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  • Bhupinder Hooda का बड़ा बयान – ना थका हूं, ना रिटायर, अभय से पूछा महम कांड पर करारा सवाल

    Bhupinder Hooda का बड़ा बयान – ना थका हूं, ना रिटायर, अभय से पूछा महम कांड पर करारा सवाल

    पूर्व मुख्यमंत्री Bhupinder Singh Hooda ने सोमवार को रोहतक के डी-पार्क स्थित अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत में इनेलो नेता अभय चौटाला पर तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि अभय चौटाला रोहतक में होने वाली इनेलो की रैली में यह बताएं कि महम में क्या कांड हुआ था और वहां कौन किसकी वर्दी पहनकर गया था।

    25 सितंबर को ताऊ देवीलाल जयंती के अवसर पर इनेलो रोहतक की नई अनाज मंडी में प्रदेश स्तरीय रैली आयोजित करने जा रही है। इसके लिए अभय चौटाला पिछले एक सप्ताह से रोहतक में सक्रिय हैं और लगातार भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर सियासी हमले कर रहे हैं। जवाब में हुड्डा ने कहा कि वह व्यक्तिगत आरोपों से बचना चाहते हैं, लेकिन इनेलो को अपनी रैली में ताऊ देवीलाल जयंती के बहाने उपलब्धियां गिनानी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि इनेलो ने किसानों से वादा किया था कि ‘न मीटर रहेगा, न मीटर रीडर’, लेकिन फिर किसानों पर गोलियां क्यों चलवाई गईं?

    Bhupinder Hooda का बड़ा बयान – ना थका हूं, ना रिटायर, अभय से पूछा महम कांड पर करारा सवाल

    हुड्डा ने आगे कहा कि इनेलो राज में किसान कर्ज लेने पर रिकवरी अफसरों की गाड़ी देखकर खेतों में भागता था। उन्होंने तंज कसते हुए पूछा कि क्या इनेलो यह बताएगी कि उनके शासन में कानून-व्यवस्था का क्या हाल था, जब रोहतक जेल से प्रदेश की सरकार चलती थी? इसके साथ ही हुड्डा ने इनेलो से यह भी पूछा कि विधानसभा चुनाव में उन्होंने किसके साथ सीटों का समझौता किया था।

    कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बीरेंद्र सिंह डूमरखां ने हाल ही में करनाल में कार्यकर्ताओं की बैठक में कहा था कि अब प्रदेश कांग्रेस की कमान कुमारी शैलजा को सौंप देनी चाहिए, क्योंकि उनकी और भूपेंद्र सिंह हुड्डा की उम्र हो चुकी है और उन्हें राजनीति से रिटायर मान लिया जाए। इस पर हुड्डा ने जवाब दिया, बीरेंद्र सिंह मेरे बड़े भाई हैं, लेकिन मैं स्पष्ट कर दूं कि मैं न तो रिटायर हूं और न ही थका हुआ हूं। कुमारी शैलजा को लेकर पूछे गए सवाल को हुड्डा ने टाल दिया।

  • Haryana: रोहतक में अभय चौटाला की शक्ति परीक्षा, क्या दोबारा जगेगा देवीलाल परिवार का दबदबा?

    Haryana: रोहतक में अभय चौटाला की शक्ति परीक्षा, क्या दोबारा जगेगा देवीलाल परिवार का दबदबा?

    Haryana की राजनीति में देवीलाल परिवार का दखल अच्छा खासा रहा है यह एक अलग बात है कि पिछले दिनों परिवार के टूटने के बाद इस परिवार का दखल काम हो गया। JJP ने एक बार अपनी ताकत भी दिखाई लेकिन उसके बाद से वह लगातार सिकुड़ती नजर आ रही है।

    इस बीच INLD प्रमुख अभय चौटाला अब अपने पैर जमाने की कोशिश में जुट गए हैं। इसके लिए वह 25 सितंबर को रोहतक में एक बड़ी रैली करने जा रहे हैं। यह तारीख चौटाला परिवार के बुजुर्ग नेता और पूर्व उपप्रधानमंत्री देवी लाल की जयंती भी है। यह रैली खास इसलिए भी है क्योंकि पूर्व मुख्यमंत्री और अभय चौटाला कि पिता ओमप्रकाश चौटाला के दिसंबर 2024 में निधन के बाद यह चौटाला परिवार का पहला बड़ा आयोजन होगा।

