Tag: Chief Minister Nayab Saini

  • फतेहाबाद में राजनीतिक और कानूनी संकट, CM नायब सैनी के फतेहाबाद दौरे से पहले BJP के 3 अधिकारियों और 2 समर्थकों के खिलाफ FIR दर्ज

    फतेहाबाद में राजनीतिक और कानूनी संकट, CM नायब सैनी के फतेहाबाद दौरे से पहले BJP के 3 अधिकारियों और 2 समर्थकों के खिलाफ FIR दर्ज

    फतेहाबाद में मुख्यमंत्री नायब सैनी के आगमन से पहले तीन BJP अधिकारियों और दो समर्थकों के खिलाफ FIR दर्ज की गई। यह FIR CJM सुषा जावा की अदालत के आदेश पर दर्ज की गई। हालांकि साइबर थाना पुलिस को FIR दर्ज करने में एक सप्ताह का समय लगा।

    विनय शर्मा की शिकायत के बाद हुई कार्रवाई

    पूर्व जिला बार एसोसिएशन अध्यक्ष अधिवक्ता विनय शर्मा ने SP को शिकायत दी थी। विनय शर्मा ने आरोप लगाया कि देशद्रोह के आरोपी ताज मोहम्मद के केस को लेने के बाद BJP कार्यकर्ताओं ने उनके खिलाफ अभद्र टिप्पणियां की। उन्हें ‘सेटिंग बाज’ कहा गया और फेसबुक पर कई आपत्तिजनक पोस्ट लिखे गए।

    फतेहाबाद में राजनीतिक और कानूनी संकट, CM नायब सैनी के फतेहाबाद दौरे से पहले BJP के 3 अधिकारियों और 2 समर्थकों के खिलाफ FIR दर्ज

    BJP अधिकारियों और समर्थकों के खिलाफ धाराएं

    साइबर थाना पुलिस ने इस मामले में जिला कार्यकारिणी सदस्य धानंजय अग्रवाल, किसान मोर्चा के जिला सचिव लायक राम गढ़वाल, CA सेल के जिला प्रमुख CA ललित जगा और समर्थक सज्जन गोदारा और दीपक सोनी के खिलाफ धारा 196(1), 197(1), 391(2), 356(2) और 46 BNS के तहत FIR दर्ज की।

    ताज मोहम्मद का फेसबुक पोस्ट विवाद

    इस मामले की पृष्ठभूमि में 10 मई को भारत-पाकिस्तान के बीच संघर्षविराम की घोषणा के बाद फतेहाबाद के ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञ मुश्ताक अहमद उर्फ ताज मोहम्मद ने अपने फेसबुक अकाउंट पर तीन वीडियो पोस्ट किए थे। इन वीडियो में पीएम मोदी को बड़ी गलती करते दिखाया गया और पाकिस्तान की जीत दर्शाई गई। इसके बाद BJP नेताओं ने ताज मोहम्मद के खिलाफ देशद्रोह का केस दर्ज कराया।

    विधिक लड़ाई और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप

    ताज मोहम्मद का केस अधिवक्ता विनय शर्मा लड़ रहे हैं। वहीं BJP जिला उपाध्यक्ष जगदीश राय शर्मा, मंडल अध्यक्ष विकास शर्मा और मंडल उपाध्यक्ष परम् जीत बेनीवाल ने शहर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करवाई। मामला राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से काफी संवेदनशील बन गया है।

  • हरियाणा में विपक्षी नेता की नियुक्ति पर कांग्रेस में उठी नई लहर, MLA बोले- विपक्षी नेता की नियुक्ति जरूरी

    हरियाणा में विपक्षी नेता की नियुक्ति पर कांग्रेस में उठी नई लहर, MLA बोले- विपक्षी नेता की नियुक्ति जरूरी

    हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र से एक दिन पहले कांग्रेस पार्टी में विपक्षी नेता की मांग जोर पकड़ रही है। कांग्रेस विधायक जसी पेटवार ने कहा कि विपक्षी नेता का होना बहुत जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि इसका ऐलान अभी देरी से हो रहा है।

