Tag: Aam Aadmi Party

  • अरविंद केजरीवाल को 10 दिन में मिलेगा नया सरकारी बंगला, दिल्ली हाईकोर्ट में हुआ मंजूरी का ऐलान

    अरविंद केजरीवाल को 10 दिन में मिलेगा नया सरकारी बंगला, दिल्ली हाईकोर्ट में हुआ मंजूरी का ऐलान

    आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और पूर्व दिल्ली मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को जल्द ही नया सरकारी आवास मिलने वाला है। दिल्ली हाईकोर्ट में गुरुवार को केजरीवाल के लिए उपयुक्त बंगला आवंटित करने का वादा किया गया। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट में यह आश्वासन दिया कि केजरीवाल को अगले दस दिनों के भीतर उपयुक्त आवास प्रदान किया जाएगा। यह मामला तब कोर्ट में आया जब आम आदमी पार्टी ने केजरीवाल के लिए दिल्ली में बंगला आवंटन की याचिका दायर की थी।

    कोर्ट ने आवास मुद्दे को बताया अहम

    दिल्ली हाईकोर्ट के जस्टिस सचिन दत्ता ने कहा कि नेताओं और आम लोगों के लिए आवास आवंटन मुद्दा जल्द हल होना चाहिए। सॉलिसिटर जनरल ने कोर्ट को भरोसा दिलाया कि केजरीवाल को आज से दस दिनों के भीतर उपयुक्त आवास दिया जाएगा। इस आश्वासन के बाद कोर्ट ने कहा कि यदि आवंटित आवास केजरीवाल को उचित न लगे तो वे सरकार से पुनः संपर्क कर सकते हैं।

    अरविंद केजरीवाल को 10 दिन में मिलेगा नया सरकारी बंगला, दिल्ली हाईकोर्ट में हुआ मंजूरी का ऐलान
    अरविंद केजरीवाल को 10 दिन में मिलेगा नया सरकारी बंगला, दिल्ली हाईकोर्ट में हुआ मंजूरी का ऐलान

    प्रकार और गुणवत्ता पर विवाद

    AAP के वरिष्ठ अधिवक्ता राहुल मेहरा ने कोर्ट में कहा कि केजरीवाल को पहले जैसा आवास दिया जाना चाहिए, चाहे वह टाइप 7 हो या टाइप 8। उन्होंने जोर देकर कहा कि inferior टाइप 5 का आवास नहीं दिया जा सकता। इसके जवाब में सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि आम आदमी कभी टाइप 8 के लिए लड़ता नहीं है। इस पर राहुल मेहरा ने कहा कि “यह चुनावी नारेबाजी ठीक थी लेकिन यह कोर्ट है।” जस्टिस दत्ता ने दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए और जल्द आदेश जारी करने का आश्वासन दिया।

    कोर्ट का संदेश आम नागरिकों के लिए भी

    कोर्ट ने स्पष्ट किया कि आवास आवंटन का मामला सिर्फ नेताओं के लिए नहीं बल्कि आम नागरिकों के लिए भी महत्वपूर्ण है। जस्टिस दत्ता ने कहा कि मंत्रालय की प्रक्रिया को ध्यान में रखते हुए यह मुद्दा हर बार हल होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि कोई आवंटित आवास उपयुक्त न लगे तो संबंधित व्यक्ति सरकार से पुनः संपर्क कर सकता है।

    केजरीवाल का वर्तमान आवास

    याचिका के अनुसार, अरविंद केजरीवाल ने 4 अक्टूबर 2024 को दिल्ली के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद अपना आधिकारिक निवास, 6 फ्लैगस्टाफ रोड, खाली कर दिया था। तब से वे मंडी हाउस के पास एक अन्य AAP सदस्य के सरकारी आवास में रह रहे हैं। अब यह उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही उन्हें उनका नया उपयुक्त बंगला मिल जाएगा, जिससे उनका आवासीय संकट समाप्त होगा।

  • पंजाब में मान सरकार का विशाल अभियान! 2300 गांवों में मलबा हटाने और स्वास्थ्य सेवा का वादा

    पंजाब में मान सरकार का विशाल अभियान! 2300 गांवों में मलबा हटाने और स्वास्थ्य सेवा का वादा

    पंजाब में बाढ़ के बाद जीवन को सामान्य करने और किसानों की मदद करने के लिए आम आदमी पार्टी की मान सरकार ने एक बड़ा अभियान शुरू किया है। बाढ़ का पानी कई इलाकों से वापस चला गया है, लेकिन मिट्टी, कीचड़ और मलबा हर गांव में बिखरा हुआ है। मान सरकार ने जीवन को सामान्य करने, बीमारी रोकने और किसानों की मदद के लिए एक व्यापक योजना बनाई है।