    रैली का स्थल रोहतक चुना गया है, जो कांग्रेस के दिग्गज और जाट नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा का गढ़ माना जाता है। अभय चौटाला ने साफ शब्दों में आरोप लगाया है कि हुड्डा का यहां कोई आधार नहीं है। वह खुद भाजपा के साथ मिले हुए हैं। इसीलिए उन्होंने इस स्थान को चुना है।

    Haryana: रोहतक में अभय चौटाला की शक्ति परीक्षा, क्या दोबारा जगेगा देवीलाल परिवार का दबदबा?

    देवीलाल परिवार के पास हमेशा से जाट वोट बैंक बड़ी संख्या में रहा है और वर्तमान में भी इनेलो इस बड़े वोट बैंक को अपनी तरफ करने में लगी हुई है।

    अभय चौटाला ने इस मौके पर कई अन्य क्षेत्रीय नेताओं को भी आमंत्रित किया है। जिनमें शिरोमणि अकाली दल प्रमुख और पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल, राजस्थान से सांसद हनुमान बेनीवाल (राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी) और जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री सुरिंदर कुमार चौधरी को बुलाया है। अभय का कहना है कि यह किसी तीसरे मोर्चे का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि उन नेताओं को एक साथ लाने का प्रयास है जो भाजपा और कांग्रेस दोनों से अलग हैं।

    2018 में परिवारिक विवाद के बाद अभय के भतीजे दुष्यंत चौटाला ने JJP बनाई थी, जिसने 2019 में 10 सीटें जीतकर भाजपा सरकार में साझेदारी की। लेकिन किसानों के आंदोलन (2020) के समय भाजपा के साथ बने रहने की वजह से JJP का ग्राफ गिरा और 2024 विधानसभा चुनाव में उसका वोट शेयर 14.8% से गिरकर 0.90% तक पहुंच गया। इसके उलट INLD ने 2024 में दो सीटें (डबवाली और रानियां) जीतीं और 4.14% वोट शेयर हासिल किया। अभय का दावा है, “JJP खत्म हो चुकी है। उनके कार्यकर्ता और पदाधिकारी अब हमारे साथ हैं।”

    रोहतक पहले से ही देवीलाल आंदोलन का पारंपरिक गढ़ रहा है, लेकिन 1990 के दशक से हुड्डा परिवार ने इसे अपने नियंत्रण में लिया। अब अभय उसी जमीन पर अपनी पकड़ मजबूत करना चाहते हैं। फिलहाल, भाजपा और कांग्रेस दोनों ने अभय की रैली को महत्वहीन बताया है।

  • Abhay Chautala बोले- किसान हितैषी सत्यपाल मलिक का अपमान, भाजपा ने दिखाई ओछी मानसिकता

    Abhay Chautala बोले- किसान हितैषी सत्यपाल मलिक का अपमान, भाजपा ने दिखाई ओछी मानसिकता

    इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी Abhay Chautala ने पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक के अंतिम संस्कार में भाजपा सरकार द्वारा राजकीय सम्मान न देने को कड़ी आलोचना का विषय बताया है। उन्होंने कहा कि यह न केवल एक संवैधानिक पद पर रहे व्यक्ति का अपमान है, बल्कि समाज के उस वर्ग का भी अपमान है जिससे मलिक ताल्लुक रखते थे — यानी किसान वर्ग। अभय चौटाला ने इस फैसले को ओछी राजनीति और किसान विरोधी मानसिकता की उपज करार दिया।