     राहुल गांधी से सीखने का मौका

    जसी पेटवार ने कहा कि अब जल्द ही पार्टी उच्च कमान विपक्षी नेता का ऐलान कर देगी। उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी के पास विपक्ष और सरकार के अनुभव की भरमार है। नए जिला अध्यक्ष उनसे बहुत कुछ सीख पाएंगे।

    हरियाणा में विपक्षी नेता की नियुक्ति पर कांग्रेस में उठी नई लहर, MLA बोले- विपक्षी नेता की नियुक्ति जरूरी

    हरियाणा में कानून-व्यवस्था बड़ी समस्या

    कांग्रेस विधायक ने कहा कि राज्य में अपराध और कानून-व्यवस्था सबसे बड़ी समस्या है। हर रोज़ हत्या, बलात्कार और फिरौती के मामले सामने आ रहे हैं। वहीं बेरोज़गारी में हरियाणा देश में पहले नंबर पर है। इसके बावजूद कर्मचारियों की छंटनी जारी है।

    वोट चोरी पर राहुल गांधी का मुद्दा

    जसी पेटवार ने कहा कि वोट चोरी सबसे बड़ा मुद्दा है और राहुल गांधी इसे गंभीरता से उठा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र का सबसे अधिक हनन हरियाणा में हुआ है। जल्द ही वरिष्ठ नेता भूपेंद्र हुड्डा प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कई खुलासे करेंगे।

     INLD विधायक आदित्य देवी लाल चौटाला की प्रतिक्रिया

    INLD विधायक आदित्य देवी लाल चौटाला ने कहा कि राज्य में कई मुद्दे हैं जो मानसून सत्र में उठाए जाएंगे। उन्होंने राहुल गांधी की वोट चोरी की आलोचना करते हुए कहा कि कांग्रेस अपने समय में भी यही करती थी। उन्होंने मुख्यमंत्री नायब सैनी पर झूठ बोलने का आरोप भी लगाया।

  • फर्जी जाति प्रमाण पत्र पर बड़ी कार्रवाई! पानीपत जिला परिषद की पूर्व अध्यक्ष काजल देशवाल पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज

    फर्जी जाति प्रमाण पत्र पर बड़ी कार्रवाई! पानीपत जिला परिषद की पूर्व अध्यक्ष काजल देशवाल पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज

    पानीपत जिला परिषद की पूर्व अध्यक्ष काजल देशवाल के खिलाफ धोखाधड़ी, फर्जीवाड़ा और साजिश के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई मुख्यमंत्री नायब सैनी को भेजी गई शिकायत के बाद की गई। शिकायत में कहा गया कि काजल देशवाल ने वार्ड-13 से चुनाव लड़ने के लिए बीसी-ए जाति का फर्जी प्रमाण पत्र बनाया था।

    BJP नेता की शिकायत पर जांच शुरू

    BJP नेता प्रदीप कुमार शर्मा ने शिकायत की थी कि काजल देशवाल ने वार्ड-13 से चुनाव जीतने के लिए फर्जी जाति प्रमाण पत्र का इस्तेमाल किया और ज्योति शर्मा को हटाकर अध्यक्ष बनी। इस वार्ड को पिछड़ी जातियों के लिए आरक्षित किया गया था। जांच में प्रमाण पत्र फर्जी साबित होने के बाद जून 2025 में उन्हें पद से हटाया गया।

    फर्जी जाति प्रमाण पत्र पर बड़ी कार्रवाई! पानीपत जिला परिषद की पूर्व अध्यक्ष काजल देशवाल पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज

    जांच अधिकारियों ने दी जानकारी

    ADC पंकज यादव ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर ACS से पत्र मिला जिसमें काजल की जाति पर संदेह जताया गया। इसके बाद DC ने जांच अधिकारी नियुक्त किया और DM से रिकॉर्ड प्राप्त कर पूरी रिपोर्ट ACS को सौंपी। DSP सतीश वत्स ने बताया कि मामले की जांच पहले से चल रही थी और अब आरोप साबित होने के बाद FIR दर्ज की गई है।