    2300 गांवों में मलेन सफाई अभियान

    सरकार ने घोषणा की है कि 2300 से अधिक गांवों और वार्डों में एक मेगा सफाई अभियान चलाया जाएगा। हर गांव में JCB, ट्रैक्टर-ट्रॉली और मजदूरों की टीमें भेजी जा रही हैं। ये टीमें मलबा और कीचड़ हटाएंगी, मृत जानवरों का निपटान करेंगी और इसके बाद हर गांव में फॉगिंग की जाएगी ताकि कोई बीमारी न फैले। इस काम के लिए 100 करोड़ रुपये का विशेष फंड रखा गया है। प्रत्येक गांव को तुरंत 1 लाख रुपये दिए गए हैं और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त राशि भी दी जाएगी। लक्ष्य है कि 24 सितंबर तक मलबा हटाया जाए, 15 अक्टूबर तक सामाजिक स्थल ठीक हों और 22 अक्टूबर तक तालाब साफ कर दिए जाएं।

    पंजाब में मान सरकार का विशाल अभियान! 2300 गांवों में मलबा हटाने और स्वास्थ्य सेवा का वादा

    स्वास्थ्य सेवा और मेडिकल कैंपों का विस्तार

    सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता दे रही है। बाढ़ प्रभावित 2303 गांवों में मेडिकल कैंप लगाए जाएंगे। इनमें 596 गांवों में पहले से मौजूद आम आदमी क्लिनिक में कैंप लगेंगे और बाकी 1707 गांवों में स्कूल, धर्मशाला, आंगनवाड़ी या पंचायत भवन में कैंप आयोजित किए जाएंगे। हर कैंप में डॉक्टर, मेडिकल स्टाफ और दवाइयां मौजूद रहेंगी। इसके अलावा, 550 एम्बुलेंस भी तैनात की गई हैं ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल इलाज उपलब्ध हो सके।

    पशुधन की सुरक्षा और किसान सहायता

    मान सरकार ने बाढ़ से प्रभावित 2.5 लाख पशुओं की सुरक्षा के लिए भी पहल की है। 713 गांवों में पशु चिकित्सकों की टीमें पहुंची हैं। खराब चारे को हटाया जा रहा है, किसानों को पोटेशियम परमंगनेट दिया जा रहा है और प्रभावित पशुओं का टीकाकरण 30 सितंबर तक पूरा किया जाएगा। किसानों की सबसे बड़ी चिंता फसल की बिक्री है। इस बार सरकार ने फसल की खरीद जल्दी शुरू करने का फैसला किया है। 16 सितंबर से मंडियों में खरीद शुरू होगी और 19 सितंबर तक सभी मंडियां तैयार होंगी।

    जनता और सरकार का संकल्प

    मान सरकार का कहना है कि यह सिर्फ राहत कार्य नहीं बल्कि पंजाब को फिर से मजबूत बनाने का संकल्प है। सरकार ने जनता से भी अपील की है कि एनजीओ, युवा क्लब और सामाजिक कल्याण संगठन इस कार्य में सहयोग करें। हर संकट में पंजाब ने साथ लड़ाई लड़ी है और इस बार भी जब सरकार अपने लोगों के साथ खड़ी है, तो हर पंजाबी दिल से कहता है, “ऐ मान सरकार साड़े नाल खड़ी।”

  • पंजाब में आम आदमी पार्टी की बड़ी मुसीबत, एक और विधायक पहुंचा जेल की सलाखों के पीछे , छेड़छाड़ और मारपीट के मामले में दोषी करार

    पंजाब में आम आदमी पार्टी की बड़ी मुसीबत, एक और विधायक पहुंचा जेल की सलाखों के पीछे , छेड़छाड़ और मारपीट के मामले में दोषी करार

    पंजाब में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। आम आदमी पार्टी के चार विधायक पहले ही करप्शन के मामले में जेल जा चुके हैं। एक विधायक के खिलाफ रेप का मामला हाल ही में पटियाला में दर्ज हुआ था। यह विधायक पंजाब पुलिस की हिरासत से फरार भी हुआ और अब खडूर साहिब से आप के विधायक मनजिंदर सिंह लालपुरा को सजा सुनाई जानी है। उनके साथ छह पुलिसवालों समेत दस लोगों को कोर्ट ने दोषी पाया गया है। मामला 13 साल पहले एक महिला से छेड़छाड़ और मारपीट करने का है। फैसला तरनतारन की जिला अदालत ने सुनाया। दोषसिद्धि के बाद, विधायक और अन्य आरोपियों को हिरासत में लेकर तरनतारन जिले के पट्टी कस्बे की उप-जेल भेज दिया गया।

    अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रेम कुमार ने सजा पर फैसला शुक्रवार के लिए सुरक्षित रखा है। पीड़िता के वकील अमित धवन ने बताया कि पुलिस ने विधायक समेत आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। धवन के अनुसार, पीड़िता ने कहा कि वह खुश है कि न्याय मिला और उसका 13 साल और छह महीने का इंतजार रंग लाया।

    पंजाब में आम आदमी पार्टी की बड़ी मुसीबत, एक और विधायक पहुंचा जेल की सलाखों के पीछे , छेड़छाड़ और मारपीट के मामले में दोषी करार

    2013 में घटना के समय, लालपुरा टैक्सी चालक के रूप में काम कर रहे थे। उन्होंने 2022 का विधानसभा चुनाव तरनतारन जिले के खडूर साहिब विधानसभा क्षेत्र से आप के टिकट पर लड़ा, जिसमें उन्हें 55,756 वोट मिले और उन्होंने दो बार के कांग्रेस विधायक रमनजीत सिंह सिक्की को लगभग 16,500 वोटों से हराया।

    यह घटना 4 सितंबर, 2013 को हुई थी। उस समय 19 वर्षीय दलित महिला और उसके परिवार के सदस्य एक शादी समारोह में गए थे, जब एक टैक्सी चालक और कुछ अन्य लोगों ने उसके साथ छेड़छाड़ की। उसने विरोध किया, लेकिन छेड़छाड़ करने वालों ने उसके साथ मारपीट की। पुलिस की एक टीम मौके पर पहुंची, लेकिन उन्होंने भी महिला के साथ मारपीट की। घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब शेयर किया गया, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया और अधिकारियों को पीड़िता के परिवार को सुरक्षा प्रदान करने का निर्देश दिया।

    धवन ने बताया कि 12 आरोपियों में से एक परमजीत सिंह की मुकदमे के दौरान मौत हो गई। गिरफ्तार किए गए आठ लोगों में लालपुरा उर्फ सभा, रविंदर सिंह, कवलदीप सिंह और पूर्व पुलिसकर्मी दविंदर कुमार, सारज सिंह, अश्विनी कुमार, तरसेम सिंह और हरजिंदर सिंह शामिल हैं। तीन अन्य दोषियों – गुरदीप राज, गगनदीप सिंह और नरिंदरजीत सिंह को अभी गिरफ्तार किया जाना बाकी है। इनमें नरिंदरजीत भी एक पुलिसकर्मी था।

  • पुलिस को चकमा देकर हुआ फरार, समर्थकों पर गोली चलाने और जवान पर गाड़ी चढ़ाने का आरोप

    पुलिस को चकमा देकर हुआ फरार, समर्थकों पर गोली चलाने और जवान पर गाड़ी चढ़ाने का आरोप

    करनाल से गिरफ्तार आम आदमी पार्टी के पंजाब के विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा पुलिस को चकमा देकर उसकी हिरासत से फरार हो गए हैं। पुलिस ने विधायक और उनके समर्थकों पर पुलिस पर फायरिंग करने और एक जवान पर गाड़ी चढ़ाने की कोशिश करने का भी आरोप लगाया है। पुलिस विधायक की तलाश कर रही है। विधायक के खिलाफ एक सितंबर को पटियाला के सिविल लाइन थाने में दुष्कर्म का मामला दर्ज किया गया था।

    नया मामला जीरकपुर निवासी एक महिला की शिकायत पर दर्ज किया गया है। महिला का आरोप है कि सोशल मीडिया पर उनकी पहचान विधायक से हुई और 2021 में दोनों ने आनंद कारज करवाया। बाद में पता चला कि विधायक ने पहली पत्नी से तलाक लिए बिना शादी की थी। शिकायत में यह भी कहा गया है कि विधायक ने उसे अश्लील वीडियो भेजे और लगातार धमकियां दीं। एडवोकेट बिक्रमजीत सिंह भुल्लर ने पुष्टि की कि पटियाला के सिविल लाइन थाने में 1 सितंबर 2025 को मामला दर्ज किया गया।

    पुलिस को चकमा देकर हुआ फरार, समर्थकों पर गोली चलाने और जवान पर गाड़ी चढ़ाने का आरोप

