों पर लगेगी मंत्रियों की ड्यूटी

    Haryana Assembly Elections: भाजपा ने 2029 के चुनाव की तैयारी की शुरू! हारी हुई 42 सीटों पर लगेगी मंत्रियों की ड्यूटी

    Haryana Assembly Elections में अब भी चार साल से ज्यादा का वक्त बचा है लेकिन भारतीय जनता पार्टी ने अभी से कमर कस ली है। 29 जुलाई को भाजपा विधायक दल की एक अहम बैठक होने जा रही है जिसकी अध्यक्षता मुख्यमंत्री नायब सैनी करेंगे। इस बैठक में पार्टी संगठन के कई बड़े नेता भी हिस्सा लेंगे। इसका मकसद भविष्य की रणनीति तय करना है और उस दिशा में अभी से सक्रिय काम शुरू करना है।

     हारी हुई सीटों पर होगी निगरानी

    सूत्रों के अनुसार बैठक का मुख्य फोकस 2024 के चुनाव में हारी गई 42 विधानसभा सीटों पर रहेगा। भाजपा का इरादा है कि हर हारी हुई सीट को एक मंत्री या विधायक को सौंप दिया जाए। इन नेताओं को उस क्षेत्र की समस्याएं हल करने और पार्टी के प्रति जनता का भरोसा बढ़ाने की जिम्मेदारी दी जाएगी। खास बात यह है कि जो नेता जिस सीट को देखेगा वह हर हफ्ते कम से कम एक दिन वहां मौजूद रहेगा और ग्राउंड रिपोर्ट तैयार करेगा।

    Haryana Assembly Elections: भाजपा ने 2029 के चुनाव की तैयारी की शुरू! हारी हुई 42 सीटों पर लगेगी मंत्रियों की ड्यूटी

    विकास के जरिए जनता का भरोसा

    पार्टी का मानना है कि अगर हार की वजहों को जमीनी स्तर पर समझा जाए और वहां के लोगों को विकास का सीधा लाभ मिले तो अगली बार की स्थिति बदली जा सकती है। इसलिए यह तय किया गया है कि मंत्री और विधायक हारे हुए उम्मीदवारों और पार्टी कार्यकर्ताओं को साथ लेकर काम करेंगे। वे क्षेत्र में विकास योजनाओं को गति देंगे ताकि पार्टी की छवि मजबूत हो और लोगों में विश्वास बढ़े।

     सीटें तय करने का फार्मूला तैयार

    फिलहाल यह तय नहीं है कि किस मंत्री को कौन सी सीट मिलेगी। इसके लिए दो फार्मूले पर विचार चल रहा है। पहला यह कि मंत्री को उसकी अपनी विधानसभा के आस-पास की सीट सौंपी जाए। दूसरा यह कि जातिगत समीकरणों को ध्यान में रखकर उस नेता को वही सीट दी जाए जहां उसकी जाति के वोटर ज्यादा हों। 29 जुलाई को होने वाली बैठक में इसी पर अंतिम फैसला लिया जाएगा और उसी दिन सीटों का बंटवारा भी किया जा सकता है।

     हार से सीख लेकर जीत की रणनीति

    2024 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 48 सीटों पर जीत हासिल की थी। अब पार्टी की निगाह उन 42 सीटों पर है जहां हार का सामना करना पड़ा था। यह रणनीति इस बात को साबित करती है कि भाजपा हार को भूलने के बजाय उसे सुधारने का जरिया बना रही है। पार्टी चाहती है कि 2029 में उसका प्रदर्शन और बेहतर हो और इसके लिए अब से तैयारी शुरू कर दी गई है।

  • PM Modi ने तोड़ा इंदिरा गांधी का रिकॉर्ड!  अब देश के दूसरे सबसे लंबे कार्यकाल वाले प्रधानमंत्री

    PM Modi ने तोड़ा इंदिरा गांधी का रिकॉर्ड! अब देश के दूसरे सबसे लंबे कार्यकाल वाले प्रधानमंत्री

    आज 26 जुलाई 2025 को PM Modi ने अपने कार्यकाल के 4078 दिन पूरे कर लिए हैं। इस तरह उन्होंने देश की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। इंदिरा गांधी ने प्रधानमंत्री पद पर 4077 दिन तक देश की सेवा की थी। अब नरेंद्र मोदी भारत के इतिहास में सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले दूसरे प्रधानमंत्री बन गए हैं।

    नेहरू के बाद मोदी का नाम

    देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने 6130 दिन यानी करीब 17 साल तक प्रधानमंत्री पद संभाला था। अब नरेंद्र मोदी का नाम दूसरे स्थान पर आ गया है। यह उपलब्धि केवल एक आंकड़ा नहीं बल्कि उनके निरंतर नेतृत्व की मिसाल है। देश में स्थिर और मजबूत सरकार के प्रतीक के रूप में मोदी की पहचान और भी गहरी हो गई है।

    PM Modi ने तोड़ा इंदिरा गांधी का रिकॉर्ड!  अब देश के दूसरे सबसे लंबे कार्यकाल वाले प्रधानमंत्री

    2014 से 2025: एक दशक का सफर

    नरेंद्र मोदी ने 26 मई 2014 को प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। इसके बाद 2019 में दोबारा सत्ता में लौटे और अब 2024 में तीसरी बार प्रधानमंत्री बने। इन वर्षों में उन्होंने आर्थिक नीतियों से लेकर वैश्विक मंचों तक भारत की स्थिति को सशक्त किया है। आत्मनिर्भर भारत, डिजिटल इंडिया, स्वच्छ भारत अभियान और जी20 की अध्यक्षता जैसे कई बड़े बदलाव उनके कार्यकाल की पहचान बन चुके हैं।

     इंदिरा गांधी और मोदी की तुलना

    इंदिरा गांधी देश की पहली महिला प्रधानमंत्री थीं और उन्होंने कई बड़े फैसले लिए थे जैसे बांग्लादेश मुक्ति संग्राम में भारत की भूमिका, इमरजेंसी का ऐलान और हरित क्रांति को बढ़ावा। वहीं नरेंद्र मोदी ने जनसंख्या नियंत्रण, जीएसटी लागू करना, जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाना और राम मंदिर निर्माण जैसे ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं। दोनों नेता अपने-अपने युग के सबसे प्रभावशाली चेहरे माने जाते हैं।

     जनता का विश्वास ही असली ताकत

    किसी भी लोकतंत्र में नेतृत्व की लंबी उम्र जनता के विश्वास पर टिकी होती है। नरेंद्र मोदी का यह रिकॉर्ड इस बात का प्रमाण है कि जनता ने उन्हें लगातार तीन बार प्रधानमंत्री के रूप में चुना है। 2024 के आम चुनाव में जब उन्होंने तीसरी बार शपथ ली तो यह साफ हो गया कि मोदी की लोकप्रियता अभी भी बरकरार है।