प्रदेश में सद्भावना का संदेश देने के लिए बांगर के दनौदा गांव से कांग्रेस राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं पूर्व सांसद बृजेंद्र सिंह 5 अक्टूबर को सद्भाव यात्रा की शुरूआत करेंगे। यह यात्रा प्रदेश की कांग्रेस राजनीति में काफी महत्वपूर्ण बदलाव करेगी। इससे हरियाणा में कांग्रेस की राजनीति को नई दिशा मिलेगी।
पहले यह यात्रा दो अक्टूबर को महात्मा गांधी की जयंती से शुरू होनी थी। इस दिन दशहरा होने के चलते यह यात्रा अब पांच अक्टूबर को शुरू होगी। यात्रा पहले चरण में 17 अक्टूबर तक छह हलकों में पहुंचेगी। यात्रा की रूपरेखा तैयार कर ली गई है। यात्रा को लेकर पूर्व केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह, पूर्व सांसद बृजेंद्र सिंह के साथ-साथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष ऋषिपाल हैबतपुर भी सक्रिय हैं।

कांग्रेस कई सालों के बाद जिला में एकजुट नजर आ रही है। अब से पहले जो भी जिलाध्यक्ष बनते थे उसे किसी न किसी गुट में गिना जाता था। जो यात्रा बृजेंद्र सिंह निकाल रहे है उसको लेकर कांग्रेस शीर्ष नेतृत्व द्वारा भी हरी झंडी दे दी गई है। यात्रा को लेकर दो अलग-अलग मीटिंग आयोजित हुई। पहली मीटिंग में कलायत, नारनौंद, जींद, जुलाना, सफीदों, नरवाना के कार्यकर्ता पहुंचे तो दूसरी मीटिंग उचाना हलके के कार्यकर्ताओं के साथ की गई। जींद में पूर्व पीएम राजीव गांधी की जयंती पर मनाए जाने वाले सद्भावना दिवस के दिन सांसद बृजेंद्र सिंह द्वारा प्रदेश में जो भाईचारा खराब हो रहा है वो आपस में बना रहे इसको लेकर सद्भाव यात्रा निकालने की घोषणा की थी।
बृजेंद्र सिंह निरंतर इस यात्रा को लेकर अलग-अलग जिलों में कार्यकर्ताओं के साथ मीटिंग कर चुके है। पूरे हरियाणा को वो करीब छह महीने तक पैदल नापेंगे। अलग-अलग चरणों में यात्रा होगी। यात्रा से पहले 21 सितंबर को बरवाला में बरवाला, उकलाना हलके की मीटिंग होगी। बीरेंद्र सिंह ने कहा है कि कांग्रेस एकजुट होकर लोगों के हितों की लड़ाई लड़ेगी। भाजपा ने हमेशा जात-पात की राजनीति की है। प्रदेश को जात-पात में बांटकर भाईचारा को खराब करने की कोशिश भाजपा कर रही है। हरियाणा का भाईचारा सबसे बड़ी मिसाल रहा है। बृजेंद्र सिंह की अगुवाई में सदभाव यात्रा निकालने का सबसे बड़ा उद्देश्य भाईचारा को आपस में बनाए रखना है।