    विधायक के खिलाफ यह कोई पहला मामला नहीं है। हरमीत सिंह पठानमाजरा विवादों से पहले भी घिरे रहे हैं। 2022 में उनकी दूसरी पत्नी गुरप्रीत कौर ने उन पर पहली शादी छिपाने और मारपीट के आरोप लगाए थे। यही नहीं, एक कथित अश्लील वीडियो वायरल होने से भी वह सुर्खियों में रहे थे।

    पठानमाजरा ने सोमवार को ही अपनी ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला था। जलभराव की समस्या को लेकर उन्होंने सीधे मुख्यमंत्री भगवंत मान पर निशाना साधा। इसके कुछ ही घंटों बाद प्रदेश सरकार ने सनौर हलके में बड़े पैमाने पर तबादले कर दिए और उनकी सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों को वापस बुला लिया गया।

    गिरफ्तारी से पहले विधायक ने एक वीडियो जारी कर दावा किया था कि पंजाब पुलिस उन पर ‘राजनीतिक दबाव’ में कार्रवाई कर रही है। उनका कहना था कि दिल्ली से दबाव बनाकर उनकी आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है।

    आप विधायक के खिलाफ हुई इस कार्रवाई से पंजाब में नया सियासी तूफान खड़ा हो गया है। भगवंत मान सरकार पर विपक्ष पहले से ही सवाल उठा रहा है और अब पार्टी के ही एक विधायक के खिलाफ ऐसी बड़ी कार्रवाई ने सरकार को असहज स्थिति में डाल दिया है।
    हरमीत सिंह पठानमाजरा ने पिछले विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी (आप) के टिकट पर सनौर से जीत दर्ज की थी।

  • पंजाब में AAP की राजनीति में आया भूचाल,  बाढ़ को लेकर AAP विधायक ने अपनी ही सरकार को किया था कटघरे में खड़ा

    पंजाब में AAP की राजनीति में आया भूचाल, बाढ़ को लेकर AAP विधायक ने अपनी ही सरकार को किया था कटघरे में खड़ा

    पंजाब की राजनीति में भूचाल मचाने वाली घटना में सनौर से आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा को पुलिस ने करनाल से गिरफ्तार कर लिया है। सूत्रों के अनुसार, पटियाला पुलिस ने उन्हें हरियाणा के करनाल से हिरासत में लिया। हालांकि, पुलिस की ओर से अभी तक उनकी गिरफ्तारी या दर्ज मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

    पठानमाजरा ने खुद सोशल मीडिया पर लाइव आकर गिरफ्तारी की पुष्टि की और कहा कि उनके खिलाफ आईपीसी की धारा 376 (दुष्कर्म) के तहत केस दर्ज किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई उन्हें चुप कराने के लिए की गई है।

    पंजाब में AAP की राजनीति में आया भूचाल,  बाढ़ को लेकर AAP विधायक ने अपनी ही सरकार को किया था कटघरे में खड़ा

    वीडियो संदेश में उन्होंने कहा कि मुझे सच बोलने की कीमत चुकानी पड़ी है। बाढ़ संकट के लिए आईएएस कृष्ण कुमार जिम्मेदार हैं, लेकिन उनकी गलती उजागर करने पर मुझे निशाना बनाया गया।

    दिल्ली के लोग पंजाब को लूट रहे हैं और इस घमंड में हैं कि पंजाब के 94 विधायक उनके साथ हैं। जो सच बोलता है, उसे जेल में डाल दिया जाता है। हाल ही में पठानमाजरा ने बाढ़ प्रबंधन को लेकर सरकार की आलोचना की थी, जिसके बाद उनकी सुरक्षा (गनमैन) वापस ले ली गई थी। राजनीतिक गलियारों में माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान और दिल्ली नेतृत्व के खिलाफ उनकी मुखर आलोचना ने ही गिरफ्तारी का रास्ता तैयार किया।

    इस गिरफ्तारी ने पंजाब की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। विपक्षी दलों के तेवर और सरकार की सफाई अब अगला बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम होंगे। पठानमाजरा ने कहा है कि उन्हें सच बोलने की सजा मिल रही है। उन्होंने कहा कि उन्हें सच बोलने से कोई नहीं रोक सकता।

  • कोठी बताओ, 21 लाख पाओ, आम आदमी पार्टी नेता सौरभ भारद्वाज का नया पैंतरा

    कोठी बताओ, 21 लाख पाओ, आम आदमी पार्टी नेता सौरभ भारद्वाज का नया पैंतरा

    राजनीति वही होती है जो कोई भी नेता किसी मामले को भुनाने और उसे जनता के बीच लोकप्रिय करने में सफल हो जाए। आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज के ठिकानों पर कुछ दिन पहले ईडी की रेड के बाद अब सौरभ भारद्वाज में इस मामले को एक नए अंदाज में भुनाना शुरू कर दिया है। जहां ईडी की रेड से आम आदमी दुखी होता है वही सौरभ भारद्वाज इस समय इस मामले को लेकर अपने ही अंदाज में खुश नजर आते हैं।