    सत्यपाल मलिक को किसानों का समर्थन देना पड़ा महंगा

    Abhay Chautala ने कहा कि सत्यपाल मलिक ने अपने कार्यकाल के दौरान किसानों के हितों की खुलकर वकालत की थी, खासकर तब जब केंद्र सरकार ने तीन कृषि कानून लागू किए थे। उन्होंने आंदोलनरत किसानों के पक्ष में निर्भीक बयान दिए और भाजपा सरकार की किसान विरोधी नीतियों पर सवाल उठाए थे। चौटाला ने स्पष्ट तौर पर कहा कि उन्हें राजकीय सम्मान न देना उसी समर्थन की ‘सजा’ है जो उन्होंने किसानों को दी थी। यह फैसला उन सभी लोगों को संदेश देने की कोशिश है जो सरकार के खिलाफ बोलते हैं या किसान हितों की पैरवी करते हैं।

    Abhay Chautala बोले- किसान हितैषी सत्यपाल मलिक का अपमान, भाजपा ने दिखाई ओछी मानसिकता

    लोकतंत्र के खिलाफ है यह सोच

    अभय सिंह चौटाला ने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह जानबूझकर यह दिखाना चाहती है कि किसी भी विरोधी स्वर को दबाया जाएगा। उन्होंने कहा, “यह रवैया लोकतंत्र, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और संवैधानिक मूल्यों के खिलाफ है। सरकार के इस कदम ने यह साफ कर दिया है कि जो भी किसान हित की बात करेगा, उसे या तो अनदेखा किया जाएगा या अपमानित किया जाएगा।” उन्होंने कहा कि यह सिर्फ सत्यपाल मलिक का नहीं, हर उस किसान का अपमान है जिसने अपने हक के लिए संघर्ष किया।

    जनता का प्रेम ही सच्ची श्रद्धांजलि

    अभय चौटाला ने कहा कि सत्यपाल मलिक को न दिए गए राजकीय सम्मान से उनकी जनप्रियता और उनके विचारों की ताकत कम नहीं होती। उन्होंने कहा कि जनता का बेशुमार प्यार, किसानों का आशीर्वाद और संघर्षशील सोच ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि है। उन्होंने देश के किसानों, युवाओं और जागरूक नागरिकों से अपील की कि वे इस ओछी मानसिकता का लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण जवाब दें। अब समय आ गया है जब देश को यह दिखाना होगा कि वह अपने सच्चे जननायकों को इज्जत और सम्मान देना जानता है, चाहे सत्ता में बैठी ताकतें उन्हें न पहचानें।

  • Haryana: अभय सिंह चौटाला ने सरकार से किसानों को 50 हजार रूपए प्रति एकड़ मुआवजा देने की मांग की।

    Haryana: अभय सिंह चौटाला ने सरकार से किसानों को 50 हजार रूपए प्रति एकड़ मुआवजा देने की मांग की।

    Haryana के आठ जिलों में भारी बारिश के चलते खेतों में पानी भर गया है जिससे करीब 55 हजार एकड़ की फसल पूरी तरह से बर्बाद हो गई है। धान नरमा बाजरा मूंगफली और सब्जियां सब कुछ जलभराव की भेंट चढ़ गईं। इससे किसानों की मेहनत और पूंजी दोनों तबाह हो गई हैं।

    जिलेवार नुकसान की भयावह तस्वीर

    अभय चौटाला ने जिन जिलों में सर्वाधिक नुकसान बताया उनमें रोहतक में सबसे ज्यादा 19000 एकड़ में फसल बर्बाद हुई है। इसके बाद भिवानी में 12000 एकड़ झज्जर में भी इतनी ही जमीन डूबी है। हिसार में 7000 एकड़ सिरसा में 2000 फतेहाबाद में 1800 कुरुक्षेत्र में 800 और यमुनानगर में 500 एकड़ जमीन बर्बाद हो गई है।

    Haryana: अभय सिंह चौटाला ने सरकार से किसानों को 50 हजार रूपए प्रति एकड़ मुआवजा देने की मांग की।

    प्रशासन की लापरवाही बनी किसानों की मुसीबत

    इनेलो नेता का आरोप है कि प्रशासन ने जलभराव से निपटने के लिए अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। जिन खेतों में पानी भरा है वहां से निकासी की व्यवस्था तक नहीं हुई है। किसान अपनी फसलों की बर्बादी से परेशान हैं और कर्ज के बोझ तले दब चुके हैं। सरकार की बेरुखी ने हालात को और गंभीर बना दिया है।