    अध्यक्ष पद पर अस्थिरता

    पिछले तीन सालों में पानीपत जिला परिषद के अध्यक्ष पद पर दो बार बदलाव हुआ। पहली बार ज्योति शर्मा को BJP के समर्थन से अध्यक्ष बनाया गया था। लेकिन विरोध शुरू होने के बाद उन्हें मार्च 2024 में पद छोड़ना पड़ा। इसके बाद जून 2024 में काजल देशवाल ने अध्यक्ष पद संभाला। हालांकि, उनका पद एक साल बाद फर्जी जाति प्रमाण पत्र साबित होने पर खाली हो गया।

    BJP सदस्य बनने के बाद विवाद

    काजल देशवाल ने अध्यक्ष बनने के बाद BJP का दामन थामा और राज्य अध्यक्ष मोहन लाल बरोली के निर्देशों पर काम करने की बात कही। उनके फर्जी प्रमाण पत्र का खुलासा होने के बाद अब अध्यक्ष पद रिक्त है और जिला परिषद में राजनीतिक हलचल जारी है।

  • Haryana News: मुख्यमंत्री को भेंट की गई काव्य भावनाओं से भरी पुस्तक! डॉ. अनुज नरवाल की तीसरी किताब ‘कुछ तो सुना यार पपीहे’ ने बटोरी सराहना

    Haryana News: मुख्यमंत्री को भेंट की गई काव्य भावनाओं से भरी पुस्तक! डॉ. अनुज नरवाल की तीसरी किताब ‘कुछ तो सुना यार पपीहे’ ने बटोरी सराहना

    Haryana News: चंडीगढ़ में आयोजित हुए एक विशेष संवाद कार्यक्रम में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी को वरिष्ठ पत्रकार और लेखक डॉ. अनुज नरवाल रोहतकी ने अपनी नई पुस्तक ‘कुछ तो सुना यार पपीहे’ भेंट की। यह पुस्तक काव्य भावनाओं से भरी हुई है और सामाजिक संवेदनाओं को गहराई से छूती है। मुख्यमंत्री ने इसे सराहते हुए कहा कि ऐसे साहित्यिक प्रयास समाज में सकारात्मक सोच को जन्म देते हैं।

    डिजिटल पत्रकारों से हुई खास मुलाकात

    इस संवाद कार्यक्रम में प्रदेशभर से आए फेसबुक और यूट्यूब आधारित सोशल मीडिया न्यूज़ चैनलों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। सभी प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर डिजिटल पत्रकारिता, फेक न्यूज़, स्वतंत्र रिपोर्टिंग और युवाओं की भूमिका जैसे मुद्दों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने सभी के सुझावों को गंभीरता से सुना और भविष्य में सहयोग का आश्वासन दिया।

    Haryana News: मुख्यमंत्री को भेंट की गई काव्य भावनाओं से भरी पुस्तक! डॉ. अनुज नरवाल की तीसरी किताब ‘कुछ तो सुना यार पपीहे’ ने बटोरी सराहना

    लेखक डॉ. अनुज नरवाल की तीसरी पुस्तक

    डॉ. अनुज नरवाल रोहतकी की यह तीसरी प्रकाशित पुस्तक है। इससे पहले उनका ग़ज़ल संग्रह ‘वो जैसा भी है मेरा है’ और ‘इंक टू पिक्सल’ नामक डिजिटल पत्रकारिता पर आधारित पुस्तक भी काफी चर्चा में रही हैं। उनकी लेखनी में सामाजिक चेतना, आत्ममंथन और मानवीय भावनाओं की गहराई साफ़ झलकती है। उनकी इस नई पुस्तक ने एक बार फिर पाठकों और समीक्षकों का ध्यान खींचा है।