    सुनो, सुनो, सुनो… जो कोई भी साथी सौरभ भारद्वाज की कोठी को ढूंढ़कर लाएगा, 21 लाख का नकद इनाम पाएगा। 21 लाख, 21 लाख, 21 लाख… मामला नई दिल्ली का है। गली-गली घूमकर ऐलान कराने वाला ये वीडियो आप नेता सौरभ भारद्वाज द्वारा शेयर किया गया है, जिसमें आप नेता अपने समर्थकों संग गली-गली घूमते हुए दिखाई दे रहे हैं। जानिए आखिर क्या मामला है?

    कोठी बताओ, 21 लाख पाओ, आम आदमी पार्टी नेता सौरभ भारद्वाज का नया पैंतरा

    दरअसल कुछ दिन पहले ईडी ने आम आदमी पार्टी के कई ठिकानों पर छापामारी की थी। सामने आया था कि ईडी द्वारा आप के 13 ठिकानों पर छापामारी की गई है। पूछताछ के बाद आप नेता सौरभ भारद्वाज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा था कि भाई हमको भी तो बताओ कि मेरे 13 ठिकाने कौन से हैं। ये रैली और इनाम को देने का ऐलान इसी छापेमारी से जोड़कर बताया जा रहा है।

    ईडी द्वारा की गई रेड के मामले को आगे बढ़ाते हुए सौरभ भारद्वाज अपने समर्थकों संग गली-गली, मोहल्ले-मोहल्ले घूमते नजर आए। रैली में साथ मौजूद लोगों ने नारे लगाए, सुनो, सुनो, सुनो… सौरभ भारद्वाज की कोठी ढूंढो, 21 लाख इनाम पाओ। कोठी ढूंढो 21 लाख पाओ। चूक न जाना, सुनहरा मौका है। जो कोई भी साथी सौरभ भारद्वाज की कोठी को ढूंढ़कर लाएगा, 21 लाख का नकद इनाम पाएगा।

    आपको बताते चलें कि ईडी द्वारा मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ये छापामारी हुई थी। इसमें स्वास्थ्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में कथित घोटाला से जुड़े मामले में हुई थी। आरोप है कि 2018-19 के दौरान, 5590 करोड़ रुपये की 24 अस्पताल परियोजनाओं को मंजूरी दी गई थी। हालांकि ये परियोजनाएं अत्यधिक और अस्पष्ट लागत वृद्धि के साथ, काफी हद तक अधूरी रहीं। सौरभ भारद्वाज ने साफ किया कि अगर ईडी मेरे तेरह ठिकाने बताती है तो, वह इन ठिकानों का कम से कम उन्हें कब्जा तो दिल दे।

  • हरियाणा के किसानों की जमीन पर भाजपा की नई नीति, AAP ने लगाया बड़ा आरोप, दलालों और नेताओं को फायदा

    हरियाणा के किसानों की जमीन पर भाजपा की नई नीति, AAP ने लगाया बड़ा आरोप, दलालों और नेताओं को फायदा

    आम आदमी पार्टी (AAP) ने हरियाणा सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि भाजपा सरकार सिर्फ किसानों की जमीन ही नहीं ले रही, बल्कि उनकी पहचान, आजीविका और आने वाली पीढ़ियों के अधिकार भी छीने जा रहे हैं। AAP ने कहा कि ई-भूमि पोर्टल के माध्यम से चल रही पेपर डेवलपमेंट योजना असल में दलालों और बिल्डर लॉबी के लिए लूट का खुला रास्ता बन चुकी है।

    जमीन अधिग्रहण और कम कीमत का खेल

    AAP ने हरियाणा की भूमि पूलिंग नीति पर सवाल उठाए हैं और कहा है कि भाजपा सरकार किसानों की जमीन सर्किल रेट से कम कीमत पर खरीदने की साजिश कर रही है। इस नीति में 10 एकड़ से कम जमीन वाले 90 प्रतिशत किसान जानबूझकर शामिल नहीं किए गए। सरकार द्वारा दी जा रही मुआवजा दरें बाजार की तुलना में बहुत कम हैं। इससे किसानों को नुकसान हो रहा है और दलालों को फायदा हो रहा है।

    हरियाणा के किसानों की जमीन पर भाजपा की नई नीति, AAP ने लगाया बड़ा आरोप, दलालों और नेताओं को फायदा