    मुआवजे की मांग और खर्चों का आंकलन

    अभय चौटाला ने कहा कि एक एकड़ में किसान का खर्च 50000 रुपये से अधिक बैठता है जिसमें ठेका खाद बीज दवाइयां और डीजल जैसी चीजें शामिल हैं। ऐसे में सरकार को तुरंत विशेष गिरदावरी करवा कर किसानों को कम से कम 50000 रुपये प्रति एकड़ का मुआवजा देना चाहिए। ताकि किसान अगली फसल की तैयारी कर सके।

    इनेलो ने सरकार पर बोला हमला

    अभय चौटाला ने कहा कि भाजपा सरकार किसानों के प्रति पूरी तरह असंवेदनशील है। हर साल जलभराव से फसलें बर्बाद होती हैं लेकिन सरकार कोई ठोस समाधान नहीं निकालती। किसानों की मदद की बजाय उन्हें उनके हाल पर छोड़ दिया जाता है। इनेलो ने यह मांग दोहराई है कि यदि सरकार समय रहते कार्रवाई नहीं करती तो किसान आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।

  • Abhay Chautala: भाजपा कलेक्टर रेट में 10 से 133 प्रतिशत बढ़ोतरी कर जनता को खून के आंसू रुला रही है

    Abhay Chautala: भाजपा कलेक्टर रेट में 10 से 133 प्रतिशत बढ़ोतरी कर जनता को खून के आंसू रुला रही है

    चंडीगढ़। वीरवार को मुख्यमंत्री नायब सैनी द्वारा कलेक्टर रेट बढ़ाने पर इनेलो के राष्ट्रीय अध्यक्ष Abhay Chautala ने कहा कि सबका साथ सबका विकास का नारा देने वाली भाजपा सरकार विकास के नाम पर लगातार प्रदेश की जनता की जेब काटने का काम कर रही है। पहले ही प्रदेश की जनता महंगाई और बेरोजगारी की मार झेल रही है।

    भाजपा सरकार ने पिछले साल ही रेट बढ़ाए थे। अब कलेक्टर रेट में 10 से 133 प्रतिशत बढ़ोतरी करके जनता को घुटनों पर लाकर रुला रही है। भाजपा सरकार द्वारा प्रदेश में पिछले दिनों चार गुना बिजली के दामों की बढ़ोतरी अभी जनता के गले नहीं उतरी थी कि अब कलेक्टर रेट बढ़ा कर जनता पर एक और बोझ लाद दिया है। कलेक्टर रेट और बिजली दरों में की गई बेहिसाब बढ़ोतरी के लिए हरियाणा के मुख्यमंत्री और बिजली मंत्री ने जो कुतर्क दिए हैं उसका जवाब जनता आने वाले समय में सूद समेत देगी।

    Abhay Chautala: भाजपा कलेक्टर रेट में 10 से 133 प्रतिशत बढ़ोतरी कर जनता को खून के आंसू रुला रही है

    अभय सिंह चौटाला ने कहा कि भाजपा सरकार बड़े कॉरपोरेट घरानों और पूंजीपतियों की हितैषी सरकार है। इनको आम लोगो की परेशानियों से कोई लेना देना नहीं है। पिछले लगभग 11 साल से सत्ता पर काबिज भाजपा सरकार की असलियत इसी बात से पता लगाई जा सकती है कि इनकी जनविरोधी नीतियों और भयंकर भ्रष्टाचार के चलते प्रदेश पर चार लाख करोड़ कर्ज हो चुका है।

    अब भाजपा सरकार उस चार लाख करोड़ कर्ज की भरपाई भी प्रदेश की गरीब जनता से कर रही है। उसपर अचंभे वाली बात यह है कि चार लाख करोड़ रूपए का कर्ज लेने के बावजूद प्रदेश की सारी सडक़ें टूटी पड़ी हैं, एक बारिश में सभी शहर समुंद्र बन जाते हैं, सरकारी स्कूलों और अस्पतालों के खस्ता हालात पड़े हैं , सरकारी नौकरियां और रोजगार दे नहीं रही है। फिर वो कर्ज लिए लाखों करोड़ रूपए गए कहां? साफ है सारा पैसा भ्रष्टाचार करके डकार गए हैं।