    युवाओं की भागीदारी को सराहना

    मुख्यमंत्री नायब सैनी ने डिजिटल पत्रकारिता में युवाओं की बढ़ती भागीदारी की तारीफ़ की। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी अब तेजी से मीडिया और संवाद के नए रूपों को अपना रही है। यह एक सकारात्मक संकेत है जो समाज में जागरूकता और पारदर्शिता लाने में मदद करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार इस दिशा में आवश्यक सहयोग देने को तत्पर है।

    साहित्य और संवाद की अनोखी पहल

    यह कार्यक्रम न केवल संवाद का माध्यम बना बल्कि साहित्य और पत्रकारिता के बीच सेतु जैसा साबित हुआ। जहां एक ओर मीडिया प्रतिनिधियों ने अपनी बात रखी वहीं दूसरी ओर एक साहित्यिक रचना मुख्यमंत्री को भेंट कर सामाजिक सोच को नई दिशा देने की कोशिश की गई। यह पहल साबित करती है कि साहित्य, पत्रकारिता और शासन अगर साथ आएं तो समाज में बड़ा बदलाव संभव है।

  • Haryana News: आयुष्मान योजना में संकट! 500 करोड़ के बकाए ने रोका इलाज, डॉक्टर बोले- अब और नहीं सहेंगे इंतजार

    Haryana News: आयुष्मान योजना में संकट! 500 करोड़ के बकाए ने रोका इलाज, डॉक्टर बोले- अब और नहीं सहेंगे इंतजार

    Haryana News: हरियाणा में 7 अगस्त से प्राइवेट अस्पताल संचालकों ने आयुष्मान कार्ड पर इलाज बंद करने का ऐलान किया है। प्राइवेट स्थान का करीब 500 करोड़ रूपया सरकार की तरफ इस मद में अटका हुआ है। अस्पताल संचालकों ने इससे पहले जनवरी में भी इलाज बंद करने की घोषणा की थी और 3 फरवरी को एक बार इलाज बंद किया भी था लेकिन सरकार और डॉक्टर के बीच बातचीत के बाद इलाज फिर से शुरू हो गया था। पिछले 5 महीने में सरकार ने अस्पताल संचालकों को इतना पैसा भी नहीं दिया है कि जो पैसा इन 5 महीनों के दौरान बनता था। 5 महीने पहले करीब 400 करोड़ रूपया सरकार की तरफ बकाया था लेकिन अब यह राशि बढ़कर 500 करोड़ रूपया हो गई है।

    60% लोगों के पास है कार्ड

    हरियाणा की कुल अनुमानित आबादी 3 करोड़ 16 लाख है और 60% लोगों के पास इस समय आयुष्मान कार्ड या चिरायु कार्ड है। ऐसे में अगर इलाज बंद होता है तो यह 60% लोग प्रभावित होंगे। बात अगर हरियाणा में आयुष्मान के पैनल पर अस्पतालों की करें तो 1000 से ज्यादा निजी अस्पताल सरकार के पैनल पर है। इन स्थानों का 500 करोड़ रूपया अटका हुआ है।

    Haryana News: आयुष्मान योजना में संकट! 500 करोड़ के बकाए ने रोका इलाज, डॉक्टर बोले- अब और नहीं सहेंगे इंतजार

    क्या है समस्या

    सरकार के साथ बैठकें तो होती रही लेकिन भुगतान नहीं हुआ। आईएमए के पदाधिकारियों का कहना है कि यदि आयुष्मान कार्ड धारकों का इलाज नहीं होता है तो इसकी जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग के उन अधिकारियों की होगी जो बैठक करने के बावजूद उनमें होने वाले फैसले लागू नहीं करते हैं। 8 जनवरी को मुख्यमंत्री नायब सैनी के साथ बैठक में भरोसा दिया गया था कि सभी अस्पतालों के लंबित भुगतान 15 दिन में कर दिए जाएंगे। परंतु 3 फरवरी को मुख्य सचिव और मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव के साथ बैठक हुई जिसमें फिर भरोसा दिलाया गया की 10 मार्च के बाद सभी व्यवस्थाएं पटरी पर आ जाएंगी। लेकिन अभी तक भी किसी व्यवस्था में सुधार नहीं हो पाया है।