    नेताओं की जमीन खरीद का शक

    जहां यह नीति ई-भूमि पोर्टल के जरिए लागू की जा रही है, वहां बड़े नेता और मंत्री पहले ही कई हेक्टेयर जमीन खरीद चुके हैं। AAP ने इस पर सवाल उठाया है कि क्या यह महज संयोग है या सत्ता का दुरुपयोग? जब किसान अपनी जमीन बेचने के लिए मजबूर होंगे, तो सबसे पहले यह नेता अपने खरीदे हुए भूखंड से लाभ कमाएंगे। AAP ने इसे किसानों के खून और मेहनत पर आधारित व्यावसायिक मॉडल बताया।

    मुख्यमंत्री की नीतियों पर सवाल

    AAP ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह पूरे राज्य को कॉरपोरेट प्रोजेक्ट में बदलने की जल्दी में हैं। वह न गांवों की चिंता कर रहे हैं और न किसानों की आवाज सुन रहे हैं। AAP ने यह भी कहा कि भाजपा ने पहले दिल्ली की सड़कों पर किसानों को मारने में संकोच नहीं किया था और अब हरियाणा में उनकी जमीन और अधिकार छीने जा रहे हैं।

    किसान और विपक्ष की भूमिका

    AAP ने विपक्षी कांग्रेस पर भी निशाना साधा और कहा कि पूरे राज्य में विपक्ष मौन है। नेता विपक्ष का चुनाव तक नहीं हुआ है। किसानों को अब तय करना होगा कि वह सत्ता पक्ष के खिलाफ खड़े होंगे या उसके साथ मिलकर अपनी जमीन गंवाएंगे। AAP ने सरकार से सवाल किया कि 2014 से अब तक कितनी जमीन छीनी गई, किस-किस कॉरपोरेट को बेची गई और कितने भाजपा नेता ने पहले से जमीन खरीदी। यह सवाल सिर्फ राजनीतिक नहीं बल्कि हर किसान और मजदूर के जीवन से जुड़े हैं।

  • SYL canal dispute: दशकों पुराना झगड़ा बना सियासी अखाड़ा! पानी की लड़ाई में उलझा हरियाणा और पंजाब का भविष्य

    SYL canal dispute: दशकों पुराना झगड़ा बना सियासी अखाड़ा! पानी की लड़ाई में उलझा हरियाणा और पंजाब का भविष्य

    SYL canal dispute: नई दिल्ली में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल की अध्यक्षता में हुई बैठक से एक बार फिर कोई ठोस नतीजा नहीं निकल सका। बैठक में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान मौजूद थे। दोनों नेताओं ने बैठक के बाद कहा कि सकारात्मक माहौल में बातचीत हुई लेकिन तकनीकी और कानूनी पहलुओं पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। हर बार की तरह यह बैठक भी बस ‘चर्चा’ तक सिमटकर रह गई।

    कोर्ट के आदेश और राजनीतिक खींचतान

    सुप्रीम कोर्ट पहले ही हरियाणा के पक्ष में फैसला सुना चुका है और केंद्र ने मध्यस्थता की भूमिका निभाने की जिम्मेदारी ली है। बावजूद इसके, हर बार बैठकें होती हैं और निष्कर्ष के नाम पर सिर्फ ‘सकारात्मक माहौल’ बताया जाता है। असल में यह मामला अब तकनीकी नहीं बल्कि पूरी तरह राजनीतिक हो चुका है। हरियाणा में भाजपा की सरकार है तो पंजाब में आम आदमी पार्टी की। ऐसे में दोनों सरकारें इस मुद्दे को लेकर एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाती रहती हैं जिससे समाधान की उम्मीद धुंधली हो जाती है।

    SYL canal dispute: दशकों पुराना झगड़ा बना सियासी अखाड़ा! पानी की लड़ाई में उलझा हरियाणा और पंजाब का भविष्य

    पानी की जरूरत और जमीनी हकीकत

    पानी अब सिर्फ एक विवाद नहीं बल्कि दोनों राज्यों के अस्तित्व से जुड़ा सवाल बन चुका है। पंजाब को डर है कि अगर वह हरियाणा को पानी देगा तो उसके अपने खेत सूखे रह जाएंगे। वहीं हरियाणा का तर्क है कि सुप्रीम कोर्ट का आदेश है और उसे उसका हिस्सा मिलना चाहिए। दोनों राज्यों में भूमिगत जल स्तर तेजी से गिरता जा रहा है जिससे संकट और गहराता जा रहा है। पानी कोई ऐसी चीज नहीं है जिसे तत्काल बना लिया जाए। यह प्रकृति की देन है और इसका संतुलित वितरण ही एकमात्र रास्ता है।