  • Haryana News: चौटाला परिवार को फिर मिली जान से मारने की धमकी! मूसेवाला की मूर्ति बनी विवाद की जड़

    Haryana News: चौटाला परिवार को फिर मिली जान से मारने की धमकी! मूसेवाला की मूर्ति बनी विवाद की जड़

    Haryana News: हरियाणा की राजनीति में चौटाला परिवार का नाम हमेशा चर्चा में रहता है। लेकिन अब उन्हें बार-बार मिल रही जान से मारने की धमकियों ने राज्य में हड़कंप मचा दिया है। पहले इनेलो नेता अभय चौटाला को धमकी मिली और अब जेजेपी के युवा नेता दिग्विजय सिंह चौटाला को सोशल मीडिया पर खुलेआम जान से मारने की धमकी दी गई है। सबसे चौंकाने वाली बात ये है कि दिग्विजय को यह धमकी तब दी गई जब उन्होंने डबवाली क्षेत्र में प्रसिद्ध पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की प्रतिमा लगाने की घोषणा की थी।

    सोशल मीडिया पर भेजी गई धमकी के साथ वीडियो भी

    मीडिया रिपोर्ट्स और पुलिस सूत्रों के अनुसार यह धमकी किसी अज्ञात व्यक्ति ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भेजी। वीडियो में दिखाया गया कि मूसेवाला की प्रतिमा पर फायरिंग हो रही है और यह स्पष्ट संदेश था कि अगर प्रतिमा लगाने की कोशिश की गई तो गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। इस वीडियो के सामने आते ही पूरे राजनीतिक गलियारे में चिंता की लहर दौड़ गई। पुलिस और खुफिया एजेंसियां तुरंत हरकत में आ गईं और जांच शुरू कर दी गई।

    Haryana News: चौटाला परिवार को फिर मिली जान से मारने की धमकी! मूसेवाला की मूर्ति बनी विवाद की जड़

    मूसेवाला को प्रेरणा बताते हुए बोले चौटाला

    दिग्विजय सिंह चौटाला ने पत्रकारों से बात करते हुए इस धमकी को नकारात्मक ताकतों की साजिश बताया। उन्होंने साफ कहा कि, “हम डरने वाले नहीं हैं।” दिग्विजय ने मूसेवाला को हरियाणा और पंजाब के युवाओं के लिए प्रेरणास्त्रोत बताया और कहा कि उनकी मूर्ति जरूर स्थापित की जाएगी। उन्होंने जनता से अपील की कि ऐसे असामाजिक तत्वों के खिलाफ एकजुट होकर खड़े हों और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करें।

    पुलिस ने बढ़ाई सुरक्षा और शुरू की जांच

    धमकी के बाद डबवाली और आस-पास के क्षेत्रों में चौकसी बढ़ा दी गई है। दिग्विजय सिंह चौटाला की सुरक्षा को भी तुरंत बढ़ा दिया गया है। पुलिस ने सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो की प्रामाणिकता जांचने के लिए साइबर सेल की मदद ली है और संदेश भेजने वाले की पहचान में भी तेजी लाई जा रही है। इस मामले में एफआईआर दर्ज हो चुकी है और आरोपी की तलाश में छापेमारी जारी है।

    जेजेपी कार्यकर्ताओं का फूटा गुस्सा

    दिग्विजय चौटाला को धमकी मिलने के बाद जेजेपी कार्यकर्ताओं में गुस्सा देखा गया। उन्होंने सड़कों पर उतरकर विरोध जताया और आरोपी की जल्द से जल्द गिरफ्तारी की मांग की। कई नेताओं ने इसे लोकतंत्र के खिलाफ हमला बताया और सरकार से इस मामले को गंभीरता से लेने की अपील की। फिलहाल यह देखना होगा कि पुलिस जांच कब तक नतीजा देती है और क्या आरोपी कानून के शिकंजे में आता है।