    जींद की क्या है स्थिति

    इस मामले में आईएमए के जिला प्रधान डॉ अनिल जैन का कहना है कि जींद के डॉक्टर के करीब 20 करोड रुपए सरकार के पास अटके हुए हैं। उनका कहना है कि इसमें कुछ डॉक्टर के काम है और कुछ के ज्यादा लेकिन हर डॉक्टर के पैसे अटके हुए हैं। वह बताते हैं कि आज स्थित है कि जब भी कोई नया अस्पताल खुलता है वह खुद को सरकार के इस पैनल पर लाना चाहता है। क्योंकि आम आदमी का मानना है कि सरकार का पैसा लेट हो सकता है लेकिन आ जाएगा। डॉ अनिल जैन का कहना है कि यह स्थिति सही नहीं है। उन्होंने बताया कि कांग्रेस सरकार के दौरान राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना चलती थी और जब देश और प्रदेश में सत्ता परिवर्तन हुआ तो डॉक्टर के करोड़ों रुपए इस योजना के फंस गए और आज तक वह पैसा नहीं आया है और अब उसके आने के लिए कोई उम्मीद नहीं है। उन्होंने बताया कि आयुष्मान योजना के अंतर्गत सरकार की नीतियों के अनुसार बिल तैयार किए जाते हैं लेकिन कई बार तो ऐसा होता है कि 45000 के बिल में से 5-7 हजार का भुगतान कर दिया जाता है और उसके बाद डॉक्टर मेल पर मेल करते हैं लेकिन उनका कोई जवाब नहीं आता।

    इलाज के लिए प्राइवेट अस्पताल की ओर जाते हैं मरीज

    जिन लोगों के पास आयुष्मान कार्ड है वह सरकारी अस्पताल में जाने की बजाय प्राइवेट अस्पताल की ओर भागते हैं। हमारे द्वारा जुटाए गए आंकड़ों के अनुसार 80% सर्जरी आयुष्मान कार्ड पर हो रही है। मेडिकल के मामले में सरकार ने बहुत सी बाधाएं लगा रखी है लेकिन इसके बावजूद 30% मेडिकल आयुष्मान कार्ड पर हो रहा है। अगर सरकार द्वारा यह कैप्स नहीं लगाई जाती तो यह आंकड़ा 90% तक जा सकता था। आयुष्मान कार्ड धारक यह मानता है कि जब उसके पास कार्ड है तो वह सरकारी अस्पताल में क्यों जाए? वह ऐसे अस्पताल को चुनता है, जो आयुष्मान के पैनल पर होता है।

    सरकार की तरफ बढ़ता पैसा चिंता का विषय

    जींद आईएमए के प्रधान डॉक्टर अनिल जैन का कहना है कि सरकार की तरफ डॉक्टर का बकाया लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि यह चिंता की बात है कि सरकार इस भुगतान को कम करने की तरफ कोई ध्यान नहीं दे रही है। असल में समस्या यह भी है कि सरकार की ओर से कार्ड तो बनाए जा रहे हैं लेकिन बजट बढ़ाने की तरफ कोई ध्यान नहीं है।

    क्या कहती है सांसद कुमारी शैलजा

    इस मामले में सांसद कुमारी शैलजा का कहना है कि प्राइवेट अस्पताल संचालकों ने 7 अगस्त की रात से आयुष्मान योजना में इलाज बंद करने की घोषणा की है। अगर जरूरतमंदों का इलाज ही बंद कर दिया गया तो सरकार की इस मनमानी के कारण बहुत से लोगों का जीवन संकट में पड़ जाएगा। उन्होंने कहा कि हर बार डॉक्टरों को कड़ा रुख अपनाना पड़ता है जो सही नहीं है।