    इतिहास में झांकते हैं तो मिलती है जड़

    इस विवाद की जड़ 31 अक्टूबर 1966 में पंजाब के पुनर्गठन के समय की है जब हरियाणा राज्य बना। नदी जल के बंटवारे को लेकर ही दोनों राज्यों में मतभेद शुरू हुए। 1976 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने हस्तक्षेप कर दोनों राज्यों को 3.5 MAF पानी देने का निर्णय लिया। लेकिन पंजाब की ओर से इस पर लगातार आपत्ति जताई जाती रही। 2004 में तो “पंजाब टर्मिनेशन ऑफ अग्रीमेंट एक्ट” लाकर इस समझौते को रद्द कर दिया गया। सुप्रीम कोर्ट में यह मामला अब तक लटका हुआ है और निर्णय की प्रतीक्षा है।

    कब मिलेगा समाधान, या और लंबा होगा इंतजार?

    एसवाईएल नहर विवाद सिर्फ एक जल बंटवारा नहीं बल्कि दो राज्यों के आपसी रिश्तों की परीक्षा बन चुका है। सुप्रीम कोर्ट में अब अगली सुनवाई होनी है लेकिन सवाल यह है कि क्या फिर से कोई समाधान निकलेगा या यह विवाद आने वाले वर्षों तक खिंचता रहेगा। जब तक दोनों राज्य आपसी विश्वास के साथ एक समाधान की ओर नहीं बढ़ते, तब तक यह विवाद हर बैठक के बाद वहीं लौट आएगा जहां से शुरू हुआ था।

  • Satyendra Jain को भ्रष्टाचार मामले में बड़ी राहत! अदालत ने CBI की क्लोजर रिपोर्ट को दी मंजूरी

    Satyendra Jain को भ्रष्टाचार मामले में बड़ी राहत! अदालत ने CBI की क्लोजर रिपोर्ट को दी मंजूरी

    दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री Satyendra Jain को एक बड़ी कानूनी राहत मिली है। भ्रष्टाचार के जिस मामले में वे लंबे समय से जांच के घेरे में थे, उस केस को अब बंद कर दिया गया है। दिल्ली की एक अदालत ने सीबीआई द्वारा दायर की गई क्लोजर रिपोर्ट को स्वीकार करते हुए कहा कि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत लगे आरोपों को साबित करने के लिए कोई भी ठोस साक्ष्य नहीं मिले हैं। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि लंबी और विस्तृत जांच के बाद भी यदि कोई सबूत न मिले, तो ऐसे मामलों में आगे की कार्यवाही का कोई औचित्य नहीं बनता।

    2018 में दर्ज हुई थी प्राथमिकी, लगे थे गंभीर आरोप

    सत्येंद्र जैन के खिलाफ वर्ष 2018 में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। यह मामला दिल्ली सरकार के सतर्कता निदेशालय की शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया था। आरोप था कि लोक निर्माण विभाग (PWD) में नियमों को ताक पर रखकर सलाहकारों की एक “क्रिएटिव टीम” की अनियमित नियुक्ति की गई। इस भर्ती में मानक प्रक्रिया की अनदेखी की गई और वित्त विभाग से मंजूरी लिए बिना फंड का इस्तेमाल बारापुला फेज-3 जैसी परियोजनाओं में किया गया। शिकायत में कहा गया था कि यह पूरी प्रक्रिया भ्रष्टाचार और नियमों के उल्लंघन की ओर इशारा करती है।

    Satyendra Jain को भ्रष्टाचार मामले में बड़ी राहत! अदालत ने CBI की क्लोजर रिपोर्ट को दी मंजूरी

     सीबीआई को नहीं मिले रिश्वत या निजी लाभ के प्रमाण

    करीब चार साल तक चली जांच के दौरान सीबीआई ने गहनता से सभी पहलुओं की जांच की, लेकिन उसे सत्येंद्र जैन या अन्य अधिकारियों के खिलाफ कोई भी आपराधिक प्रमाण, रिश्वत लेने या निजी लाभ प्राप्त करने का कोई सबूत नहीं मिला। यही कारण रहा कि एजेंसी ने कोर्ट में क्लोजर रिपोर्ट दायर की और अदालत ने उसे स्वीकार कर लिया।

