Vice President election India: देश में उपराष्ट्रपति के चुनाव का महत्व हमेशा ही हाई प्रोफाइल रहता है। इस बार यह चुनाव मंगलवार, 9 सितंबर को होने वाला है। इससे पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने विपक्षी उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी पर हमला किया है। बीजेपी नेता रवि शंकर प्रसाद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि बी. सुदर्शन रेड्डी विपक्षी गठबंधन के उम्मीदवार हैं। उन्होंने कहा कि हम सभी न्यायाधीशों का सम्मान करते हैं, लेकिन जब कोई न्यायाधीश चुनावी मैदान में आकर बड़े-बड़े बयान देता है तो सवाल उठते हैं। उन्होंने बताया कि रेड्डी देश की आत्मा बचाने के लिए वोट की बात कर रहे हैं, जबकि वे लालू यादव से मुलाकात कर रहे हैं।
लालू यादव से मुलाकात को लेकर बीजेपी का सवाल
रवि शंकर प्रसाद ने लालू प्रसाद यादव के खिलाफ चल रहे मामलों का जिक्र करते हुए कई सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आप किस तरह के न्यायाधीश हैं, जो भ्रष्टाचार में दोषी पाए गए व्यक्ति से मुलाकात कर रहे हैं। लालू यादव फोडर घोटाले में सजा पाए हैं और रेल संपत्ति बेचने के मामले में भी उनके खिलाफ चार्जशीट है। ऐसे में किसी भी न्यायाधीश का लालू यादव से मिलकर देश की आत्मा की बात करना पूरी तरह दिखावा है। रवि शंकर प्रसाद ने बी. सुदर्शन रेड्डी और उनके समर्थन करने वाले न्यायाधीशों को भी आड़े हाथों लिया।

देश की आत्मा बचाने की बात पर बीजेपी का हमला
बीजेपी नेता ने कहा कि हम पार्टी के मंच से यह दिखाने आए हैं कि यह केवल दिखावा है। किसी भी न्यायाधीश को देश की आत्मा बचाने या किसी की अंतरात्मा की बात करने का अधिकार नहीं बनता। उन्होंने कहा कि बी. सुदर्शन रेड्डी के बयान पूरी तरह से नकली हैं और यह पद की गरिमा को ठेस पहुंचा सकता है। रवि शंकर प्रसाद ने कहा कि ऐसे बयान देने वाले न्यायाधीश देश के लोकतंत्र और संवैधानिक व्यवस्था की गरिमा के लिए सही उदाहरण नहीं हैं।
उपराष्ट्रपति चुनाव की प्रक्रिया और तारीख
देश के पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने 21 जुलाई की शाम को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। उनकी अवधि 10 अगस्त 2027 तक थी। इस कारण से उपराष्ट्रपति चुनाव करवाया जा रहा है। चुनाव प्रक्रिया मंगलवार, 9 सितंबर को सुबह 10 बजे शुरू होगी और परिणाम शाम 6 बजे घोषित किए जाएंगे। इस चुनाव में लोकसभा और राज्यसभा के सदस्य वोट डालते हैं। वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए एनडीए के उम्मीदवार की जीत लगभग सुनिश्चित मानी जा रही है क्योंकि उनके पास संसद में बहुमत है।
एनडीए की जीत की संभावना और राजनीतिक माहौल
भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए की वर्तमान स्थिति को देखते हुए, उनका उम्मीदवार आसानी से चुनाव जीत सकता है। विपक्ष के उम्मीदवार पर बीजेपी के हमले और लालू यादव से मुलाकात को लेकर उठाए गए सवालों ने राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है। चुनाव से पहले यह बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप राजनीतिक लड़ाई का हिस्सा बन गए हैं। देश की जनता और संसद सदस्य इस चुनाव में संविधान और लोकतंत्र की गरिमा को ध्यान में रखकर मतदान करेंगे। उपराष्ट्रपति चुनाव 2025 का यह मुकाबला न सिर्फ पद के लिए, बल्कि राजनीतिक संदेश देने के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।






