मोबाइल पेमेंट कंपनी MobiKwik की पेमेंट एप में तकनीकी खराबी का फायदा उठाकर मेवात के रहने वाले शातिर ठगों ने कंपनी को 40 करोड़ रुपये से अधिक का चूना लगाया। गुरुग्राम पुलिस को शिकायत मिलने के बाद मामले में बड़ी कामयाबी हासिल हुई है। पुलिस ने ठगी करने वाले 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस बीच इस मामले की जांच SIT गठित की गई है।
41 करोड़ की धोखाधड़ी के मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस आयुक्त विकास अरोड़ा ने बुधवार को जांच के लिए SIT गठित की। एसीपी साइबर क्राइम प्रियांशु दीवान के नेतृत्व में चार सदस्यीय टीम जांच के बाद इसकी रिपोर्ट सौंपेगी। टीम में सेक्टर 53 और साइबर ईस्ट थाना प्रभारी भी शामिल हैं। सितंबर के पहले सप्ताह में मोबिक्विक एप में आई तकनीकी खामी का फायदा उठाकर बड़ी संख्या में लोगों ने एप के वॉलेट से रुपये अपने जानने वालों, दुकानदारों और अन्य लोगों के खाते में भेजकर कंपनी को करोड़ों रुपये का चूना लगाया।

अकेले नूंह में ही 30 करोड़ आए मोबिक्विक एप के जरिए हुए 40 करोड रुपए का अवैध ट्रांजेक्शन में से अकेले नूंह में ही 30 करोड़ रुपए का लेनदेन हुआ है। बाकी 10 करोड़ रुपए गुरुग्राम और पलवल जिले में गए।
सबसे ज्यादा रकम नूंह जिले से निकाली गई। कंपनी ने नूंह के लघु सचिवालय के कमरा नंबर 428 में 23 सितंबर तक के लिए कैंप लगाया है। जिन लोगों ने वॉलेट से पैसे निकाले हैं, उनको एक मौका दिया है। रकम न लौटाने पर FIR दर्ज कराई जाएगी।
शुरुआती जांच में सामने आया है कि सॉफ्टवेयर अपडेट करते वक्त गलती हुई। जिससे सिक्योरिटी चेक डिसेबल हो गया। कंपनी की वार्षिक मीटिंग होने वाली है, उसी को लेकर ऑडिट चल रहा था और तकनीकी टीम भी रात को काम कर रही थी। इसी दौरान सिस्टम फेल हुआ। कंपनी की टेक्निकल टीम जांच कर रही है।