    क्या कहता है मुख्यमंत्री कार्यालय

    इस मामले में जब मुख्यमंत्री के मीडिया कोऑर्डिनेटर अशोक छाबड़ा से बात की गई तो उन्होंने कहा कि सरकार डॉक्टरों का भुगतान लगातार कर रही है लेकिन अगर फिर भी कोई अड़चन है तो उसे समय रहते हल कर लिया जाएगा। अशोक छाबड़ा ने कहा कि किसी भी सूरत में लोगों को इलाज में परेशानी नहीं आने दी जाएगी।

  • Haryana News: मुख्यमंत्री नायब सैनी की अगुवाई में भाजपा की बड़ी बैठक! 9 महीने की सरकार का रिपोर्ट कार्ड तैयार करने की तैयारी

    Haryana News: मुख्यमंत्री नायब सैनी की अगुवाई में भाजपा की बड़ी बैठक! 9 महीने की सरकार का रिपोर्ट कार्ड तैयार करने की तैयारी

    Haryana News: हरियाणा में मुख्यमंत्री नायब सैनी की सरकार को 9 महीने पूरे हो गए हैं और अब इस अवधि का मूल्यांकन करने के लिए मंगलवार को भाजपा विधायक दल की बैठक बुलाई गई है। इस बैठक की अध्यक्षता खुद मुख्यमंत्री नायब सैनी करेंगे और पार्टी के सभी विधायकों से फील्ड की वास्तविक स्थिति की जानकारी ली जाएगी। इसके साथ ही सरकार द्वारा किए गए कार्यों और योजनाओं की समीक्षा की जाएगी ताकि जनता से किए गए वादों की पूर्ति का जायजा लिया जा सके।

    संकल्प पत्र पर भी होगी चर्चा

    बैठक में 2024 के चुनावी संकल्प पत्र यानी ‘संकल्प पत्र’ में किए गए वादों पर भी विस्तार से बातचीत होगी। मुख्यमंत्री सैनी यह जानना चाहते हैं कि जो योजनाएं और घोषणाएं सरकार ने संकल्प पत्र में की थीं वे जमीन पर कितनी उतरी हैं। इसके लिए विधायकों से फीडबैक लिया जाएगा और यदि कहीं कोई कमी रह गई हो तो उसे समय रहते दूर किया जा सकेगा। यह बैठक पार्टी की आगामी रणनीतियों की दिशा तय करने में भी अहम मानी जा रही है।

    Haryana News: मुख्यमंत्री नायब सैनी की अगुवाई में भाजपा की बड़ी बैठक! 9 महीने की सरकार का रिपोर्ट कार्ड तैयार करने की तैयारी

    42 हारी हुई सीटों को लेकर बनाई जाएगी रणनीति

    इस बैठक में भाजपा की सबसे बड़ी चिंता 2024 के विधानसभा चुनावों में हारी गई 42 सीटों को लेकर भी है। पार्टी पहले ही ‘मिशन-2029’ की शुरुआत कर चुकी है और अब हर विधायक को इन हारी हुई सीटों की जिम्मेदारी दी जाएगी। इसके तहत हर विधायक को एक-एक सीट का प्रभार सौंपा जाएगा और वहां जाकर जनता के बीच सरकार की नीतियों को समझाना होगा।

    ‘सबका साथ-सबका विकास’ का संदेश देना मकसद

    भाजपा का लक्ष्य यह है कि विपक्षी क्षेत्रों में भी सरकार की नीतियों और योजनाओं को पहुंचाया जाए और जनता को भरोसा दिलाया जाए कि सरकार किसी भेदभाव के बिना विकास कर रही है। हर विधायक को विपक्ष के कब्जे वाली एक सीट का दौरा करना होगा। वहां के लोगों की समस्याएं सुननी होंगी और उनका समाधान करने का प्रयास करना होगा। इस तरह सरकार अपने ‘सबका साथ-सबका विकास’ के संकल्प को मजबूती से दोहराएगी।