    अदालत ने कहा – नई सामग्री मिले तो हो सकती है पुनः जांच

    हालांकि अदालत ने यह रास्ता भी खुला रखा है कि यदि भविष्य में सत्येंद्र जैन या अन्य आरोपियों के खिलाफ कोई नई सामग्री या साक्ष्य सामने आते हैं, तो सीबीआई उन पर पुनः जांच कर सकती है और आवश्यक कानूनी कदम उठा सकती है। इसका मतलब यह है कि फिलहाल तो सत्येंद्र जैन को राहत मिल गई है, लेकिन भविष्य की स्थितियों पर अदालत की नजर बनी रहेगी।

    राजनीतिक गलियारों में तेज हुई प्रतिक्रियाएं

    सत्येंद्र जैन के पक्ष में आए इस फैसले के बाद आम आदमी पार्टी और उसके समर्थकों ने इसे ‘सच्चाई की जीत’ बताया है। वहीं विपक्ष ने अब तक इस मामले पर कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं दी है। यह फैसला न केवल सत्येंद्र जैन के लिए, बल्कि राजनीतिक दृष्टिकोण से भी काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि इससे सरकार और विपक्ष के बीच चल रहे आरोप-प्रत्यारोप के दौर पर असर पड़ सकता है।

  • सत्येंद्र जैन केस बंद होने पर अरविंद केजरीवाल का फूटा गुस्सा! अब केजरीवाल ने पूछे तीखे सवाल – कौन है असली गुनहगार?

    सत्येंद्र जैन केस बंद होने पर अरविंद केजरीवाल का फूटा गुस्सा! अब केजरीवाल ने पूछे तीखे सवाल – कौन है असली गुनहगार?

    दिल्ली की एक अदालत ने आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन के खिलाफ चल रहे भ्रष्टाचार के मामले को बंद कर दिया है। अदालत के इस फैसले के बाद दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने फैसले का स्वागत करते हुए केंद्र सरकार और विपक्षी दलों पर जमकर हमला बोला। केजरीवाल ने इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया और कहा कि आम आदमी पार्टी के नेताओं को झूठे केसों में फंसाया गया है।

     ‘सभी केस झूठे, समय बताएगा सच्चाई’

    अरविंद केजरीवाल ने अपने बयान में साफ कहा कि आप नेताओं पर लगाए गए सारे केस झूठे थे। उन्होंने विश्वास जताया कि समय के साथ सभी मामलों में सच्चाई सामने आ जाएगी। केजरीवाल ने कहा कि उनके खिलाफ जितने भी मामले दर्ज हुए वे सब झूठे साबित होंगे और एक-एक कर सभी बंद होंगे। उन्होंने इसे “सच की जीत” बताया और कहा कि न्याय व्यवस्था पर उनका भरोसा और मजबूत हुआ है।

    सत्येंद्र जैन केस बंद होने पर अरविंद केजरीवाल का फूटा गुस्सा! अब केजरीवाल ने पूछे तीखे सवाल – कौन है असली गुनहगार?

    ‘झूठे केस लगाने वालों को कौन सज़ा देगा?’

    केजरीवाल ने सरकार और जांच एजेंसियों पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि जब आम आदमी पार्टी के नेताओं पर झूठे केस लगाए गए तो उन मामलों को गढ़ने वाले अधिकारियों और नेताओं को सज़ा कौन देगा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जब चाहा झूठा केस बना दिया, जब चाहा जेल भेज दिया और फिर जब मन किया क्लोजर रिपोर्ट लगा दी। उन्होंने इसे न्याय के साथ खिलवाड़ बताया।

     ‘परिवारों को दी गई पीड़ा की भरपाई कैसे होगी?’

    केजरीवाल ने कहा कि इन झूठे केसों ने न सिर्फ नेताओं को बदनाम किया बल्कि उनके परिवारों को भी गहरी तकलीफ दी। उन्होंने कहा कि जब कोई निर्दोष व्यक्ति जेल जाता है तो उसका पूरा परिवार मानसिक और सामाजिक पीड़ा से गुजरता है। उन्होंने पूछा कि इस दर्द और अपमान की भरपाई कौन करेगा। क्या इस पूरे प्रकरण में किसी की जवाबदेही तय की जाएगी?

    राजनीति में बदले की भावना पर चिंता

    अपने बयान के अंत में केजरीवाल ने राजनीति में बढ़ती बदले की भावना पर चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष की आवाज को दबाने की कोशिशें खतरनाक होती हैं। अगर राजनीतिक विरोधियों को जेल भेजना ही मकसद बन जाए तो फिर लोकतंत्र का क्या अर्थ रह जाएगा। उन्होंने केंद्र से अपील की कि वह लोकतंत्र की मर्यादा बनाए रखे और कानून का दुरुपयोग बंद करे।