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  • हरियाणा की योजना के सहारे भाजपा की पंजाब और बिहार की चुनाव वैतरणी पार करने की योजना  ‘दीनदयाल लाडो लक्ष्मी’ योजना लांच

    हरियाणा की योजना के सहारे भाजपा की पंजाब और बिहार की चुनाव वैतरणी पार करने की योजना ‘दीनदयाल लाडो लक्ष्मी’ योजना लांच

    हरियाणा की महत्वाकांक्षी ‘दीनदयाल लाडो लक्ष्मी’ योजना को प्रदेश सरकार ने राष्ट्रीय स्वरूप देने और इसका बिहार से पंजाब तक राजनीतिक लाभ लेने की तैयारी शुरू कर दी है। अब यह योजना भाजपा की चुनावी रणनीति का अहम हिस्सा बन चुकी है। मुख्यमंत्री नायब सैनी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिलकर इस योजना की पहली किस्त उनके हाथों से दिलाने का अनुरोध करेंगे। भाजपा की मंशा साफ है कि इस योजना को हरियाणा तक सीमित न रखकर बिहार और पंजाब जैसे राज्यों जहां निकट भविष्य में चुनाव होने वाले हैं, वहां इसको प्रचारित कर इसका राजनीतिक लाभ लेना भी है।

    हरियाणा के मुख्यमंत्री ने आज पंचकूला में राज्य स्तरीय समारोह में लाडो लक्ष्मी योजना का रजिस्ट्रेशन ऐप लॉन्च कर दिया। इस दिन सभी जिलों में मंत्रियों, सांसदों और विधायकों के जरिए भी यही ऐप लॉन्च कराया गया। ताकि इसे एक बड़े सामूहिक कार्यक्रम का रूप दिया जा सके। सरकार ने इस लॉन्च को लेकर इतनी गंभीरता दिखाई है कि 22 और 23 सितंबर की सार्वजनिक छुट्टियों के बावजूद समाज कल्याण, स्वास्थ्य और नागरिक संसाधन सूचना विभाग के अफसरों की ड्यूटी लगी रही। पोर्टल का काम पूरा हो चुका है और लॉन्चिंग से पहले हर स्तर पर इसकी टेस्टिंग करवाई गई है।

    हरियाणा की योजना के सहारे भाजपा की पंजाब और बिहार की चुनाव वैतरणी पार करने की योजना  ‘दीनदयाल लाडो लक्ष्मी’ योजना लांच

    भाजपा सूत्रों का कहना है कि पहले सरकार इसे एक साथ एक लाख 80 हजार रुपए तक की पारिवारिक आय वाली महिलाओं के लिए लागू करने वाली थी लेकिन इसमें दिक्कत आ सकती थी इसलिए सरकार ने इसे तीन चरणों में लागू करने का फैसला किया है। पहले चरण में यह योजना एक लाख रुपए वार्षिक आय वाले परिवारों के लिए है और दूसरे चरण में यह योजना एक लाख 80 हजार रुपए वार्षिक आय वाले परिवारों के लिए आ जाएगी। इसके बाद 3 लाख रुपए सालाना आय वाले परिवार भी इसमें शामिल होंगे। पहले चरण में यह योजना 20 लाख महिलाओं को लाभान्वित करेगी लेकिन जब इसके तीनों चरण पूरे हो जाएंगे तो इसे 50 लाख महिलाओं को लाभ मिलने लगेगा।

    मुख्यमंत्री नायब सैनी के लिए यह योजना उनकी राजनीतिक साख से भी जुड़ी हुई है। भाजपा नेतृत्व उन्हें एक जनहितकारी और ठोस फैसले लेने वाले मुख्यमंत्री के रूप में प्रोजेक्ट करना चाहता है। यही वजह है कि सैनी खुद मॉनिटरिंग कर रहे हैं और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं कर रहे। इस योजना के साथ ही हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी देवीलाल और बंसीलाल की श्रेणी में आकर खड़े हो गए हैं। जानकारों का मानना है कि अगर यह योजना बिना अड़चनों के लागू हो जाती है तो सैनी न सिर्फ राज्य में अपनी पकड़ मजबूत करेंगे, बल्कि राष्ट्रीय नेतृत्व की नजरों में भी भरोसेमंद चेहरे के रूप में उभरेंगे।

    बता दें कि 2024 विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने महिलाओं को 2100 रुपए प्रति माह देने का वादा किया था। बजट में इस मद के लिए 5000 करोड़ रुपए का प्रावधान भी कर दिया गया था। सरकार ने इस योजना को ऐसे हिसाब से जारी किया है कि जो सरकार ने अपने बजट में 5000 करोड रुपए का प्रावधान किया है फिलहाल उसे 5000 करोड रुपए में काम चल जाएगा। नए बजट में इसकी राशि बढ़ाकर सिर्फ 8000 करोड़ से 10 हजार करोड़ रुपए किए जाने का प्रावधान की बात सामने आ रही है।