    विधायकों को सौंपा जाएगा नया काम

    बैठक में यह भी तय किया जाएगा कि इन विपक्षी सीटों पर सिर्फ पार्टी कार्यकर्ता ही नहीं बल्कि मंत्री और विधायक भी सक्रिय रूप से जुड़ें। इन क्षेत्रों में जनता से सीधा संवाद स्थापित करना होगा। इसके लिए विधायकों और मंत्रियों को लगातार क्षेत्रीय दौरों पर रहना होगा और उनके साथ पार्टी के वरिष्ठ नेता भी शामिल होंगे। इससे पार्टी 2029 के विधानसभा चुनाव की मजबूत नींव रखने की कोशिश कर रही है।

  • Haryana News: गढ़ीबाला के गरीबों की अनोखी लड़ाई! वादों की चिट्ठियां झोटे पर चिपकाकर पूछे सवाल

    Haryana News: गढ़ीबाला के गरीबों की अनोखी लड़ाई! वादों की चिट्ठियां झोटे पर चिपकाकर पूछे सवाल

    Haryana News: गढ़ीबाला गांव के बीपीएल परिवारों को प्लॉट की रजिस्ट्री और कब्जा दिलाने की मांग अब आंदोलन का रूप ले चुकी है। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने 7 जून 2024 को इन परिवारों को मालिकाना हक के पत्र तो जरूर दिए थे लेकिन हकीकत यह है कि जमीन की रजिस्ट्री और कब्जा अभी तक नहीं मिल पाया। इन परिवारों को एक साल से ज्यादा हो चुका है पर अब तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

    झोटे के साथ प्रदर्शन बना सुर्खियों का कारण

    इस बार प्रदर्शन का तरीका भी बहुत अलग था। जिला पार्षद संजय बड़वासनिया ने पात्र परिवारों के साथ मिलकर एक झोटे के साथ छोटूराम चौक से उपायुक्त कार्यालय तक मार्च निकाला। झोटे के शरीर पर मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए मालिकाना हक के पत्र चिपकाए गए थे। इस प्रदर्शन ने प्रशासन की नींद उड़ा दी। डीसी कार्यालय पहुंचते ही प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी शुरू कर दी और झोटे को वहीं बैठा दिया गया।

    Haryana News: गढ़ीबाला के गरीबों की अनोखी लड़ाई! वादों की चिट्ठियां झोटे पर चिपकाकर पूछे सवाल

    प्रशासन पर खुलेआम अनदेखी का आरोप

    संजय बड़वासनिया ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के सार्वजनिक मंच से की गई घोषणा के बावजूद अधिकारी जानबूझकर आदेशों को नजरअंदाज कर रहे हैं। उन्होंने इसे गरीबों के साथ अन्याय करार दिया। उनका कहना है कि यदि जल्द ही कोई समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज होगा। यह मामला सिर्फ गढ़ीबाला का नहीं बल्कि पूरे हरियाणा के गरीबों की आवाज बन चुका है।

    बड़े आंदोलन की चेतावनी

    बड़वासनिया ने प्रशासन को चेताया है कि यदि पांच दिन के भीतर कार्रवाई नहीं हुई तो वे 21 झोटों के साथ बड़ा प्रदर्शन करेंगे। उनका कहना है कि यह आंदोलन अब गरीबों ही नहीं बल्कि किसानों, व्यापारियों और मजदूरों की भी लड़ाई बन गया है। उन्होंने इसे सम्मान और अधिकार की लड़ाई करार दिया। इससे साफ है कि यह मामला अब राजनीतिक रूप लेने की ओर बढ़ रहा है।

    समर्थन में उतरे सामाजिक कार्यकर्ता और ग्रामीण

    इस विरोध प्रदर्शन में केवल ग्रामीण ही नहीं बल्कि सामाजिक कार्यकर्ता और रिटायर्ड कर्मचारी संगठन भी शामिल हुए। ऋतुराज, कृष्ण हुड्डा, जयवीर राठी जैसे कई नेता इस प्रदर्शन में नजर आए। साथ ही गांव की महिलाएं भी बड़ी संख्या में शामिल रहीं जिससे यह आंदोलन और मजबूत दिखा। लोगों का कहना है कि अगर अब भी आवाज नहीं उठाई गई तो प्रशासन कभी सुनवाई नहीं करेगा।