Haryana में गरीबी रेखा से नीचे जीवन जीने वाले 48 लाख से ज़्यादा परिवारों को अब सरसों के तेल के लिए अपनी जेब ज्यादा ढीली करनी पड़ेगी। अब तक ये परिवार हर महीने 40 रुपये में दो लीटर फोर्टिफाइड सरसों का तेल सरकारी राशन डिपो से खरीदते थे। लेकिन अब सरकार ने कीमत बढ़ाकर दो स्लैब बना दिए हैं। नई व्यवस्था के तहत एक लीटर तेल के लिए 30 रुपये देने होंगे। यानी अगर कोई परिवार दो लीटर तेल लेता है तो उसे 100 रुपये खर्च करने पड़ेंगे। यह नई कीमतें जुलाई से ही लागू हो जाएंगी और सभी राशन डिपो पर बढ़ी हुई राशि वसूली जाएगी।
सरकार का फैसला और मंत्री का दावा
हरियाणा खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के निदेशक ने मंगलवार को सभी ज़िला खाद्य नियंत्रकों को निर्देश जारी कर दिए हैं कि डिपो होल्डर उपभोक्ताओं से बढ़ी हुई कीमत की राशि वसूल करें। इस पत्र की कॉपी सभी ज़िलों के उपायुक्तों को भी भेजी गई है। राज्य के खाद्य एवं आपूर्ति राज्यमंत्री राजेश नागर का कहना है कि पिछले सात सालों से सरसों के तेल की कीमत में कोई बदलाव नहीं किया गया था। अब केवल मामूली बढ़ोतरी की गई है। उनका तर्क है कि एक गरीब परिवार को एक लीटर से ज़्यादा तेल की आवश्यकता नहीं होती और अगर किसी को दो लीटर चाहिए तो 100 रुपये देना कोई बड़ी बात नहीं है।

तेल उत्पादन खर्च बढ़ने का हवाला
राज्यमंत्री राजेश नागर का कहना है कि सरसों की खरीद और तेल निकालने की लागत बढ़ गई है जिसके चलते यह कीमतें बढ़ानी पड़ी हैं। हालांकि, उनका दावा है कि इससे ज़रूरतमंदों पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि सरकार गरीबों की चिंता करती है और इस वृद्धि से केवल वही प्रभावित होंगे जो अधिक तेल लेना चाहते हैं। लेकिन सवाल यह उठता है कि जो परिवार पांच से छह सदस्यों के हैं, उनके लिए एक लीटर तेल पूरे महीने के लिए कैसे पर्याप्त होगा।
विपक्ष का हमला और गरीबों की चिंता
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और रोहतक के सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने सरकार के इस फैसले की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि यह गरीबों की थाली से निवाला छीनने जैसा है। अब तक जो तेल 20 रुपये प्रति लीटर में मिलता था, अब उसकी कीमत सीधे 30 से 50 रुपये प्रति लीटर हो गई है। उन्होंने इसे गरीब विरोधी फैसला बताया है और सरकार से यह वृद्धि वापस लेने की मांग की है। यह भी कहा कि सरकार को तेल की कीमतों पर नहीं बल्कि भ्रष्टाचार और लापरवाही पर € चाहिए ताकि गरीबों को राहत मिल सके।