  • Abhay Chautala का बड़ा कदम, तीज पर CET परीक्षा रोकने के लिए मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

    Abhay Chautala का बड़ा कदम, तीज पर CET परीक्षा रोकने के लिए मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

    Abhay Chautala: हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग द्वारा 27 जुलाई 2025 को प्रस्तावित सीईटी परीक्षा की तारीख को लेकर राज्य में नया विवाद खड़ा हो गया है। इस दिन हरियाणा में हरियाली तीज का पर्व बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। ऐसे में इनेलो के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभय सिंह चौटाला ने मुख्यमंत्री नायब सैनी को पत्र लिखकर इस तारीख को आगे बढ़ाने की मांग की है। उन्होंने पत्र में स्पष्ट किया कि तीज हरियाणवी संस्कृति का अहम त्योहार है और इस दिन अधिकांश महिलाएं पूजा, व्रत व पारंपरिक रीति-रिवाज निभाती हैं, ऐसे में परीक्षा की तारीख इस पर्व के दिन रखना छात्रों और परिवारों के लिए असुविधाजनक होगा।

    आयोग की लापरवाही पर उठाए सवाल

    अपने पत्र में अभय सिंह चौटाला ने कहा कि कर्मचारी चयन आयोग द्वारा तीज जैसे महत्वपूर्ण पर्व के दिन परीक्षा आयोजित करना यह दर्शाता है कि आयोग ने बिना स्थानीय सांस्कृतिक परिस्थितियों को ध्यान में रखे परीक्षा की तारीख तय कर दी। उन्होंने इसे आयोग की बड़ी लापरवाही बताया। अभय चौटाला ने कहा कि इस दिन परीक्षा होने से परीक्षार्थियों को मानसिक दबाव और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच संघर्ष करना पड़ेगा, जिससे उनकी परीक्षा की तैयारी और प्रदर्शन पर भी असर पड़ सकता है। उन्होंने मुख्यमंत्री से अपील की कि तीज की महत्ता और हरियाणवी संस्कृति की गरिमा को ध्यान में रखते हुए परीक्षा की तारीख में बदलाव किया जाए।

    Abhay Chautala का बड़ा कदम, तीज पर CET परीक्षा रोकने के लिए मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

    परीक्षा को स्थगित कर किसी अन्य रविवार को करवाने की मांग

    पत्र में अभय सिंह चौटाला ने आग्रह किया कि 27 जुलाई को प्रस्तावित सीईटी परीक्षा को स्थगित कर किसी अन्य रविवार को आयोजित किया जाए ताकि परीक्षार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि तीज के दिन पूरे प्रदेश में महिलाएं त्योहार की तैयारियों में व्यस्त रहती हैं और परिवार के पुरुष सदस्य भी घर में होने वाले पारंपरिक आयोजनों में शामिल होते हैं। ऐसे में विद्यार्थियों और उनके परिवारों के लिए परीक्षा देना मुश्किल होगा। उन्होंने कहा कि तीज का पर्व हरियाणा में महिलाओं के लिए विशेष महत्व रखता है और इसे उल्लास के साथ मनाने का अवसर हर परीक्षार्थी को मिलना चाहिए।

    प्रेस के माध्यम से नई तारीख की घोषणा की मांग

    अभय सिंह चौटाला ने पत्र में यह भी उल्लेख किया कि परीक्षा की अगली तारीख को लेकर जल्द ही प्रेस और मीडिया के माध्यम से स्पष्ट सूचना दी जाए ताकि विद्यार्थियों को किसी प्रकार की मानसिक उलझन या भ्रम की स्थिति का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि आयोग की ओर से परीक्षा की नई तारीख की घोषणा शीघ्र करने से विद्यार्थियों को अपनी पढ़ाई और परीक्षा की तैयारी की योजना सही ढंग से बनाने में सुविधा होगी। इसके साथ ही हरियाणा की संस्कृति के अनुरूप हरियाली तीज का पर्व पूरे प्रदेश में परंपरा और श्रद्धा के साथ मनाया जा सकेगा, जिससे राज्य की सांस्कृतिक पहचान भी बनी रहेगी।