    अब सरकार ने नई सरकार की गठन के 1 साल पूरा होने से पहले ही इस योजना की शुरुआत कर जनता के बीच यह संदेश देना चाहा है कि भाजपा अपने वादों को निभाती है। माना जा रहा है कि यह कदम विपक्ष की उस आलोचना को कमजोर कर देगा जिसमें सरकार पर चुनावी घोषणाएं भूल जाने का आरोप लगाया जाता रहा है।

    बिहार में इसी साल और पंजाब में 2027 में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं और भाजपा हरियाणा की इस योजना को पंजाब और बिहार में प्रचारित करने का काम करेगी ताकि उसे इन राज्यों में राजनीतिक लाभ मिल सके और वहां की महिलाओं को पार्टी के साथ जोड़ना आसान हो सके।

    21 लाख महिलाओं तक पहुंचेगा लाभ

    योजना के पहले फेज में राज्य की करीब 21 लाख महिलाओं को शामिल किया गया है। इनमें उन परिवारों की महिलाएं हैं जिनकी सालाना आय एक लाख रुपए से कम है। 23 से 45 साल की 2 लाख 82 हजार 635 अविवाहित महिलाएं हैं, जो इसमें कवर होंगी। इसी तरह 18 लाख 16 हजार 621 विवाहित लाभार्थी महिलाएं हैं, जिनकी उम्र 23 से 60 साल है। 60 वर्ष की उम्र पूरी होने के बाद वृद्धावस्था पेंशन का लाभ आटोमेटिक तरीके से मिलना शुरू हो जाएगा। इस योजना में आने वाली महिलाओं को इस बात का विशेष ध्यान रखना होगा कि 2 महीने में कम से कम एक बार वह अपने इस पैसे को निकाल लें। यह पैसा नहीं निकाले जाने की सूरत में यह राशि बंद हो जाएगी।

  • राज्यसभा में ई-वाहन सब्सिडी पर Kiran Chaudhary का सवाल, सरकार ने खोली योजना की परतें

    राज्यसभा में ई-वाहन सब्सिडी पर Kiran Chaudhary का सवाल, सरकार ने खोली योजना की परतें

    Kiran Chaudhary: सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए 29 सितंबर 2024 को एक नई योजना की शुरुआत की है जिसका नाम पीएम ई-ड्राइव योजना है। इस योजना के लिए 10,900 करोड़ रुपए का बजट तय किया गया है। इस योजना के तहत दो पहिया, तीन पहिया, ई-एम्बुलेंस और ई-ट्रकों पर सीधी सब्सिडी दी जाएगी। इसका मतलब है कि वाहन खरीदने वाले ग्राहकों को सीधा लाभ मिलेगा और बाद में निर्माता कंपनी सरकार से उसका दावा कर सकेगी।

    ई-वाहनों की खरीद के लिए बड़ा आवंटन

    केंद्र सरकार ने योजना के तहत विभिन्न इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए बजट को अलग-अलग भागों में बांटा है। ई-2डब्ल्यू, ई-3डब्ल्यू, ई-एम्बुलेंस और ई-ट्रकों के लिए कुल 3,679 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। वहीं, 14,028 ई-बसों की खरीद के लिए 4,391 करोड़ रुपए का अलग से बजट तय किया गया है। इससे पब्लिक ट्रांसपोर्ट में भी बड़ी क्रांति आने की उम्मीद है और लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।

    राज्यसभा में ई-वाहन सब्सिडी पर Kiran Chaudhary का सवाल, सरकार ने खोली योजना की परतें

    उद्योगों को मिलेगा प्रोत्साहन

    सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहन और उससे जुड़े पुर्जों के निर्माण को प्रोत्साहित करने के लिए पीएलआई ऑटो योजना को भी लागू किया है। इस योजना को सितंबर 2021 में मंजूरी दी गई थी और इसके लिए 25,938 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है। इस योजना के तहत ई-वाहन बनाने वाली कंपनियों को उनकी बिक्री के आधार पर 13% से 18% तक की प्रोत्साहन राशि मिलेगी। वहीं, एडवांस ऑटो टेक्नोलॉजी घटकों के लिए 8% से 13% तक का लाभ मिलेगा।

    बैटरी निर्माण में आत्मनिर्भरता की ओर कदम

    सरकार ने मई 2021 में 18,100 करोड़ रुपए की पीएलआई योजना को मंजूरी दी थी जिसका मकसद देश में ही एडवांस कैमिस्ट्री सेल (ACC) बैटरियों का निर्माण करना है। इसका लक्ष्य 50 गीगावाट घंटे की बैटरी उत्पादन क्षमता को स्थापित करना है। इस कदम से भारत न केवल आत्मनिर्भर बनेगा बल्कि वैश्विक बैटरी निर्माण में भी प्रतिस्पर्धा कर सकेगा।

    योजनाओं की होगी नियमित समीक्षा

    केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने जानकारी दी है कि सरकार द्वारा शुरू की गई सभी योजनाओं की समय-समय पर समीक्षा की जाएगी। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि योजनाओं का क्रियान्वयन सही दिशा में हो और उसका लाभ वास्तव में आम जनता और उद्योग जगत को मिले। इससे देश में स्वच्छ और हरित ऊर्जा की ओर एक मजबूत कदम बढ़ेगा।